विधायक, मुजफ्फरपुर; जिला पदाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा पदाधिकारियों ने कलश यात्रा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर प्रखंडों के लिए किया रवाना
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नगर विधायक रंजन कुमार; जिला पदाधिकारी कुमार गौरव एवं जनप्रतिनिधियों तथा पदाधिकारियों ने समाहरणालय से 11 कलश यात्रा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर सभी प्रखंडों के लिए रवाना किया। इन सभी वाहनों को श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समरसता संकल्प अभियान के दौरान जिला के 2,751 अनुसूचित जाति टोलों में रूट चार्ट के अनुसार घूमाया जाएगा तथा लोगों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारियों के निदेशन में तत्काल प्रभाव से इन वाहनों को संचालित किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर ने कहा कि सरकार के आदेश के अनुसार संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर सभी अनुसूचित जाति टोलों में समरसता संकल्प अभियान विधिवत आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाना है। इस बारे में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा विस्तार से निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के चार मुख्य घटक हैं: कलश यात्रा, श्री गुरु संत रविदास विकास शिविर का आयोजन, IEC (सूचना, शिक्षा एवं संवाद) वाहनों के माध्यम से सरकार की योजनाओं एवं संत शिरोमणि श्री गुरू रविदास समरसता संकल्प अभियान का प्रचार प्रसार तथा अन्य गतिविधियां।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि कलश यात्रा जिला में चल रही है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कलश यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न करें। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति आबादी वाले सभी टोलों में सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की शत प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त करना है। इस उद्देश्य से श्री संत रविदास विकास शिविर का आयोजन सभी अनुसूचित जाति टोलों में 27 अगस्त, 2026 से प्रारंभ होकर 15 फ़रवरी, 2027 तक प्रत्येक बृहस्पतिवार को किया जाएगा। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विकास शिविरों का माइक्रो-प्लान तैयार कर 24 घंटा के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन शिविर कार्यक्रम का स्थल टोला या टोला क्लस्टर के नज़दीक का सरकारी भवन या अन्य कोई सार्वजनिक स्थान होगा। 1,131 शिविरों में क्लस्टर बनाकर कुल 2,751 महादलित टोलों को आच्छादित किया जा रहा है। शिविर कार्यक्रम स्थल और तिथि की जानकारी विकास मित्रों के माध्यम से सभी टोलों में प्रसारित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि इन शिविरों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशनकार्ड), उज्ज्वला योजना, औपचारिक शिक्षा हेतु विद्यालय में प्रवेश, आंगनबाड़ी, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से आच्छादन, आधार कार्ड निर्माण, कुशल युवा कार्यक्रम/ कौशल विकास कार्यक्रम, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, वास भूमि/ बंदोबस्ती, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं, हर घर नल जल योजना, जॉब कार्ड, जीविका, विद्युत कनेक्शन, मुख्यमंत्री टोला संपर्क योजना, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण सहित 22 योजनाओं का संचालन किया जाएगा। शिविरों में आयोजित होने वाले योजनावार गतिविधियों के लिए उत्तरदायी विभागों, संबद्ध पंचायत स्तरीय कर्मियों एवं प्रखंड स्तरीय पर्यवेक्षकों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया है। शिविरों से पूर्व आवेदन प्राप्त करते हुए आवेदन का निष्पादन किया जाएगा एवं एंटाइटलमेण्ट का वितरण शिविर में किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारियों को इन शिविरों में माननीय जन प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला कल्याण पदाधिकारी जिला स्तर पर एवं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी प्रखंड स्तर पर इस कार्यक्रम का समन्वय करेंगे। शिविरों की अध्यक्षता हेतु जिला स्तरीय पदाधिकारियों को नामित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि कलश यात्रा वाहनों के अतिरिक्त इस अभियान के तहत सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु आईईसी वैन का भी संचालन किया जाएगा। इन वाहनों को सितम्बर से अक्टूबर तक रूट प्लान के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा ताकि अभियान का वृहत प्रचार-प्रसार हो। ज़िलाधिकारी ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान के तहत अन्य गतिविधियों में जिला स्तरीय अंतर विद्यालय खेल प्रतियोगिता, साइकिल रैली, वाद विवाद, निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन, 3D प्रिंटिंग तकनीक, AI एवं Industry 4.0 संबंधित विशेष कौशल प्रशिक्षण सत्र का आयोजन, डॉ बीआर अंबेडकर आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में उच्च स्तरीय पदाधिकारियों के प्रेरणादायी दौरे इत्यादि शामिल है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग एवं क्षेत्र के विकास के प्रति दृढ़-संकल्पित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, नगर विकास सहित सभी विषयों पर सरकार का विशेष ध्यान है। इसी के अनुरूप पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के सिद्धान्त पर चलते हुए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग अन्तर्गत भी मुजफ्फरपुर जिला में काफ़ी अच्छा काम किया जा रहा है। पोखरैरा, राजवाड़ा, बोचहाँ एवं मुरौल में 4 अम्बेदकर आवासीय विद्यालय संचालित है, जिसमें कुल 1116 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं। इन्हें आवासन, अध्ययन, भोजन इत्यादि सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल क्लास, पुस्तकालय एवं खेल-कूद की सुविधा उपलब्ध है। 5 अतिरिक्त आवासीय विद्यालय प्रखण्ड-पारू, मोतीपुर, सकरा, बंदरा तथा कुढ़नी की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी गई है, जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। जिला में कुल 6 डाॅ. भीमराव अम्बेदकर कल्याण छात्रावासों में कुल 480 छात्र/छात्राएं नामांकित है, जिन्हें मुख्यमंत्री अनुदान योजना के तहत 2,000 रुपए प्रति माह एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत 15 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसमें 9 किलो चावल एवं 6 किलो गेहूँ शामिल है, प्रति माह उपलब्ध कराया जा रहा है। छात्रावासों में पुस्तकालय एवं डिजीटल क्लास की सुविधा उपलब है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सिकन्दरपुर में सावित्री बाई फुले छात्रावास का निर्माण की स्वीकृति सरकार द्वारा दी गई है। बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के परिसर में बीपीएससी, रेलवे, बैंक, एसएससी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी हेतु प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है, जिसमें नामांकित 120 छात्रों को 1500 रुपए एवं अन्य जिलों के छात्रों को 3000 हजार रुपए प्रति माह छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः सजग एवं तत्पर रहकर सभी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
इस अक्सर पर उप विकास आयुक्त, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्षद्वय, जिला कल्याण पदाधिकारी, अन्य माननीय जन प्रतिनिधिगण तथा अधिकारीगण उपस्थित थे।