थाने में बेटी की हत्या, लव-मैरिज से नाराज था पिता: बांदा में समझाया था- दूसरी जाति का लड़का है, बदनामी होगी; खून देख मां बेहोश
बांदा में एक पिता ने अपनी 19 साल की बेटी की थाने के अंदर चाकू मारकर हत्या कर दी। वह बेटी के लव मैरिज करने से नाराज था। बेटी ने 18 मई को मोहल्ले के ही रहने वाले एक लड़के के साथ भागकर शादी कर ली थी।
पुलिस शुक्रवार को लड़की और उसके प्रेमी को मध्यप्रदेश से बरामद कर थाने लाई थी। मां-बाप को भी थाने बुलाया गया था। इसी दौरान पिता अपनी बेटी को समझा रहा था, जिसके साथ तुमने शादी की है, वह दूसरी बिरादरी का है। समाज में बड़ी बदनामी हो रही है। लेकिन लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। तभी पिता ने बेटी पर चाकू से हमला कर दिया।
यह देख लड़की की मां बेहोश हो गई। चीख सुनकर पुलिसवाले मौके पर पहुंचे और लड़की को अस्पताल गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पिता को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला जिला मुख्यालय से 43 किमी दूर बदौंसा थाने का है।
चार साल से अफेयर था, 18 मई को कोर्ट मैरिज की
बदौसा थाना क्षेत्र के इंद्रा कॉलोनी के रहने वाले सत्यकुमार चौहान (55) की दो बेटियां पूनम (24), शिवानी (19) और एक बेटा सत्यवान चौहान (29) है। बड़ी बेटी पूनम की शादी हो चुकी है। वह अपने ससुराल में रहती हैं। बेटा सत्यवान सूरत में एक फैक्ट्री में काम करता है। सत्यकुमार की पत्नी रन्नो देवी (53) गृहिणी हैं।
पुलिस के अनुसार, सत्यकुमार की छोटी बेटी शिवानी का गांव के ही एक लड़के ललित वर्मा (20) से चार साल से अफेयर था। 18 मई को शिवानी ने ललित के साथ भागकर पहले मंदिर और फिर रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी कर ली थी। शिवानी के भागने के बाद उसकी मां रन्नो देवी ने थाने में ललित के खिलाफ शिकायत दी थी।
दोनों 18 मई से ही लापता थे। पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को पुलिस को दोनों के मध्य प्रदेश सतना जिले के बरौंधा घाटी क्षेत्र से होने की सूचना मिली। इसके बाद एमपी पुलिस से संपर्क करके दोनों को बरामद किया गया और उन्हें बदौंसा थाने लाया गया। इसके बाद दोनों के परिवार वालों को इसकी सूचना दी गई।
काउंसलर ने अकेले में बात करने के लिए टाइम दिया था शिवानी और ललित के परिवार वाले थाने पहुंचे। पुलिस ने पहले तो परिवार के साथ मिलकर दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही और विवाह से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को दिखाए। पुलिस शिवानी के मेडिकल और 164 के तहत बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही थी।
इसी दौरान काउंसलर ने शिवानी, उसके पिता सत्यकुमार और मां रन्नो देवी को अकेले में बात करने के लिए कहा। तीनों एक कमरे में गए और वहां पर सत्यकुमार अपनी बेटी को समझाने लगा कि ललित दूसरे जाति का लड़का है। इसकी वजह से समाज में उसकी बदनामी हो रही है। तुम उसे तलाक दे दो।
बेटी अपने पिता से बोली- अब ललित के साथ जीना और मरना
तीनों बात कर ही रहे थे कि बेटी ने कहा- मैं ललित को नहीं छोडूंगी, मैंने उससे शादी कर ली है। अब वह मेरा पति है, उसी के साथ जीना है और मरना है। काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। बयान भी दर्ज कर लिए गए थे। इसके बाद लड़की को वन स्टॉप सेंटर भेजा जाना था।
इस दौरान वहां 15 से 20 लोग मौजूद थे। इनमें लड़की की मां, लड़के का भाई और दोनों पक्षों के अन्य लोग शामिल थे। इसी दौरान लड़की के पिता ने अचानक सबके सामने चाकू निकाल लिया। देखते ही देखते उन्होंने 3 से 4 सेकंड के भीतर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल शिवानी को तत्काल अतर्रा सीएचसी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बांदा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, अपनी आंखों के सामने ऐसा मंजर देखकर शिवानी की मां बेहोश हो गई।