शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में मनाया गया "भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस"
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शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग के अंतर्गत भूगोल विभाग द्वारा गत दिवस "भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस" के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री राम प्रकाश डेहरिया ने कहा कि 20 अगस्त को हम सभी अक्षय ऊर्जा दिवस के अवसर पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर विचार करने के लिए एकत्रित हुए हैं। अक्षय ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है।
भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग की नोडल अधिकारी श्रीमती मीना ठाकरे ने बताया कि हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार माना गया है। "माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः" अथर्ववेद की यह भावना मनुष्य और पृथ्वी के बीच गहरे संबंध को दर्शाती है। भारतीय परंपरा में सूर्य, जल, वायु, पृथ्वी और अग्नि को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। आधुनिक विज्ञान आज इन प्राकृतिक शक्तियों को ऊर्जा के स्रोत के रूप में नए तकनीकी रूप में उपयोग कर रहा है। इसलिए अक्षय ऊर्जा आधुनिक विज्ञान और प्रकृति के प्रति हमारी पारंपरिक संवेदनशीलता के बीच एक सुंदर सेतु बन सकती है।
अक्षय ऊर्जा दिवस के अवसर पर सभी ने संकल्प लिया कि "हम ऊर्जा की बचत करेंगे, अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देंगे, प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे और अपने परिवार एवं समाज को स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूक करेंगे।" कार्यक्रम में अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. मदन ठाकरे, राजनीतिक विज्ञान विभाग के श्री दिनेश कुमार वर्मा तथा वाणिज्य विभाग के डॉ.अजीत गौतम ने भी अक्षय ऊर्जा दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के कला संकाय, विज्ञान संकाय एवं वाणिज्य संकाय के लगभग 100 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए श्री सूर्यकांत शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।
Chhindwara, Madhya Pradesh | Aug 21, 2026