Public App Logo
Profile Picture

Gwalior Diaries

@gwaliordiaries
16395Followers
14Following
ग्वालियर की सुरक्षा में सेंध: 13 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच...
PM आवास की किस्त के नाम पर रिश्वतखोरी: EOW के जाल में फंसा पंचायत सहायक सचिव...

ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम लिधौरा पंचायत के सहायक सचिव सोनू शर्मा को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी कराने के बदले हितग्राही से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद EOW ने जांच कर ट्रैप बिछाया और आरोपी को रकम लेते ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रासायनिक परीक्षण में आरोपी के हाथ धुलवाने पर पानी गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। DSP शैलेंद्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुरानी दुश्मनी का खूनी अंजाम: बीच सड़क दो भाइयों पर हमला, एक की मौत, शराब कारोबारी समेत कई आरोपी नामजद...
ग्वालियरवासियों के लिए अलर्ट: मेंटेनेंस के चलते बिजली गुल, कई वार्डों में नहीं मिलेगा पानी...
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ज़ोर देकर कहा कि ऐसी परियोजनाओं से भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, और अब देश में सालाना 33 करोड़ मोबाइल फोन बन रहे हैं—जिसमें एप्पल जैसी वैश्विक कंपनियां भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
दतिया उपचुनाव में करारी हार के महज 48 घंटे बाद भाजपा ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए जिले की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी है। जिलाध्यक्ष सहित करीब एक हजार पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से दायित्वमुक्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री आवास पर हुई समीक्षा बैठक में चुनाव प्रबंधन, बूथ स्तर की रणनीति और भीतरघात को लेकर गंभीर सवाल उठे। कई नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदान से ठीक पहले पार्टी के कुछ स्थानीय पदाधिकारियों और पार्षदों ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए। हार के कारणों की जांच के लिए बनाई गई दो सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व के माध्यम से केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है। अब भाजपा नई जिला कार्यकारिणी के गठन की तैयारी में जुट गई है। साथ ही पार्टी महिला वोटों में आई कमी, अपेक्षित क्षेत्रों में वोट प्रतिशत घटने और संगठन की भूमिका की गहन समीक्षा कर भविष्य की रणनीति तैयार करने में लगी है।
ग्वालियर में संदिग्ध विदेशी नागरिकों पर बड़ा शिकंजा: क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिए 12 लोग...
प्रदेश में निजी हाईस्कूल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के संचालन, मान्यता, नवीनीकरण और विस्तार को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। अब मान्यता प्राप्त सभी निजी विद्यालयों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के तहत छात्रों की संख्या के अनुसार सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्षाएं, खेल मैदान, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, आईसीटी आधारित शिक्षा, ई-लर्निंग, स्वच्छ पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, आवश्यक फर्नीचर, प्रशिक्षित शिक्षक तथा अग्निशमन जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी। विद्यालयों को छात्र संख्या के आधार पर सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जमा करनी होगी और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा, जिस पर 45 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा। यदि आवेदन अधूरा पाया जाता है तो 15 दिनों के भीतर सुधार का अवसर मिलेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों को पहले कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा, इसके बाद ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर मामलों में राज्य मान्यता समिति की अनुमति से मान्यता भी निरस्त की जा सकेगी। वहीं, आवेदन अस्वीकार होने या मान्यता रद्द होने की स्थिति में संस्थाओं को 30 दिनों के भीतर अपील करने का अधिकार भी दिया गया है।
ग्वालियर में सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश ने कई दिनों की उमस और गर्मी से लोगों को राहत दी। 24 घंटे में 47.4 मिमी बारिश दर्ज होने से तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। हालांकि, तेज बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
दतिया उपचुनाव का राजनीतिक असर केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके प्रभाव कई स्तरों पर दूरगामी नजर आ सकते हैं। यदि बीजेपी यह सीट हारती है तो पार्टी के संगठन, टिकट चयन प्रक्रिया, बूथ प्रबंधन और नेतृत्व कौशल की व्यापक समीक्षा तय मानी जा रही है। टिकट बदलाव के फैसले और उससे उपजे असंतोष को समय रहते न संभाल पाने की वजह से संगठन में भीतरघात और स्थानीय गुटबंदी पर भी गंभीर सवाल उठ सकते हैं। यह पराजय विपक्ष को सरकार व बीजेपी संगठन पर हमला करने का नया हथियार भी उपलब्ध कराएगी, जिससे कांग्रेस सत्ता विरोधी लहर और रणनीतिक चूक की बहस को और धार दे सकती है। इस हार के पीछे टिकट कटने, पुराने नेताओं के प्रभाव, और नए उम्मीदवार की स्वीकार्यता जैसे कारणों पर पार्टी में मतभेद बढ़ सकते हैं, जिससे आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण में पार्टी शायद ज्यादा सतर्कता बरते। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की लगभग पचास ऐसी सीटें हैं, जहां विधायक लगातार चार से नौ बार तक चुनाव जीतते आ रहे हैं; ऐसे में दतिया उपचुनाव से मिले संकेत बीजेपी के आगे की रणनीति का आधार बन सकते हैं। दूसरी ओर, यदि कांग्रेस यह प्रतिष्ठित सीट जीतती है तो यह प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व को मजबूती देगा और पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश का संचार करेगा। कांग्रेस बीजेपी के मजबूत गढ़ में मिली सफलता को राजनीतिक संदेश के तौर पर पेश करते हुए सत्ता विरोधी माहौल को जनता के समर्थन का प्रमाण बताएगी और भविष्य की रणनीति में इसी आत्मविश्वास के साथ सक्रिय दिखाई देगी। कुल मिलाकर, दतिया उपचुनाव का परिणाम प्रदेश की राजनीति, पार्टी संगठन, नेतृत्व, और आगामी चुनावी समीकरणों को नए सिरे से गढ़ने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल विवाह ही नहीं, बल्कि कुछ परिस्थितियों में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर भी घरेलू हिंसा और क्रूरता से जुड़े मामलों में कानूनी सुरक्षा पाने के हकदार हो सकते हैं। अदालत ने कहा कि यदि किसी रिश्ते की प्रकृति, साथ रहने की अवधि और अन्य परिस्थितियां यह साबित करती हैं कि वह वास्तविक वैवाहिक संबंध जैसा था, तो ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पूर्व आईपीसी की धारा 498A से जुड़े कानूनी सिद्धांत लागू किए जा सकते हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हर लिव-इन संबंध को स्वतः वैवाहिक संबंध नहीं माना जाएगा। प्रत्येक मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति कानूनी संरक्षण का पात्र है या नहीं।
मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश की रफ्तार धीमी बनी हुई है। ग्वालियर समेत कई जिलों में अगले दो दिन हल्के बादल और बूंदाबांदी का दौर रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर ग्वालियर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है।
Video 12
Video 13
सावन के प्रथम सोमवार को ग्वालियर के शिवालयों में आस्था की जबरदस्त लहर देखने को मिली। रविवार रात 12 बजते ही अचलेश्वर महादेव मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जहाँ सबसे पहले कांवड़ियों ने गंगाजल अर्पित कर बाबा भोलेनाथ का अभिषेक किया। इसके बाद आम भक्तों के लिए मंदिर के पट खोलते ही दर्शन को लम्बी कतारें लगने लगीं। पूरे मंदिर परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंजते रहे।
Video 15
आपको क्या लगता है, इस चुनाव में किसकी जीत होगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
सावन का पहला सोमवार आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शिवजी का आशीर्वाद लेकर आए। हर हर महादेव!
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में पागलखाना के पास दो युवकों के बीच हुई मारपीट...
ग्वालियर: सिटी सेंटर के 3 होटलों (होटल हेरिटेज, हैप्पी इन और हैवन इन) पर पुलिस का छापा, मैनेजर हिरासत में...
ग्वालियर में बदमाशों पर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक, 249 गिरफ्तार, अपराधियों की नींद उड़ी...
तिरंगे तले आवाज़: एमएलबी कॉलेज के सामने आर्थिक आरक्षण और झुग्गीवासियों के लिए छत की मांग पर अनिश्चितकालीन धरना...
सावन के पहले सोमवार पर उमड़ेगी आस्था की लहर, शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत की पूरी तैयारी...
बाहुबली अंदाज में IG की विदाई: आरक्षक सुनील यादव ने दांतों से खींची फूलों से सजी गाड़ी...
ग्वालियर में संदिग्ध मौत पर बवाल: डूबने से मौत नहीं, हत्या का आरोप, थाने में प्रदर्शन, पत्नी बोली- "इंसाफ नहीं मिला तो बच्चों संग जान दे देंगे"...

ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र में युवक मनोज कुशवाह की संदिग्ध मौत को लेकर परिजनों का गुस्सा अब सड़क पर आ गया है। परिजनों का आरोप है कि मनोज की मौत हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका कहना है कि कुछ लोग पार्टी के बहाने उसे घर से ले गए, पहले शराब पिलाई और फिर हत्या कर शव पानी में फेंक दिया। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिवार ने गिरवाई थाने में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मृतक की पत्नी बबीता कुशवाह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह अपने बच्चों के साथ आत्महत्या करने को मजबूर होगी। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।