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#बालाघाट गर्रा (मशीनटोला) विद्यालय में आयोजित, विद्यार्थियों को कानूनों और अधिकारों की दी गई जानकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्राणेश कुमार प्राण के मार्गदर्शन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गर्रा (मशीनटोला) में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालाघाट के सचिव श्री सतीष शर्मा ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम, निःशुल्क विधिक सहायता योजना, भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाती है तथा उसे समाज का जिम्मेदार और सक्रिय नागरिक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। श्री शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा, मोटर व्हीकल एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा नशे के दुष्परिणामों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कानूनों का पालन करने, डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने तथा सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का आग्रह किया। इस अवसर पर उन्होंने पंच अभियान की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती विद्या रामटेके, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति भी प्रेरित किया गया। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #schooledump #minlaw5

11 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

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#बालाघाट 
शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का शुभारंभ, विद्यार्थियों ने दीपकों से बनाई आकर्षक स्वास्तिक आकृति

 मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा में बुधवार से गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा का शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप किया गया। यह पखवाड़ा 15 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसका समापन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रमों के साथ होगा।

पखवाड़े के प्रथम दिवस विद्यालय में विशेष तैयारियां की गईं। विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से छात्राओं ने आटे के दीपक निर्माण की रचनात्मक गतिविधि में भाग लिया। छात्र-छात्राओं ने सदनवार आकर्षक डिजाइन के दीपक तैयार किए और दीपकों से सुंदर स्वास्तिक की आकृति बनाकर कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के प्राचार्य श्री सौरभ कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन-वंदन के साथ किया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने सामूहिक रूप से सरस्वती वंदना एवं गुरु वंदना प्रस्तुत कर अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।

इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाले शिक्षक ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार और जीवन की सही दिशा दिखाने वाले प्रेरणास्रोत होते हैं। गुरु-शिष्य परंपरा भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली धरोहर है, जिसे वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा का संरक्षण, शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना तथा विद्यार्थियों में नैतिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन करना है। पखवाड़े के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं प्रेरणादायी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनका समापन 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर होगा।

कार्यक्रम में श्री जयप्रकाश यादव, श्री राजेश धुर्वे, श्रीमती पूजा उइके, श्री पुष्पेन्द्र कुमार पालके, श्री कमल सिंह मेरावी, श्रीमती डिलेश्वरी भगत, श्रीमती स्वाति ब्रम्हनोटे, श्री सुरेश बघेल, श्री फगनू सिंह सैयाम, श्री शिवपाल टेम्भरे, श्री आशीष तिल्लासी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक, अतिथि शिक्षक एवं विद्यालय परिवार ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #SchoolEducation

#बालाघाट शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा में गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का शुभारंभ, विद्यार्थियों ने दीपकों से बनाई आकर्षक स्वास्तिक आकृति मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में शासकीय मॉडल स्कूल बिरसा में बुधवार से गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा का शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप किया गया। यह पखवाड़ा 15 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसका समापन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रमों के साथ होगा। पखवाड़े के प्रथम दिवस विद्यालय में विशेष तैयारियां की गईं। विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से छात्राओं ने आटे के दीपक निर्माण की रचनात्मक गतिविधि में भाग लिया। छात्र-छात्राओं ने सदनवार आकर्षक डिजाइन के दीपक तैयार किए और दीपकों से सुंदर स्वास्तिक की आकृति बनाकर कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के प्राचार्य श्री सौरभ कुमार शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन-वंदन के साथ किया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने सामूहिक रूप से सरस्वती वंदना एवं गुरु वंदना प्रस्तुत कर अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाले शिक्षक ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार और जीवन की सही दिशा दिखाने वाले प्रेरणास्रोत होते हैं। गुरु-शिष्य परंपरा भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली धरोहर है, जिसे वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा का संरक्षण, शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना तथा विद्यार्थियों में नैतिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन करना है। पखवाड़े के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं प्रेरणादायी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनका समापन 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर होगा। कार्यक्रम में श्री जयप्रकाश यादव, श्री राजेश धुर्वे, श्रीमती पूजा उइके, श्री पुष्पेन्द्र कुमार पालके, श्री कमल सिंह मेरावी, श्रीमती डिलेश्वरी भगत, श्रीमती स्वाति ब्रम्हनोटे, श्री सुरेश बघेल, श्री फगनू सिंह सैयाम, श्री शिवपाल टेम्भरे, श्री आशीष तिल्लासी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक, अतिथि शिक्षक एवं विद्यालय परिवार ने सक्रिय सहभागिता निभाई। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #SchoolEducation

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

#बालाघाट 
खैरलांजी महाविद्यालय में गूंजा संदेश—"नशे से दूरी है जरूरी", एनएसएस स्वयंसेवकों ने ली नशामुक्ति की शपथ

          मध्यप्रदेश शासन के "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत वीरांगना रानी अवंती बाई शासकीय महाविद्यालय, खैरलांजी में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एक दिवसीय नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर की अध्यक्षता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री रोहित कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

अपने संबोधन में प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि "नशा, नाश का द्वार है। यदि युवाओं को सशक्त बनना है तो उन्हें हर प्रकार के व्यसन से दूरी बनानी होगी।"

 

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने जीवन में कभी भी किसी प्रकार का नशा नहीं करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने "नशे से दूरी है जरूरी" विषय पर आकर्षक पोस्टर एवं नारा लेखन प्रतियोगिता में भाग लेकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। वहीं लघु भाषणों एवं कविताओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध प्रभावी जनजागरूकता का संदेश प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में श्री अमर सिंह गोंड, श्री वीरेंद्र कुमार पटले, श्रीमती शालिनी मेश्राम, डॉ. प्रतिभा राजपूत, डॉ. अशोक कुमार टेंभुरने, डॉ. विवेक खरगाल, श्री विक्रांत रंधावा, सुश्री पल्लवी ठोकर, सुश्री शिखा डहरवाल, श्री वैभव लांजेवार एवं श्री सुनील देवारे सहित महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम अधिकारी श्री रोहित कुमार पाण्डेय ने किया, जबकि डॉ. प्रतिभा राजपूत ने आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

#CMMadhyaPradesh #MPPoliceDeptt #JansamparkMP #NasheSeDooriHaiZaroori #SayNoToDrugs #DrugFreeIndia #highereducation

#बालाघाट खैरलांजी महाविद्यालय में गूंजा संदेश—"नशे से दूरी है जरूरी", एनएसएस स्वयंसेवकों ने ली नशामुक्ति की शपथ मध्यप्रदेश शासन के "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत वीरांगना रानी अवंती बाई शासकीय महाविद्यालय, खैरलांजी में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एक दिवसीय नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर की अध्यक्षता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री रोहित कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने संबोधन में प्राचार्य श्री नीरज सिंह ठाकुर ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि "नशा, नाश का द्वार है। यदि युवाओं को सशक्त बनना है तो उन्हें हर प्रकार के व्यसन से दूरी बनानी होगी।" कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई गई। सभी ने जीवन में कभी भी किसी प्रकार का नशा नहीं करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने "नशे से दूरी है जरूरी" विषय पर आकर्षक पोस्टर एवं नारा लेखन प्रतियोगिता में भाग लेकर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। वहीं लघु भाषणों एवं कविताओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध प्रभावी जनजागरूकता का संदेश प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में श्री अमर सिंह गोंड, श्री वीरेंद्र कुमार पटले, श्रीमती शालिनी मेश्राम, डॉ. प्रतिभा राजपूत, डॉ. अशोक कुमार टेंभुरने, डॉ. विवेक खरगाल, श्री विक्रांत रंधावा, सुश्री पल्लवी ठोकर, सुश्री शिखा डहरवाल, श्री वैभव लांजेवार एवं श्री सुनील देवारे सहित महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम अधिकारी श्री रोहित कुमार पाण्डेय ने किया, जबकि डॉ. प्रतिभा राजपूत ने आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। #CMMadhyaPradesh #MPPoliceDeptt #JansamparkMP #NasheSeDooriHaiZaroori #SayNoToDrugs #DrugFreeIndia #highereducation

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

#बालाघाट 
आईएफएमआईएस प्रणाली की तकनीकी समस्याओं के निराकरण को लेकर अधिकारियों की बैठक आयोजित

 संचालनालय, कोष एवं लेखा के निर्देशानुसार आईएफएमआईएस (IFMIS) सॉफ्टवेयर से संबंधित तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए बुधवार 15 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन ने की।

बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा, सहायक कोषालय अधिकारी श्री मस्करे, सुश्री पटेल सहित विभिन्न विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आईएफएमआईएस प्रणाली के माध्यम से तैयार किए जाने वाले सभी देयकों को अपने समक्ष तैयार कराएं तथा उनका सत्यापन भी ओटीपी (OTP) के माध्यम से स्वयं की उपस्थिति में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय त्रुटि से बचा जा सकेगा।

उन्होंने विशेष रूप से निर्माण विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में दोहरे भुगतान (डबल पेमेंट) की संभावना को पूरी तरह समाप्त करें। यदि किसी योजना या कार्य में दोहरा भुगतान पाया जाता है तो संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा।

बैठक में आईएफएमआईएस प्रणाली से जुड़े लंबित प्रकरणों, तकनीकी समस्याओं एवं उनके त्वरित समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रणाली के बेहतर संचालन और वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा ने बताया कि 16 एवं 17 जुलाई 2026 को जिला कोषालय, बालाघाट में विशेष "आईएफएमआईएस केयर्स कैंप (IFMIS Cares Camp)" का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को इस शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर आईएफएमआईएस से संबंधित तकनीकी समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए।

#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #gaddeptmp

#बालाघाट आईएफएमआईएस प्रणाली की तकनीकी समस्याओं के निराकरण को लेकर अधिकारियों की बैठक आयोजित संचालनालय, कोष एवं लेखा के निर्देशानुसार आईएफएमआईएस (IFMIS) सॉफ्टवेयर से संबंधित तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए बुधवार 15 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन ने की। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा, सहायक कोषालय अधिकारी श्री मस्करे, सुश्री पटेल सहित विभिन्न विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आईएफएमआईएस प्रणाली के माध्यम से तैयार किए जाने वाले सभी देयकों को अपने समक्ष तैयार कराएं तथा उनका सत्यापन भी ओटीपी (OTP) के माध्यम से स्वयं की उपस्थिति में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय त्रुटि से बचा जा सकेगा। उन्होंने विशेष रूप से निर्माण विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में दोहरे भुगतान (डबल पेमेंट) की संभावना को पूरी तरह समाप्त करें। यदि किसी योजना या कार्य में दोहरा भुगतान पाया जाता है तो संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। बैठक में आईएफएमआईएस प्रणाली से जुड़े लंबित प्रकरणों, तकनीकी समस्याओं एवं उनके त्वरित समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रणाली के बेहतर संचालन और वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर जिला कोषालय अधिकारी श्री दीपक राणा ने बताया कि 16 एवं 17 जुलाई 2026 को जिला कोषालय, बालाघाट में विशेष "आईएफएमआईएस केयर्स कैंप (IFMIS Cares Camp)" का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को इस शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर आईएफएमआईएस से संबंधित तकनीकी समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #gaddeptmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

#बालाघाट
डायरिया रोको अभियान: कटंगी एवं परसवाड़ा के गांवों में पेयजल की जांच, स्वच्छता अपनाने का दिया संदेश

बालाघाट जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम एवं ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा 'डायरिया रोको अभियान' के तहत लगातार जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बुधवार, 15 जुलाई को कटंगी एवं परसवाड़ा विकासखंड के ग्राम सेलवा, दुधारा, खजरी एवं बड़गांव में विभागीय टीम ने पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच कर ग्रामीणों को स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक किया।

कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके के निर्देशन में विभाग की सहयोगी संस्था नई रोशनी के फील्ड समन्वयकों ने संबंधित गांवों का भ्रमण कर मैदानी स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूल शिक्षकों, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।

एफटीके किट से जांची गई पेयजल की गुणवत्ता

अभियान के दौरान टीम ने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से विभिन्न पेयजल स्रोतों के पानी की रासायनिक गुणवत्ता की जांच की। साथ ही ग्रामीणों को एफटीके किट के उपयोग की विधि भी समझाई गई, ताकि वे स्वयं समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच कर दूषित पानी के सेवन से बच सकें।

हैंडवॉश के छह चरणों का कराया अभ्यास

स्वच्छता को स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी बताते हुए फील्ड समन्वयकों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को हाथ धोने की सही तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने हैंडवॉश के छह महत्वपूर्ण चरणों की जानकारी देते हुए बताया कि भोजन बनाने से पहले, भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

 स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई पर दिया जोर

अभियान के दौरान ग्रामीणों से हमेशा स्वच्छ एवं ढका हुआ पानी पीने, जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा गंदगी दिखाई देने पर तत्काल सफाई करने की अपील की गई। विभागीय टीम ने बताया कि सजगता, स्वच्छता और शुद्ध पेयजल ही डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम का सबसे कारगर उपाय है।

पीएचई विभाग ने बताया कि जिले में डायरिया रोको अभियान के तहत इस प्रकार की जनजागरूकता एवं जल गुणवत्ता जांच की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minphemp #healthminmp

#बालाघाट डायरिया रोको अभियान: कटंगी एवं परसवाड़ा के गांवों में पेयजल की जांच, स्वच्छता अपनाने का दिया संदेश बालाघाट जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम एवं ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा 'डायरिया रोको अभियान' के तहत लगातार जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बुधवार, 15 जुलाई को कटंगी एवं परसवाड़ा विकासखंड के ग्राम सेलवा, दुधारा, खजरी एवं बड़गांव में विभागीय टीम ने पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच कर ग्रामीणों को स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक किया। कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके के निर्देशन में विभाग की सहयोगी संस्था नई रोशनी के फील्ड समन्वयकों ने संबंधित गांवों का भ्रमण कर मैदानी स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूल शिक्षकों, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। एफटीके किट से जांची गई पेयजल की गुणवत्ता अभियान के दौरान टीम ने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से विभिन्न पेयजल स्रोतों के पानी की रासायनिक गुणवत्ता की जांच की। साथ ही ग्रामीणों को एफटीके किट के उपयोग की विधि भी समझाई गई, ताकि वे स्वयं समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच कर दूषित पानी के सेवन से बच सकें। हैंडवॉश के छह चरणों का कराया अभ्यास स्वच्छता को स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी बताते हुए फील्ड समन्वयकों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को हाथ धोने की सही तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने हैंडवॉश के छह महत्वपूर्ण चरणों की जानकारी देते हुए बताया कि भोजन बनाने से पहले, भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई पर दिया जोर अभियान के दौरान ग्रामीणों से हमेशा स्वच्छ एवं ढका हुआ पानी पीने, जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा गंदगी दिखाई देने पर तत्काल सफाई करने की अपील की गई। विभागीय टीम ने बताया कि सजगता, स्वच्छता और शुद्ध पेयजल ही डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम का सबसे कारगर उपाय है। पीएचई विभाग ने बताया कि जिले में डायरिया रोको अभियान के तहत इस प्रकार की जनजागरूकता एवं जल गुणवत्ता जांच की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minphemp #healthminmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026