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विश्व योग दिवस पर शर्मा गांव में योग शिविर, बाल विवाह रोकथाम की दिलाई गई शपथ लखीसराय। विश्व योग दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम लखीसराय, विकासार्थ ट्रस्ट एवं पतंजलि योगपीठ के संयुक्त तत्वावधान में तथा संकल्प हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के सहयोग से रामगढ़चौक प्रखंड के शर्मा गांव में योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के पूर्व मुखिया एवं वर्तमान मुखिया प्रतिनिधि पंकज सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मुखिया पंकज सिंह, महिला सशक्तिकरण केंद्र के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी, योग शिक्षिका सिमरन कुमारी, विकासार्थ ट्रस्ट के जिला समन्वयक संजय कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी तथा केस वर्कर निभा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। योग शिक्षिका सिमरन कुमारी ने प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका, भ्रामरी, शवासन, वज्रासन, ताड़ासन एवं वृक्षासन सहित कई योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योग से शारीरिक लचीलापन, मांसपेशियों की मजबूती, श्वसन एवं हृदय प्रणाली में सुधार होता है। साथ ही मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने विश्व योग दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 21 जून 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व योग दिवस की घोषणा की थी, जिसे 175 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था। पहला विश्व योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बन सकता है। कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, महिला हेल्पलाइन 181, महिला सशक्तिकरण केंद्र, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई। सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी ने कहा कि घरेलू हिंसा से पीड़ित किशोरियां एवं महिलाएं वन स्टॉप सेंटर में निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकती हैं, जहां एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए लोगों से बाल विवाह नहीं करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह रोकथाम को लेकर सभी उपस्थित लोगों को सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। अध्यक्षीय संबोधन में पंकज सिंह ने कहा कि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन योगाभ्यास करते हैं। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर आंगनबाड़ी सेविका अनिता कुमारी, रीता देवी, रानी कुमारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, किशोर-किशोरियां एवं आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे उपस्थित थे।

Lakhisarai, Lakhisarai | Jun 21, 2026

MORE NEWS

*श्रृंगी ऋषि धाम: जहां राजा दशरथ ने कराया था पुत्रेष्टि यज्ञ*
*भगवान राम का हुआ था मुंडन संस्कार* 
 *आस्था, इतिहास और प्रकृति का  है अद्भुत संगम* 
लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत बुधौली बनकर पंचायत की पहाड़ियों, झरनों और घने जंगलों के बीच स्थित श्रृंगी ऋषि धाम धार्मिक आस्था, पौराणिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है. मान्यता है कि त्रेतायुग में अयोध्या के महाराज दशरथ ने पुत्र प्राप्ति की कामना से यहीं महर्षि श्रृंगी के सान्निध्य में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था. इसी यज्ञ के फलस्वरूप भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था. यही कारण है कि यह धाम हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है.
 *महर्षि श्रृंगी की तपस्या से प्रसन्न हुए थे अग्निदेव* 
पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा दशरथ को संतान प्राप्त नहीं हो रही थी. तब उन्होंने महर्षि श्रृंगी की शरण ली. महर्षि ने यहां कठोर तपस्या और विशेष यज्ञ संपन्न कराया. यज्ञ से प्रसन्न होकर अग्निदेव खीर से भरा दिव्य पात्र लेकर प्रकट हुए. राजा दशरथ ने वह खीर अपनी तीनों रानियों को ग्रहण कराई, जिसके प्रभाव से चारों राजकुमारों का जन्म हुआ.
 *भगवान राम सहित चारों भाइयों का यहीं हुआ था मुंडन संस्कार* 
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का मुंडन संस्कार भी इसी पवित्र धाम में संपन्न हुआ था. आज भी श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराने के लिए दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं.
 *शिवलिंग, झरना और सीता कुंड बढ़ाते हैं धाम की महिमा* 
श्रृंगी ऋषि धाम में प्राचीन शिवलिंग स्थापित है, जहां वर्षभर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना होती है. मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग भगवान श्रीराम के जन्म से भी पूर्व का है. परिसर में माता पार्वती, बजरंगबली और महर्षि श्रृंगी के मंदिर भी स्थित हैं. मंदिर के समीप पहाड़ियों से निकलने वाला प्राकृतिक झरना और पवित्र कुंड श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. यहां स्थित सीता कुंड के बारे में मान्यता है कि इसके जल में स्नान करने से त्वचा संबंधी रोगों से राहत मिलती है.
 *सावन, कार्तिक और शिवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़* 
सावन माह, कार्तिक माह, अगहन माह, श्रीपंचमी और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. सामान्य दिनों में भी प्रतिदिन करीब दो हजार श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक आयोजनों के दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से भक्तिमय हो उठता है.
 *मोरवे डैम और प्राकृतिक सौंदर्य भी है आकर्षण* 
धार्मिक महत्व के साथ-साथ श्रृंगी ऋषि धाम अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है. पहाड़ियों की गोद में स्थित मोरवे डैम का मनोरम दृश्य पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. बरसात के मौसम में चारों ओर फैली हरियाली, कल-कल बहते झरने और झील जैसा नजारा यहां की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है.
 *सुविधाओं के अभाव से श्रद्धालु परेशान* 
श्रृंगी ऋषि धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से आने वाले धर्मप्रेमियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वहीं दुर्गम पहुंच पथ और जर्जर सड़क के कारण धाम तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
 *वर्ष 2022 में बना नया कुंड* 
मान्यता है कि धाम का पुराना कुंड त्रेतायुग से ही विद्यमान है. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए वर्ष 2022 में यहां एक नए कुंड का निर्माण कराया गया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिली है.
 *बोले पुजारी* 
श्रृंगी ऋषि धाम के पुजारी मृत्युंजय झा ने कहा कि धाम के सौंदर्यीकरण की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं हो रहे हैं. सड़क का रखरखाव नहीं होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है. रामायण कालीन महत्व वाले इस धाम के विकास के लिए सरकार और जिला प्रशासन को विशेष पहल करनी चाहिए. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था आवश्यक है.
 *तथ्य एक नजर में* 
स्थान : बुधौली बनकर पंचायत, सूर्यगढ़ा प्रखंड, लखीसराय
दूरी : लखीसराय मुख्यालय से लगभग 23 किलोमीटर
विशेषता : राजा दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ स्थल होने की मान्यता
धार्मिक महत्व : भगवान राम सहित चारों भाइयों के मुंडन संस्कार का स्थल
प्रमुख आकर्षण : प्राचीन शिवलिंग, सीता कुंड, प्राकृतिक झरना और मोरवे डैम
विशेष अवसर : सावन, कार्तिक, अगहन, श्रीपंचमी और महाशिवरात्रि
आस्था, इतिहास और प्रकृति का संगम बना श्रृंगी ऋषि धाम आज भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. उचित विकास और बेहतर सुविधाएं मिलने पर यह स्थल बिहार के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है.
 *मंदिर में दर्शन का समय* 
*मंदिर में सुबह 5 बजे से पूजन कार्य शुरू हो जाता है. शाम 6 बजे तक मंदिर का पट बंद कर दिया जाता है 
 *पुलिस चौकी की आवश्यकता-*
 स्थानीय लोगों का मानना है कि दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित रामायण कालीन महत्व वाले इस धाम में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. जहां पुलिस चौकी की स्थापना होनी चाहिए.

*श्रृंगी ऋषि धाम: जहां राजा दशरथ ने कराया था पुत्रेष्टि यज्ञ* *भगवान राम का हुआ था मुंडन संस्कार* *आस्था, इतिहास और प्रकृति का है अद्भुत संगम* लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत बुधौली बनकर पंचायत की पहाड़ियों, झरनों और घने जंगलों के बीच स्थित श्रृंगी ऋषि धाम धार्मिक आस्था, पौराणिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है. मान्यता है कि त्रेतायुग में अयोध्या के महाराज दशरथ ने पुत्र प्राप्ति की कामना से यहीं महर्षि श्रृंगी के सान्निध्य में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था. इसी यज्ञ के फलस्वरूप भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था. यही कारण है कि यह धाम हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है. *महर्षि श्रृंगी की तपस्या से प्रसन्न हुए थे अग्निदेव* पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा दशरथ को संतान प्राप्त नहीं हो रही थी. तब उन्होंने महर्षि श्रृंगी की शरण ली. महर्षि ने यहां कठोर तपस्या और विशेष यज्ञ संपन्न कराया. यज्ञ से प्रसन्न होकर अग्निदेव खीर से भरा दिव्य पात्र लेकर प्रकट हुए. राजा दशरथ ने वह खीर अपनी तीनों रानियों को ग्रहण कराई, जिसके प्रभाव से चारों राजकुमारों का जन्म हुआ. *भगवान राम सहित चारों भाइयों का यहीं हुआ था मुंडन संस्कार* स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का मुंडन संस्कार भी इसी पवित्र धाम में संपन्न हुआ था. आज भी श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराने के लिए दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं. *शिवलिंग, झरना और सीता कुंड बढ़ाते हैं धाम की महिमा* श्रृंगी ऋषि धाम में प्राचीन शिवलिंग स्थापित है, जहां वर्षभर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना होती है. मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग भगवान श्रीराम के जन्म से भी पूर्व का है. परिसर में माता पार्वती, बजरंगबली और महर्षि श्रृंगी के मंदिर भी स्थित हैं. मंदिर के समीप पहाड़ियों से निकलने वाला प्राकृतिक झरना और पवित्र कुंड श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. यहां स्थित सीता कुंड के बारे में मान्यता है कि इसके जल में स्नान करने से त्वचा संबंधी रोगों से राहत मिलती है. *सावन, कार्तिक और शिवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़* सावन माह, कार्तिक माह, अगहन माह, श्रीपंचमी और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. सामान्य दिनों में भी प्रतिदिन करीब दो हजार श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं. धार्मिक आयोजनों के दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से भक्तिमय हो उठता है. *मोरवे डैम और प्राकृतिक सौंदर्य भी है आकर्षण* धार्मिक महत्व के साथ-साथ श्रृंगी ऋषि धाम अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है. पहाड़ियों की गोद में स्थित मोरवे डैम का मनोरम दृश्य पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है. बरसात के मौसम में चारों ओर फैली हरियाली, कल-कल बहते झरने और झील जैसा नजारा यहां की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है. *सुविधाओं के अभाव से श्रद्धालु परेशान* श्रृंगी ऋषि धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से आने वाले धर्मप्रेमियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वहीं दुर्गम पहुंच पथ और जर्जर सड़क के कारण धाम तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. *वर्ष 2022 में बना नया कुंड* मान्यता है कि धाम का पुराना कुंड त्रेतायुग से ही विद्यमान है. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए वर्ष 2022 में यहां एक नए कुंड का निर्माण कराया गया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिली है. *बोले पुजारी* श्रृंगी ऋषि धाम के पुजारी मृत्युंजय झा ने कहा कि धाम के सौंदर्यीकरण की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं हो रहे हैं. सड़क का रखरखाव नहीं होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है. रामायण कालीन महत्व वाले इस धाम के विकास के लिए सरकार और जिला प्रशासन को विशेष पहल करनी चाहिए. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था आवश्यक है. *तथ्य एक नजर में* स्थान : बुधौली बनकर पंचायत, सूर्यगढ़ा प्रखंड, लखीसराय दूरी : लखीसराय मुख्यालय से लगभग 23 किलोमीटर विशेषता : राजा दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ स्थल होने की मान्यता धार्मिक महत्व : भगवान राम सहित चारों भाइयों के मुंडन संस्कार का स्थल प्रमुख आकर्षण : प्राचीन शिवलिंग, सीता कुंड, प्राकृतिक झरना और मोरवे डैम विशेष अवसर : सावन, कार्तिक, अगहन, श्रीपंचमी और महाशिवरात्रि आस्था, इतिहास और प्रकृति का संगम बना श्रृंगी ऋषि धाम आज भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. उचित विकास और बेहतर सुविधाएं मिलने पर यह स्थल बिहार के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है. *मंदिर में दर्शन का समय* *मंदिर में सुबह 5 बजे से पूजन कार्य शुरू हो जाता है. शाम 6 बजे तक मंदिर का पट बंद कर दिया जाता है *पुलिस चौकी की आवश्यकता-* स्थानीय लोगों का मानना है कि दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित रामायण कालीन महत्व वाले इस धाम में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. जहां पुलिस चौकी की स्थापना होनी चाहिए.

Lakhisarai, Lakhisarai | Jun 21, 2026

विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने का आह्वान
लखीसराय। विधानसभा प्रधान कार्यालय,  में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार को “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बिहार सरकार के कृषि मंत्री एवं लखीसराय विधायक विजय कुमार सिंहा  ने कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों और नागरिकों को संबोधित करते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
सम्मेलन का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया। इस अवसर पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, कृषि और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ प्रीति शेखर  ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और जनकल्याण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प प्रत्येक कार्यकर्ता और नागरिक की भागीदारी से ही पूरा होगा।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने का आह्वान लखीसराय। विधानसभा प्रधान कार्यालय, में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार को “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बिहार सरकार के कृषि मंत्री एवं लखीसराय विधायक विजय कुमार सिंहा ने कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों और नागरिकों को संबोधित करते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। सम्मेलन का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया। इस अवसर पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, कृषि और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ प्रीति शेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और जनकल्याण के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प प्रत्येक कार्यकर्ता और नागरिक की भागीदारी से ही पूरा होगा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Lakhisarai, Lakhisarai | Jun 21, 2026

उत्पाद पुलिस की कार्रवाई लखीसराय जिले में 3 शराब त*स्कर को किया गिरफ्तार #bihar #lakhisarai #Excise #Crime #police

उत्पाद पुलिस की कार्रवाई लखीसराय जिले में 3 शराब त*स्कर को किया गिरफ्तार #bihar #lakhisarai #Excise #Crime #police

Lakhisarai, Lakhisarai | Jun 21, 2026

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर खेल भवन में भव्य योग समागम आयोजित

लखीसराय। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर खेल भवन, लखीसराय में अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग, लखीसराय एवं जिला आयुष समिति के संयुक्त तत्वावधान में भव्य योग समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, खेल प्रेमियों एवं आम लोगों ने भाग लिया।

योग प्रशिक्षक ज्वाला एवं विवेकानंद ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने योग के नियमित अभ्यास से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक लाभों की विस्तृत जानकारी दी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह, जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, डॉ. मार्कण्डेय, विभिन्न आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, जिला योजना समन्वयक, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक पूजा कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि योग न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

योग समागम में शामिल लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया और नियमित योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर खेल भवन में भव्य योग समागम आयोजित लखीसराय। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर खेल भवन, लखीसराय में अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग, लखीसराय एवं जिला आयुष समिति के संयुक्त तत्वावधान में भव्य योग समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, खेल प्रेमियों एवं आम लोगों ने भाग लिया। योग प्रशिक्षक ज्वाला एवं विवेकानंद ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने योग के नियमित अभ्यास से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक लाभों की विस्तृत जानकारी दी तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह, जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, डॉ. मार्कण्डेय, विभिन्न आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, जिला योजना समन्वयक, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक पूजा कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि योग न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। योग समागम में शामिल लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया और नियमित योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया।

Lakhisarai, Lakhisarai | Jun 21, 2026