#अजब_गजब_मामला..!
भरतपुर। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले राजस्थान के विधानसभा चुनाव 2023 तक आरएलडी का कांग्रेस से गठबंधन था। भरतपुर में भी कांग्रेस के समर्थन से 2018 और 2023 में आरएलडी प्रत्याशी डॉक्टर सुभाष गर्ग विधायक बने थे। लेकिन उसके बाद लोकसभा चुनाव 2024 में आरएलडी का केंद्र में बीजेपी से गठबंधन हो गया। अभी जयंत चौधरी केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी है। इसलिए नगर निकाय चुनावों में आरएलडी भरतपुर में बिना बीजेपी और कांग्रेस से गठबंधन किए अकेले चुनाव लड़ रही है। लेकिन अब आश्चर्य की बात यह है कि एक नेताजी ऐसे सामने आए है जिसको भरतपुर नगर निगम के चुनावों के लिए कांग्रेस और आरएलडी ने अपनी अपनी पार्टी के लिए जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस ने इन नेताजी को वार्ड प्रभारी तो वहीं आरएलडी ने वार्ड पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि दोनों पार्टी अलग अलग चुनाव लड़ रही है। आखिर ये कैसा झोल है, जो समझ से बाहर है। इन नेताजी को गहलोत सरकार के कार्यकाल के दौरान भरतपुर नगर निगम में मनोनीत पार्षद भी बनाया गया था।