*पुण्यार्जक परिवारों ने पूजा अर्चना के साथ विराजित किए मंगल कलश*
*चित्रकूटधाम में सर्व समाज के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव 15 अगस्त से*
भीलवाड़ा:निलेश काठेड़( वरिष्ठ पत्रकार ),3 अगस्त श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के चातुर्मासिक मंगल कलश की पूजा मंत्रोच्चार के बीच हुई। मंगल कलश आयोजन स्थल सूर्यमहल परिसर में निर्मित मंदिर में पूजा अर्चना के साथ विधिवत रूप से विराजित कर दिए गए। अगले चार माह ये कलश यहां विराजित रहेंगे। इनकी पूजा होगी ओर आचार्य ज्ञानगंगा प्रवाहित करेंगे। गुरूदेव पुलकसागरजी महाराज के सानिध्य में मुख्य कलश पुण्यार्जक तिलोकचंद छाबड़ा एवं सुरेन्द्र सुराणा परिवार ने विराजित किया। चातुर्मास के पुण्यार्जक दिलीप,प्रवीण नवीन चौधरी परिवार, नंदलाल सुरेश कोठारी परिवार, सुशील सुनील लोकेन्द्र जैन परिवार, गुलाबचंद मनीष शाह परिवार, निहालचंद लोकेश अजमेरा परिवार ने भी मंगल कलश विराजमान किए। इनके साथ 100 श्रावक परिवारों को भी चातुर्मास कलश स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ। ये मंगल कलश चातुर्मास पूर्ण होने पर पुण्यार्जक परिवारों के घरों में पहुचांऐ जाएंगे जहां इनकी नित्य पूजा होगी। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि मंगल कलश विराजमान करने के दौरान भगवान एवं गुरूदेव के जयकारे लगते रहे। मंगल कलश विराजित होने के साथ चातुर्मास के धार्मिक आयोजन विधिवत रूप से प्रारंभ हो गए है। पूज्य पुलकसागर महाराज सूर्यमहल में प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक श्रद्धालुओं को अलग-अलग विषयों पर धर्म संदेश प्रदान करेंगे। चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह एवं सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि चातुर्मास का प्रमुख आकर्षण सर्व समाज के लिए ज्ञान गंगा महोत्सव 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में आयोजित किया जाएगा जिसके लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। इस महोत्सव में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्यश्री के मुखारबिंद से प्रवचन सुनने उमड़ेंगे। महोत्सव के तहत 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस, 19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी एवं 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन होंगे।