सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के सात दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
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150 स्वयंसेवकों को युद्ध, आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत-बचाव कार्यों का दिया जाएगा प्रशिक्षण
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होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन के संबंध में जारी निर्देशों के पालन में विदिशा में सात दिवसीय सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को किया गया। प्रशिक्षण 20 से 26 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्रीमती मीना मसराम द्वारा किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस जिले के 150 सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स ने सहभागिता की। शुभारंभ के पश्चात स्वयंसेवकों को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नागरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में भूमिका की दी जाएगी जानकारी
सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को युद्ध अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा की भूमिका के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही आपदा के समय सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स की जिम्मेदारियों, आपदा एवं आपदा प्रबंधन, बचाव एवं राहत कार्यों तथा जन-जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का स्वरूप केवल सैद्धांतिक न होकर व्यावहारिक भी रखा गया है। वॉलेंटियर्स को इनडोर एवं आउटडोर दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके माध्यम से उन्हें विभिन्न आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मौके पर प्रभावी ढंग से कार्य करने तथा राहत एवं बचाव दलों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए तैयार किया जाएगा।
राहत-बचाव कार्यों में सहयोग के लिए होंगे सक्षम -
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को युद्ध, प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन तथा राहत-बचाव दलों के सहयोगी के रूप में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवकों में आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, आवश्यक सावधानियां बरतने, जनसामान्य को जागरूक करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में जिम्मेदारीपूर्वक सहयोग करने की क्षमता विकसित की जाएगी।
जिले में प्रशिक्षित सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स की उपलब्धता से किसी भी आपदा अथवा आपातकालीन स्थिति के दौरान प्रशासन को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन का सहयोग मिल सकेगा। स्वयंसेवकों को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि वे आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन एवं संबंधित राहत-बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए नागरिकों की सुरक्षा में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के अधिकारी-जवान रहे मौजूद -
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड विदिशा श्री मयंक कुमार जैन, कंपनी कमांडर श्री देवी सिंह परते, प्लाटून कमांडर सुश्री रश्मि दुबे, एएसआई श्री लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा सहित एसडीईआरएफ एवं होमगार्ड के जवान उपस्थित रहे। सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार विभिन्न सत्रों में स्वयंसेवकों को नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये स्वयंसेवक जिले में आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान प्रशासन और राहत-बचाव दलों को सहयोग प्रदान करने में अधिक सक्षम होंगे। #Vidisha