तिघरा का जलस्तर घटा, ग्वालियर पर गहराया जल संकट, 1 जुलाई से एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई की तैयारी, लाखों लोग हो सकते हैं प्रभावित...
ग्वालियर में लगातार घटते जलस्तर ने पेयजल संकट की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले तिघरा जलाशय में अब केवल 38 प्रतिशत पेयजल ही शेष बचा है, जिसके चलते नगर निगम के पीएचई विभाग ने 1 जुलाई से शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले एमआईसी (मेयर इन काउंसिल) की मंजूरी मिलना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मौजूदा व्यवस्था जारी रही तो जुलाई के अंत तक जलाशय का जलस्तर बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच सकता है। वहीं वैकल्पिक व्यवस्था लागू होने पर उपलब्ध पानी को अगस्त की शुरुआत तक सुरक्षित रखा जा सकेगा, बशर्ते इस बीच अच्छी बारिश हो जाए। मानसून की धीमी रफ्तार ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि जून समाप्त होने के बावजूद जलाशय में पर्याप्त जलभराव नहीं हो सका है। शहर के शिंदे की छावनी, घोसीपुरा, सिंधिया नगर, हनुमान घाटी, किलागेट, रेशम मिल, चंदनपुरा, आदित्यपुरम, गिरवाई, मोतीझील, किशनबाग सहित कई इलाकों में पहले से ही पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। कई स्थानों पर नलों में पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोग टैंकरों के भरोसे हैं। रहवासियों का कहना है कि गंदे पानी और अधूरी सप्लाई से वे पहले ही परेशान हैं, ऐसे में यदि एक दिन छोड़कर पानी मिला तो दैनिक जीवन और अधिक प्रभावित होगा। अब पूरे शहर की निगाहें एमआईसी के फैसले और मानसून की सक्रियता पर टिकी हैं, क्योंकि आने वाले कुछ दिन ग्वालियर की जल व्यवस्था के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।