आदर्श ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर समाहरणालय में कार्यशाला, 21 गाँवों का हुआ चयन।
आज दिनांक 09.07.2026 को श्री शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी शेखपुरा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक-सह-एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह बैठक केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए चलाई जा रही "प्रधानमंत्री अनु० जाति अभ्युदय योजना" के घटक "आदर्श ग्राम योजना" के सफल क्रियान्वयन को लेकर आहुत की गई थी।
इस कार्यशाला में योजना को धरातल पर उतारने के लिए पदाधिकारियों एवं कर्मियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद ने बताया कि शेखपुरा जिले के कुल 21 गाँवों का चयन केन्द्र सरकार द्वारा आदर्श ग्राम योजना के तहत किया गया है। चयनित गाँवों की प्रखंडवार सूची इस प्रकार है शेखपुरा प्रखंड दुल्लापुर, मंदना, गुन्हेसा, हसौड़ी, बॉकरपुर बॉक।
बरबीघा प्रखंड: मलिकचक, उखदी, कन्हौली, मिर्जापुर, मिल्कीचक, गोडड़ीह। अरियरी प्रखंड: रंका, उसरी, बहादुरपुर, देवपुरी। शेखोपुरसराय प्रखंड शादिकपुर। चेवाड़ा प्रखंड: माने, बेंन्गुचा। घाटकुसुम्भा प्रखंड: पानापुर, जितवारपुर एवं बेलौनी।
चयन का आधार और योजना के मुख्य बिंदुजिला कल्याण पदाधिकारी श्री अरूण कुमार ने योजना के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत वैसे गाँवों को शामिल किया गया है, जहाँ वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) की आबादी कम-से-कम 40 प्रतिशत या 500 है।
गाँवों के समग्र विकास के लिए 10 प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जिनमें कुल 50 मानक/संकेतक निर्धारित हैं। इन्हीं मानकों के आधार पर ग्राम विकास योजना तैयार की जाएगी। ये 10 प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं पेयजल और स्वच्छता ,शिक्षा ,स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा
ग्रामीण सड़कें और आवास
विद्युत, कृषि पद्धति वित्तीय समावेशन
डिजटलीकरण, जीवन यापन और कौशल विकास 'अजय' मोबाइल ऐप से होगा सर्वेक्षण।
बैठक में जानकारी दी गई कि सभी चयनित गाँवों में 'अजय' मोबाइल ऐप के माध्यम से विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य किया जाना है। इसके बाद ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं की स्वीकृति ली जाएगी और अंतिम रूप से जिला स्तर द्वारा इसका अनुमोदन (अप्रूवल) किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी एवं चयनित गाँवों के लिए गठित सर्वेक्षण टीम के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।