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मंत्री नितिन अग्रवाल की टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुतला दहन के प्रयास पर पुलिस से नोकझोंक हरदोई। आबकारी मंत्री एवं सदर विधायक नितिन अग्रवाल द्वारा कांग्रेस के अस्तित्व को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। कचहरी परिसर से शुरू हुआ जुलूस सिनेमा चौराहे तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया। पुतला दहन की आशंका के चलते पहले से तैनात पुलिस बल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतले को लेकर तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और छीना-झपटी हुई। कुछ समय तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और कार्यकर्ता मंत्री एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडेय, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनुपम दीक्षित समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर शहर कोतवाली भेज दिया। गिरफ्तारी के दौरान भी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन से पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडेय ने कहा कि मंत्री द्वारा कांग्रेस के अस्तित्व पर की गई टिप्पणी का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। उनका कहना था कि कांग्रेस के इतिहास और उसके कार्यकर्ताओं का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने मंत्री की टिप्पणी को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि पार्टी ऐसे बयानों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सिंह, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हसन अहमद, जिला एवं शहर कांग्रेस के पदाधिकारी तथा विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Bilgram, Hardoi | Jul 12, 2026

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हरदोई में वृक्षारोपण महायज्ञ बना जनआंदोलन, लक्ष्य से अधिक 72.75 लाख पौधे रोपे गए

हरदोई। प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत रविवार को जनपद हरदोई में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पूरे जिले में निर्धारित लक्ष्य 72,74,700 पौधों के मुकाबले 72,75,759 पौधे रोपकर लक्ष्य से अधिक पौधरोपण किया गया।

जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) हरदोई में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, याचिका समिति के सभापति अशोक अग्रवाल, जिलाधिकारी अनुनय झा, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, सामाजिक वानिकी एवं वन्यजीव विभाग के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, किसान और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने पौधरोपण किया।

कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने हरिशंकरी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने महोगनी, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह ने वाटलब्रश, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने मौलश्री तथा जिलाधिकारी अनुनय झा ने अशोक का पौधा रोपा। इस अवसर पर "आम भंडारा" अभियान के तहत आम के पौधों का भी वितरण किया गया।

राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने शाहाबाद विकासखंड के वृहद गौसंरक्षण केंद्र तडेर, स्वामी ब्रह्मानंद डिग्री कॉलेज आगमपुर तथा टोडरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कपूरपुर बहोरन में आयोजित कार्यक्रमों में भी पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से चलाया जा रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की अपील की।

जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप वृक्षारोपण महाअभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने का प्रयास किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, जीरो पॉवर्टी लाभार्थियों और ट्रांसजेंडर समुदाय की सहभागिता से अभियान को व्यापक स्वरूप मिला।

इसी क्रम में लखनऊ मंडल के अपर आयुक्त राधेश्याम ने संडीला क्षेत्र के ग्राम मवई मुसलमानान में पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

अभियान के तहत जीरो पॉवर्टी लाभार्थियों ने 23,230, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 77,580 तथा दिव्यांगजनों ने 3,879 पौधे लगाए। ट्रांसजेंडर समुदाय ने भी बावन गौशाला में पौधरोपण कर अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई। जनपद के विभिन्न विभागों ने अपने-अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

हरदोई में वृक्षारोपण महायज्ञ बना जनआंदोलन, लक्ष्य से अधिक 72.75 लाख पौधे रोपे गए हरदोई। प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत रविवार को जनपद हरदोई में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पूरे जिले में निर्धारित लक्ष्य 72,74,700 पौधों के मुकाबले 72,75,759 पौधे रोपकर लक्ष्य से अधिक पौधरोपण किया गया। जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) हरदोई में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, याचिका समिति के सभापति अशोक अग्रवाल, जिलाधिकारी अनुनय झा, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, सामाजिक वानिकी एवं वन्यजीव विभाग के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, किसान और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने पौधरोपण किया। कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने हरिशंकरी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने महोगनी, विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह ने वाटलब्रश, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने मौलश्री तथा जिलाधिकारी अनुनय झा ने अशोक का पौधा रोपा। इस अवसर पर "आम भंडारा" अभियान के तहत आम के पौधों का भी वितरण किया गया। राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने शाहाबाद विकासखंड के वृहद गौसंरक्षण केंद्र तडेर, स्वामी ब्रह्मानंद डिग्री कॉलेज आगमपुर तथा टोडरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कपूरपुर बहोरन में आयोजित कार्यक्रमों में भी पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से चलाया जा रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की अपील की। जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप वृक्षारोपण महाअभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने का प्रयास किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, जीरो पॉवर्टी लाभार्थियों और ट्रांसजेंडर समुदाय की सहभागिता से अभियान को व्यापक स्वरूप मिला। इसी क्रम में लखनऊ मंडल के अपर आयुक्त राधेश्याम ने संडीला क्षेत्र के ग्राम मवई मुसलमानान में पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। अभियान के तहत जीरो पॉवर्टी लाभार्थियों ने 23,230, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 77,580 तथा दिव्यांगजनों ने 3,879 पौधे लगाए। ट्रांसजेंडर समुदाय ने भी बावन गौशाला में पौधरोपण कर अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई। जनपद के विभिन्न विभागों ने अपने-अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

Bilgram, Hardoi | Jul 12, 2026

विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरूकता रैली निकली, 11 से 18 जुलाई तक चलेगा परिवार नियोजन अभियान

हरदोई। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला पुरुष चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल परिवार की अवधारणा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि छोटा परिवार न केवल मां और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला है, बल्कि परिवार के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रैली के माध्यम से लोगों को छोटे परिवार के लाभ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों से परिवार नियोजन अपनाने और जिम्मेदार अभिभावक बनने का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका शुक्ला, परिवार नियोजन काउंसलर गरिमा शुक्ला, स्टाफ नर्स शशि देवी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी इंद्रभूषण सिंह, एफपीएलएमआईएस प्रबंधक किन्दरलाल, स्त्री क्लिनिक संस्था से स्नेहा मिश्रा, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राएं, निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट से मृदुल पांडे सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं अधिकारी मौजूद रहे।

11 से 18 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में जनपद में 11 से 18 जुलाई तक परिवार नियोजन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के सुरक्षित एवं प्रभावी साधनों, उनके लाभ तथा छोटे परिवार के महत्व के बारे में जानकारी देंगे।

उन्होंने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन निःशुल्क उपलब्ध हैं। इच्छुक लाभार्थी अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यकता के अनुसार उनका उपयोग करने तथा स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरूकता रैली निकली, 11 से 18 जुलाई तक चलेगा परिवार नियोजन अभियान हरदोई। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला पुरुष चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल परिवार की अवधारणा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि छोटा परिवार न केवल मां और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला है, बल्कि परिवार के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रैली के माध्यम से लोगों को छोटे परिवार के लाभ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों से परिवार नियोजन अपनाने और जिम्मेदार अभिभावक बनने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका शुक्ला, परिवार नियोजन काउंसलर गरिमा शुक्ला, स्टाफ नर्स शशि देवी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी इंद्रभूषण सिंह, एफपीएलएमआईएस प्रबंधक किन्दरलाल, स्त्री क्लिनिक संस्था से स्नेहा मिश्रा, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राएं, निर्मला नर्सिंग इंस्टीट्यूट से मृदुल पांडे सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं अधिकारी मौजूद रहे। 11 से 18 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में जनपद में 11 से 18 जुलाई तक परिवार नियोजन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के सुरक्षित एवं प्रभावी साधनों, उनके लाभ तथा छोटे परिवार के महत्व के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन निःशुल्क उपलब्ध हैं। इच्छुक लाभार्थी अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यकता के अनुसार उनका उपयोग करने तथा स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

Bilgram, Hardoi | Jul 11, 2026

हरदोई में बाल श्रम और मिड-डे मील अनियमितताओं का मामला गरमाया, आयोगों की सख्ती के बीच प्रशासन पर उठे सवाल

हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालय कोटरा, विकास खंड टड़ियावां से जुड़ा बाल श्रम और मिड-डे मील में कथित अनियमितताओं का मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक मंचों तक पहुंच गया है। विद्यालय के सहायक अध्यापक विनोद कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने संज्ञान लेते हुए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं मामले को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।

शिकायतकर्ता शिक्षक का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों से कई दिनों तक ईंट ढुलवाने और शौचालय का मलबा उठवाने जैसा कार्य कराया गया, जिसके वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं। उनका यह भी आरोप है कि मिड-डे मील योजना के तहत पिछले दो वर्षों से दूध वितरण में अनियमितताएं हुईं और शासन द्वारा निर्धारित मात्रा से कम दूध बच्चों को दिया गया। शिकायत में इन सभी आरोपों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले में आरोपित प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र और एक अन्य कर्मचारी का वेतन बहाल कर दिया गया, जबकि शिकायत उजागर करने वाले शिक्षक तथा विद्यालय की रसोइयों का वेतन अब भी रोका गया है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से की गई है।

मामले में मानवाधिकार आयोग द्वारा जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए थे। आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत न होने पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 निर्धारित की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) तथा सहायक श्रमायुक्त की त्रिसदस्यीय समिति गठित की है। समिति को वित्तीय अभिलेखों, मिड-डे मील से जुड़े रिकॉर्ड तथा बाल श्रम से संबंधित आरोपों की जांच कर निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि इस पूरे प्रकरण में कुछ अहम सवाल अब भी बने हुए हैं। यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा पहले ही कुछ तथ्यों की पुष्टि की जा चुकी थी और विभिन्न आयोग लगातार कार्रवाई के निर्देश दे रहे थे, तो अब तक कथित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई? शिकायतकर्ता का वेतन लंबे समय से रोके जाने के पीछे क्या कारण हैं? और सबसे महत्वपूर्ण यह कि क्या नई जांच समिति निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करेगी?

फिलहाल पूरे मामले पर शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित आयोगों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकार के निर्णय के बाद ही होगी।

हरदोई में बाल श्रम और मिड-डे मील अनियमितताओं का मामला गरमाया, आयोगों की सख्ती के बीच प्रशासन पर उठे सवाल हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालय कोटरा, विकास खंड टड़ियावां से जुड़ा बाल श्रम और मिड-डे मील में कथित अनियमितताओं का मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक मंचों तक पहुंच गया है। विद्यालय के सहायक अध्यापक विनोद कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने संज्ञान लेते हुए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं मामले को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता शिक्षक का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों से कई दिनों तक ईंट ढुलवाने और शौचालय का मलबा उठवाने जैसा कार्य कराया गया, जिसके वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं। उनका यह भी आरोप है कि मिड-डे मील योजना के तहत पिछले दो वर्षों से दूध वितरण में अनियमितताएं हुईं और शासन द्वारा निर्धारित मात्रा से कम दूध बच्चों को दिया गया। शिकायत में इन सभी आरोपों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले में आरोपित प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र और एक अन्य कर्मचारी का वेतन बहाल कर दिया गया, जबकि शिकायत उजागर करने वाले शिक्षक तथा विद्यालय की रसोइयों का वेतन अब भी रोका गया है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से की गई है। मामले में मानवाधिकार आयोग द्वारा जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए थे। आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत न होने पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 निर्धारित की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) तथा सहायक श्रमायुक्त की त्रिसदस्यीय समिति गठित की है। समिति को वित्तीय अभिलेखों, मिड-डे मील से जुड़े रिकॉर्ड तथा बाल श्रम से संबंधित आरोपों की जांच कर निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस पूरे प्रकरण में कुछ अहम सवाल अब भी बने हुए हैं। यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा पहले ही कुछ तथ्यों की पुष्टि की जा चुकी थी और विभिन्न आयोग लगातार कार्रवाई के निर्देश दे रहे थे, तो अब तक कथित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई? शिकायतकर्ता का वेतन लंबे समय से रोके जाने के पीछे क्या कारण हैं? और सबसे महत्वपूर्ण यह कि क्या नई जांच समिति निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करेगी? फिलहाल पूरे मामले पर शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित आयोगों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकार के निर्णय के बाद ही होगी।

Bilgram, Hardoi | Jul 11, 2026

पति की मौत के बाद उजड़ गया आशियाना, पांच मासूम बच्चों के साथ भूख और बेबसी से जूझ रही विधवा; सरकार से लगाई जीवन बचाने की गुहार

हरदोई। हरियावां विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरी-नेवादा की रहने वाली पूनम सिंह के लिए पति की मौत के बाद जिंदगी मानो थम सी गई है। तीन माह पहले बीमारी से पति सुधीर कुमार सिंह के निधन के बाद अब पांच मासूम बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उनके कमजोर कंधों पर आ गई है। आर्थिक तंगी इस कदर है कि कई बार बच्चों को दिन में केवल एक वक्त का भोजन ही नसीब हो पाता है।

पूनम सिंह ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके परिवार के पास न तो रहने के लिए पक्का घर है और न ही आय का कोई स्थायी साधन। चार बेटियों और सात वर्षीय बेटे के पालन-पोषण की चिंता उन्हें हर पल सता रही है। बच्चों की पढ़ाई, भोजन और भविष्य सब कुछ अनिश्चितता के बीच झूल रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी परिवार तक नहीं पहुंच पा रहा है। राशन कार्ड में बच्चों के नाम दर्ज नहीं हैं, जबकि दो बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी अब तक नहीं बन सके हैं। ऐसे में परिवार खाद्यान्न, पेंशन और अन्य सरकारी सहायता से भी वंचित है।

पूनम सिंह ने जिलाधिकारी से विधवा पेंशन, राशन कार्ड में बच्चों के नाम दर्ज कराने, आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र बनवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा परिवार की जांच कर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

यह मामला केवल एक परिवार की बेबसी नहीं, बल्कि उन सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़ा करता है, जिनका उद्देश्य संकटग्रस्त और असहाय परिवारों को समय पर सहारा देना है। पति की मृत्यु के तीन महीने बाद भी यदि एक विधवा अपने पांच छोटे बच्चों के साथ भूख, अभाव और असुरक्षा में जीवन बिताने को मजबूर है, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह इस परिवार की स्थिति का संज्ञान लेकर केवल औपचारिक जांच तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद परिवार को शीघ्र राहत और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराए, ताकि पांच मासूम बच्चों का भविष्य अभाव और भूख की भेंट न चढ़े।

पति की मौत के बाद उजड़ गया आशियाना, पांच मासूम बच्चों के साथ भूख और बेबसी से जूझ रही विधवा; सरकार से लगाई जीवन बचाने की गुहार हरदोई। हरियावां विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरी-नेवादा की रहने वाली पूनम सिंह के लिए पति की मौत के बाद जिंदगी मानो थम सी गई है। तीन माह पहले बीमारी से पति सुधीर कुमार सिंह के निधन के बाद अब पांच मासूम बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उनके कमजोर कंधों पर आ गई है। आर्थिक तंगी इस कदर है कि कई बार बच्चों को दिन में केवल एक वक्त का भोजन ही नसीब हो पाता है। पूनम सिंह ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके परिवार के पास न तो रहने के लिए पक्का घर है और न ही आय का कोई स्थायी साधन। चार बेटियों और सात वर्षीय बेटे के पालन-पोषण की चिंता उन्हें हर पल सता रही है। बच्चों की पढ़ाई, भोजन और भविष्य सब कुछ अनिश्चितता के बीच झूल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी परिवार तक नहीं पहुंच पा रहा है। राशन कार्ड में बच्चों के नाम दर्ज नहीं हैं, जबकि दो बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी अब तक नहीं बन सके हैं। ऐसे में परिवार खाद्यान्न, पेंशन और अन्य सरकारी सहायता से भी वंचित है। पूनम सिंह ने जिलाधिकारी से विधवा पेंशन, राशन कार्ड में बच्चों के नाम दर्ज कराने, आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र बनवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा परिवार की जांच कर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। यह मामला केवल एक परिवार की बेबसी नहीं, बल्कि उन सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़ा करता है, जिनका उद्देश्य संकटग्रस्त और असहाय परिवारों को समय पर सहारा देना है। पति की मृत्यु के तीन महीने बाद भी यदि एक विधवा अपने पांच छोटे बच्चों के साथ भूख, अभाव और असुरक्षा में जीवन बिताने को मजबूर है, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह इस परिवार की स्थिति का संज्ञान लेकर केवल औपचारिक जांच तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद परिवार को शीघ्र राहत और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराए, ताकि पांच मासूम बच्चों का भविष्य अभाव और भूख की भेंट न चढ़े।

Bilgram, Hardoi | Jul 11, 2026