किशनगंज: डीएम नवीन कुमार किशनगंज एवं संतोष कुमार, पुलिस अधीक्षक, किशनगंज द्वारा संयुक्त रूप से भ्रमण कार्यक्रम के दौरान ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत बंदरझुला पंचायत के सीमावर्ती क्षेत्र स्थित भेंडरानी एवं कोईया गांव के विभिन्न टोलों, विशेषकर आदिवासी टोलों एवं सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आवास, स्वच्छता, सड़क, बिजली, बाढ़ एवं कटाव से सुरक्षा सहित अन्य आवश्यकताओं का स्थलीय जायजा लिया गया।
इस क्रम में उन्होंने स्वयं स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी भी प्राप्त की ।
निरीक्षण के दौरान निम्न प्रमुख आवश्यकताओं को चिन्हित किया गया—
1. स्वास्थ्य सुविधा:
सिंघीमारी टोला स्थित जियोपोखर क्षेत्र में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वास्थ्य उपकेंद्र/चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता चिन्हित की गई।
2. शिक्षा व्यवस्था: बंदर झूला पंचायत में उत्क्रमित उच्च विद्यालय के लिए विद्यालय भवन की आवश्यकता पाई गई। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई पर बल दिया गया।
3. कौशल विकास एवं रोजगार प्रशिक्षण:
भेंडरानी एवं कोईया पंचायत के सभी टोलों में युवाओं एवं ग्रामीणों को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की आवश्यकता चिन्हित की गई। इसके तहत विद्युत कार्य, सिलाई-बुनाई, ब्यूटीशियन, कृषि प्रशिक्षण, धान एवं मक्का से संबंधित प्रशिक्षण तथा कंप्यूटर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।
4. आंगनबाड़ी केंद्र: भेन्डरानी एवं कोईया ग्राम के विभिन्न
वार्डो में बच्चों एवं महिलाओं को आवश्यक पोषण एवं प्रारंभिक बाल विकास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु आंगनबाड़ी केंद्र की आवश्यकता चिन्हित की गई।
5. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना:
जोरबाड़ी बॉर्डर बस्ती स्थित आदिवासी टोला में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 22 लाभार्थियों का आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे/चयन संबंधी कार्य किए जाने की जानकारी ली गई। पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया गया।
6. स्वच्छता एवं शौचालय निर्माण:
एल.एस.बी.ए. अंतर्गत लाभार्थियों की सूची प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जीविका को शौचालय निर्माण हेतु ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने के लिए हस्तगत कराई गई है। साथ ही लाभार्थियों द्वारा शौचालय निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया है, साथ ही मनरेगा से सोख्ता का निर्माण कराना सुनिश्चित करेंगे ।
7. बाढ़ एवं कटाव से सुरक्षा:
वार्ड संख्या-01 के अश्विनि टोला में कनकई नदी से होने वाले कटाव से बचाव हेतु चैनल निर्माण/बाढ़रोधी कार्य की आवश्यकता चिन्हित की गई। क्षेत्र की भौगोलिक एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराने पर बल दिया गया।
8. प्रकाश व्यवस्था:
सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सुरक्षा तथा आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी टोलों, विशेषकर आदिवासी टोलों में हाईमास्ट लाइट एवं सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की आवश्यकता चिन्हित की गई ,साथ ही आदिवासी टोला के महिलाओं को जीविका समुह से जोड़ना सुनिश्चित करेंगे एवं पशुपालन हेतु मनरेगा से पशु सेड का निर्माण कराना सुनिश्चित करेंगे।
9. संपर्क पथ:
सभी टोलों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए संपर्क पथ की आवश्यकता का स्थलीय जायजा लिया गया। ग्रामीणों की आवागमन संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
10. अश्विनि टोला से बाड़ी जमीन तक सड़क:
अश्विनि टोला से बाड़ी जमीन जाने वाली लगभग 3200 फीट लंबी सड़क के निर्माण/सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता चिन्हित की गई, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिल सके तथा क्षेत्र का संपर्क बेहतर हो।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने संबंधित पदाधिकारियों को चिन्हित आवश्यकताओं का प्राथमिकता के आधार पर आकलन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं मूलभूत सुविधाओं की पहुंच समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
वहीं, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार ने सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन, प्रकाश व्यवस्था एवं ग्रामीणों के साथ समन्वय से संबंधित पहलुओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, सुख नशा पर रोक लगाने तथा तस्करों पर विशेष निगरानी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला प्रशासन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों के जनजातीय क्षेत्रों में समग्र विकास के साथ-साथ वहां के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास, स्वच्छता, सड़क, बिजली एवं सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थानाध्यक्ष, अंचलाधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण गण आदि उपस्थित थे।