AIMM ने मनाया 58वां स्थापना दिवस, संस्थापक डॉ. जलील फ़रीदी को किया याद
बरेली/लखनऊ। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस (AIMM) का 58वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन के संस्थापक डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. फ़रीदी ने वर्ष 1968 में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस की स्थापना कर पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों को राजनीतिक एवं सामाजिक मंच प्रदान किया था। उन्होंने अपना जीवन गरीबों, मजदूरों और समाज के कमजोर तबकों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित किया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने कहा कि डॉ. फ़रीदी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक थे। उन्होंने हमेशा दबे-कुचले और जरूरतमंद लोगों की आवाज बुलंद की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहा है। साथ ही युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में कहा गया कि समाज में भाईचारा, सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने के लिए संगठन निरंतर कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर बसी अहमद एडवोकेट राष्ट्रीय अध्यक्ष। जिला अध्यक्ष आरिफ़ करम इंद्रवी, तहसील अध्यक्ष एडवोकेट आमिर कुरैशी, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रीना हनीफ सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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