*16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह महोत्सव के लिए भूमिपूजन एवं महाध्वज स्थापना 15 अक्टूबर को*
*भीलवाड़ा में पहली बार 20 नवम्बर को होगा श्री गढ़बोर चारभुजानाथ की भव्य एतिहासिक बारात का आगमन*
भीलवाड़ा :निलेश कांठेड़ ( वरिष्ठ पत्रकार ),13 अक्टूबर धर्मनगरी भीलवाड़ा सनातन भक्ति एवं श्रद्धा का नया इतिहास रचने जा रही है जब 20 नवम्बर को 16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह महामहोत्सव का आयोजन होगा। श्री तुलसीजी से विवाह करने के लिए राजाधिराज मेवाड़ धणी श्री गढ़बोर चारभुजानाथ की प्रथम भव्य एतिहासिक बारात का आगमन भीलवाड़ा में होगा। शहर के आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउण्ड पर होने वाले इस महामहोत्सव के आयोजन 17 नवम्बर से प्रारंभ हो जाएंगे। महोत्सव के आयोजक श्री तुलसी शालिग्राम विवाह समिति, सकल सनातन परिवार भीलवाड़ा एवं समस्त श्री चारभुजा पदयात्री संघ द्वारा भव्य रूप से तैयारियां की जा रही है। महोत्सव के लिए भूूमि पूजन एवं महाध्वज स्थापना 15 अक्टूबर गुरूवार को अभिजीत लग्न दोपहर 12.11 बजे मेडिसिटी ग्राउण्ड में होगी। भूमि पूजन में 21 युगल पूजन करेंगे। महोत्सव के सूत्रधार श्रीविष्णु कृष्ण तनय महाराज एवं मुख्य आचार्य योगेन्द्र शर्मा वैदिक परम्पराओं के अनुसार पूजन अर्चन कराएंगे।
भूमि पूजन एवं ध्वज स्थापना समारोह में महामंडलेश्वर हंसरामजी महाराज, महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज, महंत लक्ष्मणदास त्यागी, महंत बनवारीशरण काठियाबाबा, महंत रामदास रामायणी, महंत संतदास, महंत मोहनशरण शास्त्री, महंत श्रीलाल बाबा, महंत जोगेश्वरदास, पुजारी मुरारी पांडे, आशुतोष शर्मा, कल्याणमल शर्मा का सानिध्य प्राप्त होगा। संरक्षक मण्डल में विनीत अग्रवाल, सांसद दामोदर अग्रवाल, विधायक अशोक कोठारी, नगर निगम महापौर जसवंत कंवर, उप महापौर राधेश्याम सोमानी, सामाजिक कार्यकर्ता ओम नराणीवाल, महिला संरक्षक मंजू पोखरना, प्रशान्त मेवाड़ा एवं मनोज शर्मा गोटेवाला शामिल है।
महोत्सव के संयोजक एस.एन. गग्गड़ ने बताया कि विराट भूमि पूजन एवं महाध्वज स्थापना आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष राधेश्याम चेचाणी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र कचोलिया, छगनलाल जैन, सचिव देवेन्द्र सोमाणी एवं हनुमान अग्रवाल के दिशा निर्देशन में सभी तैयारियां की जा रही है। समिति के कोषाध्यक्ष सत्यनारायण मूंदड़ा, कार्यालय प्रभारी रजनीकांत आचार्य, सह सचिव परमेश्वर आचार्य, कुलदीप शर्मा, अलका जोशी, सोशल मीडिया प्रभारी हंसराज अठारिया सहित सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पूर्ण समर्पित भाव से सक्रिय भागीदारी निभा रहे है।
भूमि पूजन एवं महाध्वज स्थापना के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर आयोजन से जुड़ी तैयारियां व्यापक स्तर पर प्रारंभ हो जाएगी। सनातन संस्कृति के विराट भव्य स्वरूप को प्रदर्शित करने वाले इस महा आयोजन को लेकर भीलवाड़ा में उत्साह का माहौल है ओर हर कोई इस आयोजन में श्री तुलसीजी के धर्म माता-पिता के रूप में सहभागी बनने को आतुर दिख रहा है। इसके लिए पंजीयन कराने की अंतिम समय सीमा 20 अक्टूबर है। महोत्सव के सूत्रधार श्रीविष्णु कृष्ण तनय महाराज आयोजन समिति ने भीलवाड़ा में पहली बार आए इस एतिहासिक स्वर्णिम अवसर से कोई वंचित नहीं रह जाए इसके लिए भक्तजनों से शीघ्र पंजीयन कराने का आग्रह किया है।