11.84 करोड़ की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना अंतिम चरण में, मेयर ने लिया काम का जायजा
दिसंबर तक पूरी होगी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना, दर्जनों कॉलोनियों को जलभराव से मिलेगी राहत
रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने का काम का मेयर ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने के दिए निर्देश
यमुनानगर। जगाधरी की ओर से आने वाले बरसाती पानी की निकासी कर शहर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए शुरू की गई स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना जल्द पूरी होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने का काम रेलवे विभाग द्वारा किया जा रहा है। मंगलवार को मेयर सुमन बहमनी ने गुलाब नगर के पास निर्माणाधीन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और पाइप लाइन डालने का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे अधिकारियों ने दिसंबर माह के अंत तक यह कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया।
मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि शहरवासियों को बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात दिलाना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना पूरी होने से शहर की दर्जनों कॉलोनियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि लोगों को इसका लाभ जल्द मिल सके। निरीक्षण के दौरान पार्षद विभोर पाहुजा, पार्षद संदीप धीमान और पार्षद दीक्षित, रेलवे व निगम अधिकारी भी साथ रहे। मेयर ने रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने के कार्य का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से निर्माण की समयसीमा पर चर्चा की।
--------------
रेलवे के कार्य में देरी से अटकी थी परियोजना
नगर निगम द्वारा इस परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। शुरुआत में निजी भूमि से जुड़े विवाद के कारण काम प्रभावित हुआ था। बाद में विवाद सुलझने के बाद बाइपास के पास रेलवे लाइनों के नीचे पाइप डालने का कार्य शेष रह गया। नियमानुसार रेलवे लाइन के नीचे पाइप डालने का काम रेलवे विभाग द्वारा ही किया जाना था। इसके लिए नगर निगम ने रेलवे की मांग के अनुसार निर्धारित राशि भी जमा करवा दी थी। कुछ माह पहले रेलवे विभाग ने यह कार्य शुरू किया, जो अभी निर्माणाधीन है। इस बीच जोगिंद्र नगर की ओर से आने वाले नाले को भी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
----------------
11.84 करोड़ रुपये की है परियोजना
अमरुत योजना के तहत शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए 24 फरवरी 2019 को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने 11.84 करोड़ रुपये की इस परियोजना का शिलान्यास किया था। इसके तहत पुराने नेशनल हाईवे पर करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है। इसमें 900 एमएम से लेकर 1800 एमएम व्यास तक के बड़े पाइप लगाए गए हैं। परियोजना के तहत करीब 100 मेनहोल बनाए जा चुके हैं और 196 स्थानों से बरसाती व गंदे पानी को इस लाइन से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। परियोजना के अनुसार जगाधरी की ओर से आने वाले बड़े नाले के पानी को कन्हैया साहिब चौक से डायवर्ट कर जम्मू कॉलोनी स्थित डिच ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा। इससे शहर के निचले इलाकों में बरसाती पानी की निकासी बेहतर होगी और जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
--------------
इन कॉलोनियों को मिलेगी राहत
परियोजना पूरी होने से प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन, शक्ति नगर, टैगोर गार्डन, सरोजनी कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी, श्याम नगर, मॉडर्न कॉलोनी, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, चांदपुर, जम्मू कॉलोनी, कैंप एरिया, कृष्णा कॉलोनी, हरिनगर, विष्णु नगर और बैंक कॉलोनी सहित अनेक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। फिलहाल बरसात के दौरान इन इलाकों का पानी बड़े नालों में पहुंचने से उनके ओवरफ्लो होने की स्थिति बन जाती है। इससे आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या पैदा होती है। परियोजना पूरी होने के बाद बरसाती पानी की निकासी सुचारू होने से लोगों को हर मानसून में होने वाली परेशानी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
फोटो कैप्शन -
रेलवे लाइन के पास डाली जा रही स्टॉर्म वाटर लाइन का जायजा लेती मेयर सुमन बहमनी व अन्य।
रेलवे द्वारा रेल लाइन के नीचे से डाली जा रही स्टॉर्म वाटर लाइन।