मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 से ग्वालियर-चंबल अंचल के पर्यटन को मिली नई पहचान
ग्वालियर के ऐतिहासिक किले से मुरैना के बटेश्वर, पढ़ावली और मितावली तक पहुंचे पर्यटन प्रतिनिधि
सहजन होमस्टे में ग्रामीण व्यंजनों का लिया स्वाद, माटी कला, दरी निर्माण और लोकगीतों के माध्यम से जाना चंबल का सांस्कृतिक वैभव
मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत देश-विदेश से आए पर्यटन प्रतिनिधियों के लिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की परिचयात्मक यात्राएं आयोजित की गईं। इसी क्रम में पर्यटन प्रतिनिधियों के एक दल ने ग्वालियर-चंबल अंचल का भ्रमण कर यहां की ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं का अनुभव प्राप्त किया।
ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत से बटेश्वर के प्राचीन मंदिरों तक किया भ्रमण
पर्यटन प्रतिनिधियों के दल में गुजरात के अहमदाबाद, महाराष्ट्र के मुंबई एवं ठाणे, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तथा दिल्ली से आए प्रतिनिधि शामिल थे। दल ने ग्वालियर किले सहित प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इसके पश्चात मुरैना जिले के बटेश्वर, पढ़ावली और मितावली पहुंचकर प्राचीन मंदिरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने चंबल अंचल की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विविधता को निकट से जाना।
ग्रामीण होमस्टे में पारंपरिक आतिथ्य और स्थानीय व्यंजनों का लिया आनंद
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड एवं रागिनी फाउंडेशन के सहयोग से मुरैना जिले के ग्राम रिठोराकलां, ऐंती और मितावली में 18 ग्रामीण होमस्टे विकसित किए गए हैं। ये होमस्टे ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्थानीय परिवारों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्राम ऐंती स्थित सहजन होमस्टे में पर्यटन प्रतिनिधियों का पारंपरिक ग्रामीण आतिथ्य के साथ स्वागत किया गया। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण परिवारों के साथ बैठकर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया तथा खेती-किसानी, पारंपरिक खान-पान, रीति-रिवाजों और ग्रामीण जीवनशैली के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अनुभव के माध्यम से उन्हें ग्रामीण परिवेश में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला।
माटी कला, दरी निर्माण और लोकगीतों के माध्यम से जाना चंबल का सांस्कृतिक वैभव
ग्रामीण जीवन और स्थानीय कला-संस्कृति से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों में पर्यटन प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उन्होंने स्थानीय कारीगरों से माटी कला एवं दरी निर्माण की पारंपरिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की और स्वयं भी इन कलाओं को आजमाया। वहीं, स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिनिधियों को चंबल अंचल की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकगीतों और पारंपरिक कलाओं को करीब से जानने का अवसर मिला। इन गतिविधियों ने ग्रामीण पर्यटन के अनुभव को अधिक जीवंत और आकर्षक बनाया।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जुड़ेंगे स्थानीय उत्पाद और ग्रामीण पर्यटन
ग्वालियर-चंबल अंचल की इस परिचयात्मक यात्रा से क्षेत्र के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों, ग्रामीण होमस्टे, पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की संभावनाओं को बल मिला है। ऐसे प्रयासों से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने, स्थानीय कारीगरों एवं महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर विकसित करने में सहायता मिलेगी।
ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत, मुरैना के प्राचीन मंदिरों, ग्रामीण आतिथ्य, पारंपरिक कलाओं और लोक संस्कृति का समन्वित पर्यटन अनुभव ग्वालियर-चंबल अंचल को एक विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 के माध्यम से क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिला है, जिससे भविष्य में यहां पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसरों के सृजन की संभावनाएं मजबूत होंगी।
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120 views | Morena, Madhya Pradesh | Oct 14, 2026