*कोटड़ी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अल्टीमेटम*
आकोला (रमेश चंद्र डाड) राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं मिनी कार्यकर्ताएं खुद उपेक्षा की शिकार हैं। अल्प मानदेय, असुरक्षित भविष्य और लगातार बढ़ते कार्यभार से परेशान होकर बाल विकास परियोजना कोटड़ी की समस्त आंगनबाड़ी कार्मिकों ने आंदोलन का ऐलान किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ, कोटड़ी द्वारा बाल विकास परियोजना अधिकारी, कोटड़ी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि संगठन द्वारा समय-समय पर विभाग एवं राज्य सरकार के समक्ष न्यायोचित मांगें रखी गईं, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो समस्त परियोजना की आंगनबाड़ी कार्मिक 17 जुलाई 2026 से कार्य बहिष्कार, तालाबंदी एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी। हड़ताल से विभाग में उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होगी।
*प्रमुख 6 मांगें:*
1. *मानदेय वृद्धि:* केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त मानदेय को प्रतिमाह एवं एकमुश्त बढ़ाकर भुगतान किया जाए।
2. *नियमितीकरण:* सभी आंगनबाड़ी कार्मिकों को सरकारी सेवा में नियमित किया जाए।
3. *न्यूनतम मजदूरी:* न्यूनतम मजदूरी के समकक्ष सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
4. *ग्रेच्युटी व पेंशन:* ग्रेच्युटी व पेंशन योजना लागू की जाए।
5. *गैर ICDS कार्य बंद:* आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सर्वे, गणना जैसे गैर ICDS कार्य न कराए जाएं।
6. *स्मार्ट उपकरण:* विभाग द्वारा स्मार्ट फोन, टेबलेट एवं उनके रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि बच्चों के पोषण और शिक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण कड़ी की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत समाधान किया जाए।