जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ, पदाधिकारियों को जनहित के मामलों को तत्परता से हल करने का दिया निदेश
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योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता; संबंधित विभागों के पदाधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर इसे सुनिश्चित करेंः डीएम
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मुजफ्फरपुर, शनिवार, दिनांक 29.08.2026: जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। पदाधिकारियों को आम जनता की समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से समाधान करने का निदेश दिया। सरकार के विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध तरीके से सफल क्रियान्वयन करने का निदेश दिया गया।
इस बैठक में विभिन्न विभागों यथा ग्रामीण विकास, राजस्व, कल्याण, पंचायती राज, आईसीडीएस, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम, जीविका, पथ निर्माण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मत्स्य, जल संसाधन, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण, खेल सहित अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तथा अन्य भी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारीगण स्व-उतरदायित्व एवं स्व-अनुशासन की भावना से काम कर रहे हैं। यह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी यह सुनिश्चित करंे कि आम जनता को अपनी समस्याओं को लेकर दौर न लगाना पड़े। छोटे-छोटे कार्यों को लेकर भी लोगों को परेशान न होना पड़े यह क्षेत्रों में पदस्थापित अधिकारीगण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर पदाधिकारियों को रिस्पाँसिव होना पड़ेगा। कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ रखना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि समन्वय बैठक का मूल उद्देश्य अतंर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना है ताकि जनहित के कार्यों को तत्परता से क्रियान्वित किया जा सके। जो भी समस्याएं आती है उसका संबंधित विभागों के पदाधिकारी आपस में संवाद एवं समन्वय स्थापित करते हुए तेजी से समाधान करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह की बैठकों का काफी महत्व है। विकास, राजस्व, कल्याण, ग्रामीण विकास, अभियंत्रण सहित सभी विभागों के अधिकारियों के बीच भूमि उपलब्धता, सीमांकन, एनओसी इत्यादि के लंबित मामलों का आपसी समन्वय के द्वारा निपटारा किया जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारीगण आवश्यकतानुसार अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर पूर्ण पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान, वीबी जी राम जी, समरसता संकल्प अभियान, विद्यार्थियों की शिकायतों एवं समस्याओं के प्रभावी समाधान हेतु ’’विद्यार्थी सहयोग शिविर’’ का आयोजन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, आँगनबाड़ी केन्द्रों का भवन निर्माण, लोक शिकायत निवारण तथा लोक सेवा के अधिकार से संबंधित मामलों, पंचायत सरकार भवन, सोलर स्ट्रीट लाइट, हर घर नल का जल, हर खेत को सिंचाई का पानी सहित विभिन्न योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। डीएम ने कहा कि सरकार के विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। विभिन्न विभागों के जिन-जिन कार्यों तथा योजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता, अनापति प्रमाण-पत्र, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का मामला लंबित है उसके लिए प्रखंड-स्तरीय विभागीय पदाधिकारी एवं संबंधित अंचल अधिकारी समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेज़ी लायें तथा मामले का समाधान करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेंगे तथा अपर समाहर्ता इसका अनुश्रवण करेंगे। जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को लंबित मामलों को समय सीमा के अंदर निष्पादन करने का निदेश दिया।
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जिलाधिकारी द्वारा आईसीडीएस एवं कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने इन विभागों के जिला में अद्यतन प्रगति का जायजा लिया।
जिला प्रोग्राम कार्यालय, आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों पर शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए। जिला में कुल 17 बाल विकास परियोजना है। प्रति परियोजना 20 आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित है। इस प्रकार आँगनबाड़ी केंद्रों के लिए कुल 340 भवन निर्माण किया जाना है। समीक्षा में पाया गया कि 185 भवनों के निर्माण हेतु ज़मीन उपलब्ध करा दिया गया है। ज़िलाधिकारी ने शेष आँगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भी शीघ्र ज़मीन उपलब्ध करने का निर्देश अंचल अधिकारियों को दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अपर समाहर्ता को नियमित अनुश्रवण करने का निदेश दिया है।
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्राशन, गोदभराई एवं वीएचएसएनडी का प्रावधानों के अनुसार सफलतापूर्वक आयोजन करने का निदेश दिया। डीपीओ आईसीडीएस को आँगनबाड़ी केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करने तथा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग एवं क्षेत्र के विकास के प्रति दृढ़-संकल्पित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, नगर विकास सहित सभी विषयों पर सरकार का विशेष ध्यान है। इसी के अनुरूप पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के सिद्धान्त पर चलते हुए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग अन्तर्गत भी मुजफ्फरपुर जिला में काफ़ी अच्छा काम किया जा रहा है। पोखरैरा, राजवाड़ा, बोचहाँ एवं मुरौल में 4 अम्बेदकर आवासीय विद्यालय संचालित है, जिसमें कुल 1116 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं। इन्हें आवासन, अध्ययन, भोजन इत्यादि सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल क्लास, पुस्तकालय एवं खेल-कूद की सुविधा उपलब्ध है। 5 अतिरिक्त आवासीय विद्यालय प्रखण्ड-पारू, मोतीपुर, सकरा, बंदरा तथा कुढ़नी की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी गई है, जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। जिला में कुल 6 डाॅ. भीमराव अम्बेदकर कल्याण छात्रावासों में कुल 480 छात्र/छात्राएं नामांकित है, जिन्हें मुख्यमंत्री अनुदान योजना के तहत 2,000 रुपए प्रति माह एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत 15 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसमें 9 किलो चावल एवं 6 किलो गेहूँ शामिल है, प्रति माह उपलब्ध कराया जा रहा है। छात्रावासों में पुस्तकालय एवं डिजीटल क्लास की सुविधा उपलब है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सिकन्दरपुर में सावित्री बाई फुले छात्रावास का निर्माण की स्वीकृति सरकार द्वारा दी गई है। बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के परिसर में बीपीएससी, रेलवे, बैंक, एसएससी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी हेतु प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है, जिसमें नामांकित 120 छात्रों को 1500 रुपए एवं अन्य जिलों के छात्रों को 3000 हजार रुपए प्रति माह छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः सजग एवं तत्पर रहकर सभी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
जिलाधिकारी द्वारा जिला पंचायत राज पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण का नियमित पर्यवेक्षण करें। समय से कार्य पूर्ण करायें। भूमि चिन्हित करने के कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया गया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि *राज्य सरकार के आदेश एवं उद्देश्य के अनुरूप* मुजफ्फरपुर जिला में भी जनहित की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। सभी पंचायतों एवं नगर निकायों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है एवं प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन किया जा रहा है। अभी तक प्राप्त आवेदनों में से 94 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को गुणवतापूर्ण रूप से निष्पादित किया गया है। लोग काफ़ी संतुष्ट हैं। शेष आवेदनों को भी निर्धारित समय में निष्पादित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान चलाकर नये राशन कार्ड का निर्माण किया जा रहा है। 373 पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। विगत करीब चार माह की अवधि में मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत विभिन्न पंचायतों में 14 पंचायत सरकार भवनों को ग्राम पंचायतों को हस्तान्तरित करते हुए क्रियाशील किया गया है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से 41 अन्य पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। विभिन्न पंचायतों में 29 कन्या विवाह मंडप का शिलान्यास किया गया। मुजफ्फरपुर जिला में लगभग 40 सड़क, पुल-पुलिया, फ्लाईओवर इत्यादि का तेजी से निर्माण हो रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि *इन सब योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में काफी गुणात्मक बदलाव* आ रहा है।
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जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र को निदेश दिया कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना का विभाग के निर्देशों के अनुरूप बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाएँ। लाभुकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त का भुगतान नियमानुसार ससमय करें।
जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत तालाबों/पोखरों, सार्वजनिक कुँओं का जीर्णोद्धार, नए जल स्रोतों का सृजन, जल संचयन संरचनाओं को अतिक्रमणमुक्त कराने आदि कार्यों का सरकार के निदेशों के अनुरूप क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया।
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लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस
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जिलाधिकारी द्वारा लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस से संबंधित मामलों की समीक्षा की गयी। सभी लोक प्राधिकारों एवं अधिकारियों को आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निदेश दिया गया।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। लोक शिकायतों की सुनवाई में लोक प्राधिकारों की हर हाल में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित रहनी चाहिए।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि लोक शिकायतों के केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा। जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। सभी पदाधिकारी जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बैठक में अंचलाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों की संयुक्त बैठक की समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने कहा कि संयुक्त बैठक का भूमि विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि नियमित तौर पर अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष का हरएक शनिवार को संयुक्त शनिवारीय बैठक आयोजित हो। साथ ही इसे भू-समाधान पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए।
ज़िलाधिकारी द्वारा आरटीपीएस में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड मामलों की संख्या हर हाल में शून्य रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरटीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप समय-सीमा के अंदर आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। आम जनता को सेवा प्रदान करने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 तथा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 का सफल क्रियान्वयन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता, अनियमितता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि *सहयोग पोर्टल, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आवेदनों को त्वरित गति से निष्पादित* करें।
ज़िलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति का अनुश्रवण करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि *पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व* सुनिश्चित करते हुए *जनहित के कार्यों को जिला प्रशासन द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता* के साथ सम्पन्न किया जाता है। आम जनता को दैनन्दिन कार्यों में समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए *सम्पूर्ण प्रशासनिक सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* है।