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बोचहा विधानसभा चुनाव मे जनता से अपील करते हुए:- विशाल यादव बल्ली भाई राष्ट्रीय महासचिव युवा क्रान्तिकारी पार्टी

Bihar, India | Apr 6, 2022

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AIDSO की केंद्रीय परिषद दिल्ली के जंतर मंतर पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करती है और नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन को कुचलने के सरकार के पूरी तरह से गैर-लोकतांत्रिक प्रयासों की भत्सर्ना करती है। केंद्रीय परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने के बजाय पुलिस- प्रशासन द्वारा दमन का सहारा लेकर सरकार ने छात्र समुदाय के प्रति अपनी पूर्ण उपेक्षा को उजागर कर दिया है। आम छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज ने सरकार का वह बदसूरत चेहरा दिखा दिया है, जिससे यह पुष्टि होती है कि छात्रों के जीवन और शिक्षा में भ्रष्टाचार से इसे कोई फर्क नहीं पड़ता।

AIDSO इस घोर विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को पूरी तरह से रद्द करने की मांग करता है। तानाशाही  छात्रों की आवाज को दबा नहीं पायेगी। यें संघर्ष और आगे बढेगा, ओर व्यापक रूप लेगा। संगठन न्याय मिलने तक इस संघर्ष को देश भर में और तेज करता रहेगा।

संगठन आम जनता, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और छात्र समुदाय से एकजुट होने और एक व्यापक जन आंदोलन की तैयारी करने की अपील करता है। हम सभी का आह्वान करते हैं कि वे सार्वजनिक शिक्षा को बचाने और हमारे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक दीर्घकालिक आंदोलन का निर्माण करने हेतु जमीनी स्तर पर- हर स्कूल, कॉलेज और इलाके में संघर्ष कमिटियों का निर्माण करें।

AIDSO की केंद्रीय परिषद दिल्ली के जंतर मंतर पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करती है और नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन को कुचलने के सरकार के पूरी तरह से गैर-लोकतांत्रिक प्रयासों की भत्सर्ना करती है। केंद्रीय परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने के बजाय पुलिस- प्रशासन द्वारा दमन का सहारा लेकर सरकार ने छात्र समुदाय के प्रति अपनी पूर्ण उपेक्षा को उजागर कर दिया है। आम छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज ने सरकार का वह बदसूरत चेहरा दिखा दिया है, जिससे यह पुष्टि होती है कि छात्रों के जीवन और शिक्षा में भ्रष्टाचार से इसे कोई फर्क नहीं पड़ता। AIDSO इस घोर विफलता के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को पूरी तरह से रद्द करने की मांग करता है। तानाशाही छात्रों की आवाज को दबा नहीं पायेगी। यें संघर्ष और आगे बढेगा, ओर व्यापक रूप लेगा। संगठन न्याय मिलने तक इस संघर्ष को देश भर में और तेज करता रहेगा। संगठन आम जनता, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और छात्र समुदाय से एकजुट होने और एक व्यापक जन आंदोलन की तैयारी करने की अपील करता है। हम सभी का आह्वान करते हैं कि वे सार्वजनिक शिक्षा को बचाने और हमारे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक दीर्घकालिक आंदोलन का निर्माण करने हेतु जमीनी स्तर पर- हर स्कूल, कॉलेज और इलाके में संघर्ष कमिटियों का निर्माण करें।

Musahri, Muzaffarpur | Jul 20, 2026

जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में Ease of Doing Business के State Business Reforms Action Plan (SBRAP), District Business Reform Action Plan (DBRAP) एवं Single Window System के क्रियान्वयन से संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले के यंग प्रोफेशनल के द्वारा Ease of Doing Business से संबंधित Powerpoint Presentation प्रस्तुत करते हुए निम्नांकित बिन्दुओं पर प्रकाश डाला गया :- 

District Business Reform Action Plan (DBRAP) को अंतिम मील डिलीवरी को मजबूत करने, सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने और जिलों को मजबूत संस्थागत और डिजिटल बुनियादी ढांचे से लैस करके क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए डिजाईन किया गया है।

District Business Reform Action Plan (DBRAP) के तहत 6 प्रमुख सुधार क्षेत्रों को शमिल किया गया है :-

 1. जिला स्तरीय अनुमोदन और सेवा वितरण।
 2. सम्पत्ति अभिलेखों का डिजिटलीकरण और परिवर्तन।
 3. समयबद्ध और जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणालियां।
 4. जिला स्तरीय निवेश सुविधा तंत्र।
 5. द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के उपाय।
 6. औद्योगिक पार्कों और स्थानीय अवसंरचना को मजबूत करना।

उक्त योजना अंतर्गत कुल 154 सुधारों की पहचान की गई है, जिनमें से प्रत्येक का स्पष्ट उद्देष्य और मूल्यांकन सूची निर्धारित की गई है, ताकि जिलों में एक समान कार्यान्वयन और निगरानी सुनिश्चित किया जा सके। ये सुधार इस प्रकार तैयार किया गया है कि व्यवसायों के लिए पूर्वानुमान में सुधार हो और जिला स्तर पर प्रतिस्पर्धी पारिस्थिति की तंत्र का निर्माण हो, जो लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्ट-अप और नए निवेषों को समर्थन प्रदान करें।

District Business Reform Action Plan (DBRAP) के तहत, प्रत्येक सुधार के साथ जिले के प्रदर्षन का मूल्यांकन करने के लिए एक विस्तृत मूल्यांकन चेकलिस्ट दी गई है। मापदण्डों को निम्नलिखित विषयगत श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है :- 

सेवा वितरण एवं एकल विन्डो प्रणाली- सिंगल विन्डो सिस्टम या विभागीय पोर्टलों के माध्यम से व्यावसायिक जीवनचक्र के दौरान अनुमोदन, लाईसेंस और सेवाओं का ऑनलाइन प्रावधान, लघु एवं मध्यम उद्यमों और उद्यमों के लिए ऑनलाइन ऋण सुविधा उपकरणों की उपलब्धता।

भूमि एवं सम्पत्ति प्रशासन भूमि अभिलेखों और संपत्ति का डिजिटलीकरण, जिसमें भूमि पंजीकरण मानचित्र भी शामिल है। डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर भूमि/सम्पत्ति से संबंधित अदालती मामलों की जानकारी की उपलब्धता।

निरीक्षण और अनुपालन प्रणाली- जिला स्तरीय निरीक्षण डेटा वाले ऑनलाइन डैशबोर्ड द्वारा समर्थित समयबद्ध पारदर्शी निरीक्षण प्रक्रियाएं।

निवेशक सुविधा- Business Reform Action Plan (DBRAP) का उद्देष्य जिला उद्योग केन्द्रों को प्राथमिक सुविधा केन्द्र के रूप में मजबूत करके निवेषकों को औद्योगिक क्षमता पर स्पष्ट, जिला स्तरीय जानकारी प्रदान करना, सूचना संसाधनों को अद्यतन रखना, प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों का मानचित्रण रखना, बड़े निवेष प्रस्तावों का समर्थन रखना और विषेषज्ञों की पहुंच, प्रतिक्रिया और निगरानी के लिए प्रणालियां स्थापित करना है।

MSME और स्टार्ट अप को सहायता :- 

जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में पूर्व से दो स्टार्ट-अप सेल Muzaffarpur Institute of Technology तथा Lalit Narayan Mishra College of Business Management कार्यरत है। स्टार्ट-अप सेल के माध्यम से जिला स्तर पर उद्यमिता विकास को मजबूत करना है।

सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारियों को उनके संबंधित विभाग का नोडल पदाधिकारी नामित करते हुए जिला पदाधिकारी  द्वारा निर्देश दिया गया कि उनसे संबंधित विभाग में District Business Reform Action Plan (DBRAP) के तहत अब तक लागू की गई सुधार की विवरणी तथा भविष्य में लागू की जाने वाले कार्य-योजना दिनांक 23.07.2026 तक महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, मुजफ्फरपुर को समर्पित करेंगे। साथ हीं सभी सुधारों को दिनांक 10.08.2026 तक लागू करना सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी/पश्चिमी, महाप्रबंधक सहित जिले के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

Industries Department, Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में Ease of Doing Business के State Business Reforms Action Plan (SBRAP), District Business Reform Action Plan (DBRAP) एवं Single Window System के क्रियान्वयन से संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के यंग प्रोफेशनल के द्वारा Ease of Doing Business से संबंधित Powerpoint Presentation प्रस्तुत करते हुए निम्नांकित बिन्दुओं पर प्रकाश डाला गया :- District Business Reform Action Plan (DBRAP) को अंतिम मील डिलीवरी को मजबूत करने, सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने और जिलों को मजबूत संस्थागत और डिजिटल बुनियादी ढांचे से लैस करके क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए डिजाईन किया गया है। District Business Reform Action Plan (DBRAP) के तहत 6 प्रमुख सुधार क्षेत्रों को शमिल किया गया है :- 1. जिला स्तरीय अनुमोदन और सेवा वितरण। 2. सम्पत्ति अभिलेखों का डिजिटलीकरण और परिवर्तन। 3. समयबद्ध और जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणालियां। 4. जिला स्तरीय निवेश सुविधा तंत्र। 5. द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के उपाय। 6. औद्योगिक पार्कों और स्थानीय अवसंरचना को मजबूत करना। उक्त योजना अंतर्गत कुल 154 सुधारों की पहचान की गई है, जिनमें से प्रत्येक का स्पष्ट उद्देष्य और मूल्यांकन सूची निर्धारित की गई है, ताकि जिलों में एक समान कार्यान्वयन और निगरानी सुनिश्चित किया जा सके। ये सुधार इस प्रकार तैयार किया गया है कि व्यवसायों के लिए पूर्वानुमान में सुधार हो और जिला स्तर पर प्रतिस्पर्धी पारिस्थिति की तंत्र का निर्माण हो, जो लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्ट-अप और नए निवेषों को समर्थन प्रदान करें। District Business Reform Action Plan (DBRAP) के तहत, प्रत्येक सुधार के साथ जिले के प्रदर्षन का मूल्यांकन करने के लिए एक विस्तृत मूल्यांकन चेकलिस्ट दी गई है। मापदण्डों को निम्नलिखित विषयगत श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है :- सेवा वितरण एवं एकल विन्डो प्रणाली- सिंगल विन्डो सिस्टम या विभागीय पोर्टलों के माध्यम से व्यावसायिक जीवनचक्र के दौरान अनुमोदन, लाईसेंस और सेवाओं का ऑनलाइन प्रावधान, लघु एवं मध्यम उद्यमों और उद्यमों के लिए ऑनलाइन ऋण सुविधा उपकरणों की उपलब्धता। भूमि एवं सम्पत्ति प्रशासन भूमि अभिलेखों और संपत्ति का डिजिटलीकरण, जिसमें भूमि पंजीकरण मानचित्र भी शामिल है। डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर भूमि/सम्पत्ति से संबंधित अदालती मामलों की जानकारी की उपलब्धता। निरीक्षण और अनुपालन प्रणाली- जिला स्तरीय निरीक्षण डेटा वाले ऑनलाइन डैशबोर्ड द्वारा समर्थित समयबद्ध पारदर्शी निरीक्षण प्रक्रियाएं। निवेशक सुविधा- Business Reform Action Plan (DBRAP) का उद्देष्य जिला उद्योग केन्द्रों को प्राथमिक सुविधा केन्द्र के रूप में मजबूत करके निवेषकों को औद्योगिक क्षमता पर स्पष्ट, जिला स्तरीय जानकारी प्रदान करना, सूचना संसाधनों को अद्यतन रखना, प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों का मानचित्रण रखना, बड़े निवेष प्रस्तावों का समर्थन रखना और विषेषज्ञों की पहुंच, प्रतिक्रिया और निगरानी के लिए प्रणालियां स्थापित करना है। MSME और स्टार्ट अप को सहायता :- जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में पूर्व से दो स्टार्ट-अप सेल Muzaffarpur Institute of Technology तथा Lalit Narayan Mishra College of Business Management कार्यरत है। स्टार्ट-अप सेल के माध्यम से जिला स्तर पर उद्यमिता विकास को मजबूत करना है। सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारियों को उनके संबंधित विभाग का नोडल पदाधिकारी नामित करते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि उनसे संबंधित विभाग में District Business Reform Action Plan (DBRAP) के तहत अब तक लागू की गई सुधार की विवरणी तथा भविष्य में लागू की जाने वाले कार्य-योजना दिनांक 23.07.2026 तक महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, मुजफ्फरपुर को समर्पित करेंगे। साथ हीं सभी सुधारों को दिनांक 10.08.2026 तक लागू करना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी/पश्चिमी, महाप्रबंधक सहित जिले के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। Industries Department, Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Muzaffarpur, Bihar | Jul 20, 2026

बाढ़ पूर्व तैयारियों का जिलाधिकारी ने लिया जायजा, संबंधित अधिकारियों को 24X7 सतर्क रहने का निर्देश।

संभावित बाढ़ आपदा के दृष्टिगत जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने आज गंडक नदी के बाएं तट पर स्थित तिरहुत तटबंध के संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सरैया प्रखंड अंतर्गत रेवा घाट तथा पारू प्रखंड अंतर्गत मानिकपुर सहित अन्य संवेदनशील बिंदुओं का जायजा लेकर बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी 24X7 सतर्क रहकर कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने तटबंध पर स्थानीय बालू से भरे EC Bags (Empty Cement Bag) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध एवं सुरक्षित रखने, बाढ़ सुरक्षा से संबंधित अन्य सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक संख्या में हाई मास्ट/प्रकाश व्यवस्था, मजदूरों की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तटबंधों की निरंतर निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की क्षति, कटाव अथवा रिसाव की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करें ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Disaster Management Department Govt. of Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

बाढ़ पूर्व तैयारियों का जिलाधिकारी ने लिया जायजा, संबंधित अधिकारियों को 24X7 सतर्क रहने का निर्देश। संभावित बाढ़ आपदा के दृष्टिगत जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने आज गंडक नदी के बाएं तट पर स्थित तिरहुत तटबंध के संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सरैया प्रखंड अंतर्गत रेवा घाट तथा पारू प्रखंड अंतर्गत मानिकपुर सहित अन्य संवेदनशील बिंदुओं का जायजा लेकर बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी 24X7 सतर्क रहकर कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने तटबंध पर स्थानीय बालू से भरे EC Bags (Empty Cement Bag) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध एवं सुरक्षित रखने, बाढ़ सुरक्षा से संबंधित अन्य सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक संख्या में हाई मास्ट/प्रकाश व्यवस्था, मजदूरों की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तटबंधों की निरंतर निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की क्षति, कटाव अथवा रिसाव की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करें ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Disaster Management Department Govt. of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Muzaffarpur, Bihar | Jul 20, 2026

टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश।

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टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।

टीबी उन्मूलन अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने तीन टीबी के मरीजों को गोद लेते हुए उनके स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा नियमित उपचार एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी के प्रभावी उपचार के लिए दवाओं के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों से अपील की कि वे भी टीबी मरीजों को गोद लें और समय-समय पर उनके खान-पान, पोषण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोद लिए गए मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सभी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इस पहल का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाना तथा मरीजों को बेहतर उपचार एवं पोषण सहायता उपलब्ध कराना है।

बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के  संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए।

बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके।

बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में लगातार लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके।
इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके।

बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए।

टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके।

फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें।

बैठक में सभी इंडिकेटरों के आधार पर प्रखंडवार रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य प्रखंड भी उनसे सीख लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों के लिए अलग से माइक्रो प्लान तैयार किया जाए तथा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, स्कूलों एवं सामुदायिक संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लोग बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराएं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मरीजों का नियमित फॉलोअप तथा निक्षय पोषण योजना का समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए। उपचार बीच में छोड़ने वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक इंडिकेटर में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें, ताकि मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।

Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Bihar Health Department 
State Health Society, Bihar

टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश। ***************** टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। टीबी उन्मूलन अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने तीन टीबी के मरीजों को गोद लेते हुए उनके स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा नियमित उपचार एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी के प्रभावी उपचार के लिए दवाओं के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों से अपील की कि वे भी टीबी मरीजों को गोद लें और समय-समय पर उनके खान-पान, पोषण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोद लिए गए मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सभी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इस पहल का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाना तथा मरीजों को बेहतर उपचार एवं पोषण सहायता उपलब्ध कराना है। बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए। बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके। बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में लगातार लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके। इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके। बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए। टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें। बैठक में सभी इंडिकेटरों के आधार पर प्रखंडवार रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य प्रखंड भी उनसे सीख लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों के लिए अलग से माइक्रो प्लान तैयार किया जाए तथा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, स्कूलों एवं सामुदायिक संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लोग बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मरीजों का नियमित फॉलोअप तथा निक्षय पोषण योजना का समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए। उपचार बीच में छोड़ने वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक इंडिकेटर में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें, ताकि मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department State Health Society, Bihar

Muzaffarpur, Bihar | Jul 20, 2026

ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के विरोध में किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन।

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Musahri, Muzaffarpur | Jul 20, 2026