इस पुलिस अधिकारी को सैल्यूट है सच बोलने की हिम्मत तो दिखाई एसीपी मानस्वी वशिष्ठ ने ।
कब तक नेताओं की आदेश माने एक ना एक दिन तो यह बोलना ही था ।
निन्यानवे बार नपुंसकता क्यों? 🤨 यह क्या बोल गये ACP मानस्वी वशिष्ठ
दिल्ली पुलिस के ACP मानस्वी वशिष्ठ ने कहा —
“हम सौ में से निन्यानवे बार नपुंसकता चुनते हैं, एक बार पौरुष चुन लिया तो दिक्कत हो गई।”
तो ACP साहब, एक बात बताओ...
वर्दी क्यों पहनी थी किसके लिए पहनी थी ? संविधान की कसम क्यों खाई थी? अन्याय के सामने खड़े होने की हिम्मत कहां गई?
जनता को सौ में एक बार की बहादुरी नहीं चाहिए साहब, हर बार कानून के साथ खड़े होने वाले अधिकारी चाहिए! जनता की सुरक्षा करने वाला पुलिस अधिकारी चाहिए नेताओं के आदेश मानने वाला पुलिस अधिकारी नहीं ।
न सत्ता का डर हो, न कुर्सी का मोह, हर वर्दी में जिंदा ज़मीर होना चाहिए!
और साहब... काहे की वर्दी, काहे की शपथ, जब हर बार डर के आगे झुकना है ? ⚖️🔥
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