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जनकल्याणकारी शिविर में विभिन्न विभागों ने दी योजनाओं की जानकारी, प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया जारी मध्यप्रदेश शासन के विशेष अभियान अंतर्गत जनकल्याणकारी शिविरों के खंड स्तरीय कार्यक्रमों के प्रथम चरण का आयोजन सोमवार को जनपद पंचायत बीजाडांडी के मंगल भवन में किया गया। कार्यक्रम में निवास विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री चैनसिंह वरकड़े, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री विजेंद्र यादव, जनपद सदस्य श्री राजेंद्र पुट्टा, अध्यक्ष श्री डुमरी लाल कुम्हरे, जिला संयोजक श्री विकास यादव, जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती वासंती दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की गई तथा उनकी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। कृषि विभाग के श्री प्रकाश मरावी एवं उनकी टीम द्वारा किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के अंतर्गत 6 हितग्राहियों को विधायक श्री चैनसिंह वरकड़े के हाथों स्प्रेयर पंप, दवा एवं बीज किट का वितरण किया गया। विभाग को कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निराकरण प्रगतिरत है। राजस्व विभाग की ओर से पटवारी श्री प्रणय चौकसे एवं श्री शिवम तिवारी ने विभागीय सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी दी। विभाग को 16 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण की कार्रवाई जारी है। आयुष विभाग के डॉ. गोविंद मरावी, डॉ. सुनील भाबरे एवं उनकी टीम ने होम्योपैथिक चिकित्सा एवं विभागीय सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण किया जाता है। शिक्षा विभाग के श्री विवेक मिश्रा एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अवधेश कुमार दुबे ने विद्यालय त्यागी बालक-बालिकाओं के पुनः नामांकन तथा नवीन शिक्षा सत्र की तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। सहकारिता विभाग के श्री वृंदावन श्रीवास्तव एवं श्रीमती विद्या पाण्डेय द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। विभाग को 7 आवेदन प्राप्त हुए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी सुश्री मनीषा तिवारी को 17 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि आजीविका मिशन विभाग के श्री साहेब लाल सूर्यवंशी एवं उनकी टीम को 21 आवेदन प्राप्त हुए। सामाजिक न्याय विभाग को 41 तथा उद्यानिकी विभाग को 4 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण की प्रक्रिया जारी है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla General Administration Department, MP

7 views | Mandla, Madhya Pradesh | Jun 16, 2026

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जनकल्याण शिविर में ग्रामीण बैंक ने दी जनहितकारी योजनाओं की जानकारी

 मोहगांव में आयोजित जनकल्याण शिविर में ’’मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा मोहगांव’’ द्वारा सक्रिय सहभागिता करते हुए उपस्थित ग्राहकों को केंद्र सरकार एवं बैंक की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
 शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। साथ ही ग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़कर भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा बैंकिंग सेवाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
 बैंक द्वारा आयोजित इस जागरूकता गतिविधि का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। शिविर में उपस्थित नागरिकों ने योजनाओं के संबंध में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और योजनाओं में रुचि दिखाई।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
General Administration Department, MP

जनकल्याण शिविर में ग्रामीण बैंक ने दी जनहितकारी योजनाओं की जानकारी मोहगांव में आयोजित जनकल्याण शिविर में ’’मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा मोहगांव’’ द्वारा सक्रिय सहभागिता करते हुए उपस्थित ग्राहकों को केंद्र सरकार एवं बैंक की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। साथ ही ग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़कर भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा बैंकिंग सेवाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। बैंक द्वारा आयोजित इस जागरूकता गतिविधि का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। शिविर में उपस्थित नागरिकों ने योजनाओं के संबंध में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और योजनाओं में रुचि दिखाई। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla General Administration Department, MP

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 16, 2026

ग्राम सिमरिया में आयोजित हुआ वित्तीय साक्षरता शिविर

 विकासखण्ड नैनपुर के ग्राम सिमरिया में सोमवार को वित्तीय साक्षरता केंद्र (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया) द्वारा वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वित्तीय साक्षरता केंद्र के अधिकारी श्री कृष्णकांत अवस्थी ने स्वयं सहायता समूहों की संगठन बैठक में उपस्थित महिलाओं को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं वित्तीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने महिलाओं को ’’प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’’, ’’प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’’ तथा ’’अटल पेंशन योजना’’ के लाभ एवं पात्रता संबंधी जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के सफल संचालन, नियमित बचत, वित्तीय प्रबंधन एवं आत्मनिर्भरता के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
 शिविर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विकासखण्ड नैनपुर के आजीविका मिशन के सहायक प्रबंधक श्री रविंद्र डेहरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं समूह सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना था।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
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ग्राम सिमरिया में आयोजित हुआ वित्तीय साक्षरता शिविर विकासखण्ड नैनपुर के ग्राम सिमरिया में सोमवार को वित्तीय साक्षरता केंद्र (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया) द्वारा वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वित्तीय साक्षरता केंद्र के अधिकारी श्री कृष्णकांत अवस्थी ने स्वयं सहायता समूहों की संगठन बैठक में उपस्थित महिलाओं को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं वित्तीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने महिलाओं को ’’प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’’, ’’प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’’ तथा ’’अटल पेंशन योजना’’ के लाभ एवं पात्रता संबंधी जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के सफल संचालन, नियमित बचत, वित्तीय प्रबंधन एवं आत्मनिर्भरता के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। शिविर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विकासखण्ड नैनपुर के आजीविका मिशन के सहायक प्रबंधक श्री रविंद्र डेहरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं समूह सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना था। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 16, 2026

विभिन्न योगासनों का कराया जा रहा नियमित अभ्यास
जिलेभर में चल रहे योग प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम

 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर आयुष विभाग द्वारा जिलेभर में योग संबंधी गतिविधियों एवं अभ्यास सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के मार्गदर्शन में सभी आयुष आरोग्य मंदिरों में ऑनलाइन योग प्रोटोकॉल का नियमित प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के प्रमुख स्थलों पर प्रतिदिन योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 1 जून से जिला अधिकारी माहिष्मती घाट मंदिर परिसर में नियमित योग अभ्यास कर रहे हैं। 
 योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। योग दिवस के पूर्व जिले में विभिन्न योगासनों का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है, जिनमें ताड़ासन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, भुजंगासन, गोमुखासन, वज्रासन, मकरासन, धनुरासन, नौकासन, सूर्य नमस्कार तथा प्राणायाम आदि शामिल हैं। भारत सरकार ने योग के माध्यम से विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में भागीदारी करने और अपने परिवार एवं परिचितों को भी योग से जोड़ने की अपील की गई है।
 नियमित योगाभ्यास शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। योग तनाव को कम करने, शरीर को स्वस्थ रखने तथा सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से ‘‘घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग’’ के संदेश के साथ जिलेभर में योग जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आयुष विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग के लिए समय निकालें और स्वस्थ एवं निरोग जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।

वृक्षासन योग का एक संतुलन बनाने वाला आसन है
करने की विधि

1. सीधे खड़े हो जाएँ।
2. दाएँ पैर पर संतुलन बनाते हुए बाएँ पैर को उठाकर दाईं जांघ के अंदर रखें।
3. दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में सिर के ऊपर ले जाएँ।
4. सामने एक बिंदु पर ध्यान रखें और सामान्य श्वास लेते रहें।
5. 20-30 सेकंड रुकें, फिर दूसरी तरफ़ दोहराएँ।

लाभ

 शरीर का संतुलन बेहतर होता है। पैरों और रीढ़ की मजबूती बढ़ती है। एकाग्रता और मानसिक शांति मिलती है। मुद्रा सुधरती है।

सावधानियाँ

’ घुटने या टखने में चोट हो तो सावधानी रखें। शुरुआत में दीवार का सहारा ले सकते हैं।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Department of Ayush, Madhya Pradesh

विभिन्न योगासनों का कराया जा रहा नियमित अभ्यास जिलेभर में चल रहे योग प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के अवसर पर आयुष विभाग द्वारा जिलेभर में योग संबंधी गतिविधियों एवं अभ्यास सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के मार्गदर्शन में सभी आयुष आरोग्य मंदिरों में ऑनलाइन योग प्रोटोकॉल का नियमित प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के प्रमुख स्थलों पर प्रतिदिन योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 1 जून से जिला अधिकारी माहिष्मती घाट मंदिर परिसर में नियमित योग अभ्यास कर रहे हैं। योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। योग दिवस के पूर्व जिले में विभिन्न योगासनों का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है, जिनमें ताड़ासन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, भुजंगासन, गोमुखासन, वज्रासन, मकरासन, धनुरासन, नौकासन, सूर्य नमस्कार तथा प्राणायाम आदि शामिल हैं। भारत सरकार ने योग के माध्यम से विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में भागीदारी करने और अपने परिवार एवं परिचितों को भी योग से जोड़ने की अपील की गई है। नियमित योगाभ्यास शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। योग तनाव को कम करने, शरीर को स्वस्थ रखने तथा सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से ‘‘घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग’’ के संदेश के साथ जिलेभर में योग जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आयुष विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग के लिए समय निकालें और स्वस्थ एवं निरोग जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं। वृक्षासन योग का एक संतुलन बनाने वाला आसन है करने की विधि 1. सीधे खड़े हो जाएँ। 2. दाएँ पैर पर संतुलन बनाते हुए बाएँ पैर को उठाकर दाईं जांघ के अंदर रखें। 3. दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में सिर के ऊपर ले जाएँ। 4. सामने एक बिंदु पर ध्यान रखें और सामान्य श्वास लेते रहें। 5. 20-30 सेकंड रुकें, फिर दूसरी तरफ़ दोहराएँ। लाभ शरीर का संतुलन बेहतर होता है। पैरों और रीढ़ की मजबूती बढ़ती है। एकाग्रता और मानसिक शांति मिलती है। मुद्रा सुधरती है। सावधानियाँ ’ घुटने या टखने में चोट हो तो सावधानी रखें। शुरुआत में दीवार का सहारा ले सकते हैं। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Ayush, Madhya Pradesh

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 16, 2026

आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि से आत्मनिर्भरता की मिसाल: गीता तेकाम बनीं जिले की प्रेरणा

 ग्रामीण भारत में कृषि को केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि एक सफल व्यवसाय के रूप में स्थापित करने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश के मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया की निवासी श्रीमती गीता तेकाम ऐसी ही एक प्रेरणादायक महिला कृषक हैं, जिन्होंने आधुनिक तकनीकों और प्राकृतिक खेती के समन्वय से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है।

शिक्षा से खेती तक का प्रेरक सफर

 स्नातकोत्तर (एम.ए.) शिक्षित गीता तेकाम के सामने रोजगार के अनेक विकल्प थे, लेकिन उन्होंने कृषि को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। दृढ़ संकल्प, निरंतर सीखने की इच्छा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर उन्होंने पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़ते हुए कृषि को लाभकारी उद्यम में परिवर्तित कर दिया।
 गीता तेकाम का मानना है कि “दृढ़ संकल्प, तकनीकी नवाचार और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का समन्वय ही कृषि को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर सकता है।”

विभागीय मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी

 गीता की सफलता के पीछे कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से उन्होंने जैविक खेती, उन्नत बीज चयन, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा जैविक कीट नियंत्रण जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया।
 आत्मा योजना के सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री मोहित गोल्हानी द्वारा समय-समय पर खेतों का भ्रमण कर दिए गए तकनीकी सुझावों से उनकी खेती की उत्पादकता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण से बढ़ी आय

 गीता तेकाम ने परंपरागत फसलों तक सीमित रहने के बजाय बाजार की मांग को समझते हुए चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए जीवामृत, घनजीवामृत एवं घर पर तैयार जैविक खादों का उपयोग किया।
 मिश्रित एवं बहुफसली खेती की पद्धति अपनाने से भूमि की उर्वरता सुरक्षित रही, उत्पादन लागत घटी और जोखिम भी कम हुआ। परिणामस्वरूप उनकी खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बन गई।

कृषि सखी बनकर बदल रहीं गांव की तस्वीर

 गीता तेकाम की कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत कृषि सखी के रूप में चयनित किया गया। आज वे स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने गांव एवं आसपास के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं।
 उनकी पहल से क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अनेक किसान कम लागत एवं अधिक लाभ वाली खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

सीमित संसाधनों में हासिल की बड़ी सफलता

 आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और बेहतर विपणन प्रबंधन के माध्यम से गीता तेकाम ने अपनी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

वार्षिक वित्तीय उपलब्धियाँ

1. कुल सकल आय 4,06,850 रूपए
2. कुल उत्पादन लागत 1,04,000 रूपए
3. शुद्ध वार्षिक लाभ 3,02,850 रूपए
 यह उपलब्धि दर्शाती है कि सीमित संसाधनों में भी वैज्ञानिक प्रबंधन और नवाचार के माध्यम से कृषि को एक सफल एवं लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

सम्मान और प्रेरणा का केंद्र

 कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए गीता तेकाम को आत्मा योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
 आज उनकी सफलता की कहानी केवल बीजाडांडी विकासखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मंडला जिले में महिला किसानों, स्वयं सहायता समूहों और युवा कृषकों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही लाभ लिया जाए, तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त हो और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया जाए, तो कृषि के माध्यम से आत्मनिर्भरता और समृद्धि दोनों हासिल की जा सकती हैं।
 गीता तेकाम आज उस नई ग्रामीण महिला शक्ति का प्रतीक हैं, जो खेतों में नवाचार, आत्मविश्वास और नेतृत्व के साथ भारत की कृषि को नई दिशा दे रही है।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla
Department of Agriculture, Madhya Pradesh 
Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India

आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि से आत्मनिर्भरता की मिसाल: गीता तेकाम बनीं जिले की प्रेरणा ग्रामीण भारत में कृषि को केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि एक सफल व्यवसाय के रूप में स्थापित करने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश के मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया की निवासी श्रीमती गीता तेकाम ऐसी ही एक प्रेरणादायक महिला कृषक हैं, जिन्होंने आधुनिक तकनीकों और प्राकृतिक खेती के समन्वय से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। शिक्षा से खेती तक का प्रेरक सफर स्नातकोत्तर (एम.ए.) शिक्षित गीता तेकाम के सामने रोजगार के अनेक विकल्प थे, लेकिन उन्होंने कृषि को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। दृढ़ संकल्प, निरंतर सीखने की इच्छा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर उन्होंने पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़ते हुए कृषि को लाभकारी उद्यम में परिवर्तित कर दिया। गीता तेकाम का मानना है कि “दृढ़ संकल्प, तकनीकी नवाचार और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का समन्वय ही कृषि को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर सकता है।” विभागीय मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी गीता की सफलता के पीछे कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से उन्होंने जैविक खेती, उन्नत बीज चयन, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा जैविक कीट नियंत्रण जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया। आत्मा योजना के सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री मोहित गोल्हानी द्वारा समय-समय पर खेतों का भ्रमण कर दिए गए तकनीकी सुझावों से उनकी खेती की उत्पादकता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण से बढ़ी आय गीता तेकाम ने परंपरागत फसलों तक सीमित रहने के बजाय बाजार की मांग को समझते हुए चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए जीवामृत, घनजीवामृत एवं घर पर तैयार जैविक खादों का उपयोग किया। मिश्रित एवं बहुफसली खेती की पद्धति अपनाने से भूमि की उर्वरता सुरक्षित रही, उत्पादन लागत घटी और जोखिम भी कम हुआ। परिणामस्वरूप उनकी खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बन गई। कृषि सखी बनकर बदल रहीं गांव की तस्वीर गीता तेकाम की कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत कृषि सखी के रूप में चयनित किया गया। आज वे स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने गांव एवं आसपास के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। उनकी पहल से क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अनेक किसान कम लागत एवं अधिक लाभ वाली खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। सीमित संसाधनों में हासिल की बड़ी सफलता आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और बेहतर विपणन प्रबंधन के माध्यम से गीता तेकाम ने अपनी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वार्षिक वित्तीय उपलब्धियाँ 1. कुल सकल आय 4,06,850 रूपए 2. कुल उत्पादन लागत 1,04,000 रूपए 3. शुद्ध वार्षिक लाभ 3,02,850 रूपए यह उपलब्धि दर्शाती है कि सीमित संसाधनों में भी वैज्ञानिक प्रबंधन और नवाचार के माध्यम से कृषि को एक सफल एवं लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। सम्मान और प्रेरणा का केंद्र कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए गीता तेकाम को आत्मा योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। आज उनकी सफलता की कहानी केवल बीजाडांडी विकासखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मंडला जिले में महिला किसानों, स्वयं सहायता समूहों और युवा कृषकों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही लाभ लिया जाए, तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त हो और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया जाए, तो कृषि के माध्यम से आत्मनिर्भरता और समृद्धि दोनों हासिल की जा सकती हैं। गीता तेकाम आज उस नई ग्रामीण महिला शक्ति का प्रतीक हैं, जो खेतों में नवाचार, आत्मविश्वास और नेतृत्व के साथ भारत की कृषि को नई दिशा दे रही है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Agriculture, Madhya Pradesh Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 16, 2026