कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ब्रांडिंग करेंगे प्रशिक्षित मीडिया कर्मीः प्रो. महासिंह पूनिया
स्थानीय मुद्दों की समझ से ही सफल पत्रकारिता संभवः डॉ. राजेश वधवा
रचनात्मकता से निखरती है वीडियो एडिटिंग की कलाः दीपक सैनी
दो दिवसीय मीडिया प्रोडक्शन कार्यशाला का समापन
कुरुक्षेत्र, 25 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के मिनी ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय मीडिया प्रोडक्शन कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यशाला के अंतिम दिन विद्यार्थियों को मीडिया क्षेत्र की व्यावहारिक एवं तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया गया।
अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि मीडिया प्रोडक्शन कार्यशाला के माध्यम से तैयार होने वाले प्रशिक्षित मीडिया कर्मी विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शोध कार्यों और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक अनुभव से लैस विद्यार्थी भविष्य में विश्वविद्यालय की सकारात्मक ब्रांडिंग के सशक्त माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किसी की नकल करने के बजाय स्वयं की पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में वही व्यक्ति स्थायी सफलता प्राप्त करता है जिसकी अपनी मौलिक सोच और अलग पहचान होती है। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, रचनात्मक और आत्मविश्वासी बनाना है ताकि वे मीडिया जगत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकें।
प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि मीडिया प्रोडक्शन कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में डिजिटल मीडिया, कंटेंट क्रिएशन, तकनीकी दक्षता, तथ्यपरक सोच और आत्मविश्वास का विकास किया जाता है। ऐसे प्रशिक्षित विद्यार्थी भविष्य में समाज और विश्वविद्यालय की सकारात्मक छवि निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समापन अवसर पर प्रो. पूनिया ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में खबरनामा हरियाणा के एडिटर एवं ऑनर डॉ. राजेश वधवा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम प्रदान किया है। स्थानीय समस्याओं और जनहित के विषयों की गहरी समझ ही सफल पत्रकारिता की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचार टेक्स्ट, ऑडियो, वीडियो और फोटोग्राफी के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने सलाह दी कि कंटेंट निर्माण में अत्यधिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर निर्भर रहने के बजाय मौलिकता को प्राथमिकता देनी चाहिए। डॉ. वधवा ने विद्यार्थियों को यूट्यूब चैनल संचालन, डिजिटल मीडिया रणनीतियों तथा सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग की तकनीकी जानकारियां भी प्रदान कीं। इस अवसर पर खबरनामा हरियाणा की टीम के सदस्य नीतू चौहान और प्रजन्य शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा किए।
द्वितीय सत्र में फ्रीलांस वीडियो एडिटर दीपक सैनी ने कहा कि सफल वीडियो एडिटर बनने के लिए रचनात्मक सोच सबसे महत्वपूर्ण गुण है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से वीडियो निर्माण और संपादन का अभ्यास करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपनी पसंद और रचनात्मकता के अनुरूप तैयार की गई सामग्री दर्शकों पर अधिक प्रभाव छोड़ती है। दीपक सैनी ने विद्यार्थियों को एफसीपी, एडोबी प्रीमियर प्रो, आफ्टर इफेक्ट्स, फोटोशॉप, कैनवा, पिक्सआर्ट और इनशॉट जैसे सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्लिकेशनों के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के संयोजक एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. आबिद अली ने कहा कि दो दिवसीय कार्यशाला अपने सभी निर्धारित उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने में सफल रही। कार्यशाला में विधि विभाग, मैनेजमेंट, मास कम्यूनिकेशन, ग्राफिक्स, मीडिया के करीब 26 विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की। उन्होंने बताया कि संस्थान के अनेक विद्यार्थी आज कंटेंट क्रिएटर, फोटोग्राफर, वीडियो एवं ऑडियो एडिटर, स्क्रिप्ट राइटर, एंकर और रेडियो जॉकी के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रो. महासिंह पूनिया की दूरदर्शी सोच और संस्थान की सामूहिक कार्य संस्कृति को दिया।
डॉ. आबिद अली ने कार्यशाला में आमंत्रित सभी मीडिया विशेषज्ञों, मंच संचालकों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में मीडिया, ग्राफिक्स एंड एनीमेशन तथा प्रबंधन विभाग के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर संस्थान के सहायक प्राध्यापक रितु, सुनीता, राकेश कुमार, सचिन वर्मा, अमित जांगड़ा, मोनिका दुआ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।