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'11 साल में बार बार विदेश जाकर 815 करोड़ रुपए फूंक नरेंद्र मोदी ने इस देश को क्या दिलाया!' Supriya

India | May 15, 2026

MORE NEWS

#बालाघाट 
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सांसद और विधायक ने बच्चों को दवा पिलाकर किया शुभारंभ 

    देश को पोलियो मुक्त रखने के संकल्प के साथ आज 28 जून को बालाघाट में 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला चिकित्सालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी, बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे और मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम हरिनखेड़े ने संयुक्त रूप से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।

        जिले में 1.77 लाख बच्चों को सुरक्षा कवच

      स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत बालाघाट जिले में 0 से 5 वर्ष की आयु के कुल  01 लाख 77 हजार 56 बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिले भर में 894 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहाँ  3,584 टीकाकरण कर्मी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी तत्परता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

      घर-घर दस्तक देगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

    अभियान के पहले दिन यानी 28 जून को बूथों पर टीकाकरण किया जा रहा है। इसके बाद आगामी 29 और 30 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी, जो किन्हीं कारणों से बूथ तक नहीं पहुँच पाए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

     जनप्रतिनिधियों की अभिभावकों से अपील

   इस अवसर पर सांसद श्रीमती भारती पारधी और विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने जिले के सभी पालकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने कहा, "दो बूंद जिंदगी की—हर बच्चे को, हर बार" के मंत्र को आत्मसात कर हम अपने बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं।

     कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज महाजन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ऋत्विक पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय तुरकर तथा सहायक कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय मानेश्वर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#HealthForAll  #PolioMuktBharat

#बालाघाट राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सांसद और विधायक ने बच्चों को दवा पिलाकर किया शुभारंभ देश को पोलियो मुक्त रखने के संकल्प के साथ आज 28 जून को बालाघाट में 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला चिकित्सालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी, बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे और मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम हरिनखेड़े ने संयुक्त रूप से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। जिले में 1.77 लाख बच्चों को सुरक्षा कवच स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत बालाघाट जिले में 0 से 5 वर्ष की आयु के कुल 01 लाख 77 हजार 56 बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिले भर में 894 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहाँ 3,584 टीकाकरण कर्मी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी तत्परता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। घर-घर दस्तक देगी स्वास्थ्य विभाग की टीम अभियान के पहले दिन यानी 28 जून को बूथों पर टीकाकरण किया जा रहा है। इसके बाद आगामी 29 और 30 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी, जो किन्हीं कारणों से बूथ तक नहीं पहुँच पाए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। जनप्रतिनिधियों की अभिभावकों से अपील इस अवसर पर सांसद श्रीमती भारती पारधी और विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने जिले के सभी पालकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने कहा, "दो बूंद जिंदगी की—हर बच्चे को, हर बार" के मंत्र को आत्मसात कर हम अपने बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज महाजन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ऋत्विक पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय तुरकर तथा सहायक कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय मानेश्वर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #HealthForAll #PolioMuktBharat

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026

#बालाघाट 
प्रधान जिला न्यायाधीश ने किया जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण, 
बंदियों की समस्याएं सुनकर दी विधिक सहायता की जानकारी

       प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालाघाट श्री प्राणेष कुमार प्राण ने 27 जून को जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

      निरीक्षण के दौरान श्री प्राणेष कुमार प्राण ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है तथा पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

     इस अवसर पर प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नीरज कुमार सोनी, श्री अविनाश छारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जेल अधीक्षक श्री रामलाल सहलाम सहित जेल का स्टाफ उपस्थित रहा।

      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा जेलों में आवश्यक व्यवस्थाओं की सतत समीक्षा करना है।
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#jail_department

#बालाघाट प्रधान जिला न्यायाधीश ने किया जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनकर दी विधिक सहायता की जानकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालाघाट श्री प्राणेष कुमार प्राण ने 27 जून को जिला जेल बालाघाट का निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उनके निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्री प्राणेष कुमार प्राण ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है तथा पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, आवासीय सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रथम जिला न्यायाधीश श्री गौतम सिंह मरकाम, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नीरज कुमार सोनी, श्री अविनाश छारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जेल अधीक्षक श्री रामलाल सहलाम सहित जेल का स्टाफ उपस्थित रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा जेलों में आवश्यक व्यवस्थाओं की सतत समीक्षा करना है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #jail_department

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026

#बालाघाट 
कोचेवाही में डीएसआर पद्धति से धान की बोनी का विस्तार, 
पूर्व विधायक ओमकार सिंह बिसेन ने लिया जायजा

     बालाघाट जिले के वारासीवनी क्षेत्र के ग्राम कोचेवाही में आधुनिक कृषि तकनीक डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) के माध्यम से धान की बोनी किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। शनिवार को क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री ओमकार सिंह बिसेन ने ग्राम कोचेवाही पहुंचकर प्रगतिशील कृषक श्री राहुल सिंह बिसेन के खेत का निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में डीएसआर तकनीक से धान की बोनी की गई है।

       इस दौरान कृषक राहुल सिंह बिसेन ने बताया कि वे पिछले 5-6 वर्षों से सीड ड्रिल के माध्यम से डीएसआर पद्धति अपना रहे हैं। इस तकनीक से बीज एवं उर्वरक की आवश्यकता कम और संतुलित मात्रा में होती है, जिससे खेती की लागत घटती है तथा उत्पादन बेहतर प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वे मानसून की स्थिति एवं कृषि मजदूरों की कमी को देखते हुए लगभग 70 से 80 एकड़ क्षेत्र में डीएसआर पद्धति से धान की खेती करने की योजना बना रहे हैं।

     उन्होंने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। डीएसआर पद्धति से पौधों को पर्याप्त सूर्य प्रकाश और हवा मिलती रहती है, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है और फसल अधिक स्वस्थ रहती है।

     राहुल सिंह बिसेन ने यह भी बताया कि उन्हें कृषि अनुसंधान केंद्र मुर्झड़ फार्म से डॉ. उत्तम बिसेन के माध्यम से फिलीपींस की पांच उन्नत धान किस्मों का प्रदर्शन (डेमो) प्राप्त हुआ है। इन किस्मों का भी डीएसआर तकनीक से प्रदर्शन किया जा रहा है, ताकि उनकी उत्पादकता एवं स्थानीय परिस्थितियों में उपयुक्तता का आकलन किया जा सके।

     पूर्व विधायक श्री ओमकार सिंह बिसेन ने किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक खेती की तकनीकों की सराहना करते हुए कहा कि कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली डीएसआर जैसी तकनीकें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।

#CMMadhyaPradesh 
#minmpkrishi 
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#बालाघाट कोचेवाही में डीएसआर पद्धति से धान की बोनी का विस्तार, पूर्व विधायक ओमकार सिंह बिसेन ने लिया जायजा बालाघाट जिले के वारासीवनी क्षेत्र के ग्राम कोचेवाही में आधुनिक कृषि तकनीक डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) के माध्यम से धान की बोनी किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। शनिवार को क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री ओमकार सिंह बिसेन ने ग्राम कोचेवाही पहुंचकर प्रगतिशील कृषक श्री राहुल सिंह बिसेन के खेत का निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में डीएसआर तकनीक से धान की बोनी की गई है। इस दौरान कृषक राहुल सिंह बिसेन ने बताया कि वे पिछले 5-6 वर्षों से सीड ड्रिल के माध्यम से डीएसआर पद्धति अपना रहे हैं। इस तकनीक से बीज एवं उर्वरक की आवश्यकता कम और संतुलित मात्रा में होती है, जिससे खेती की लागत घटती है तथा उत्पादन बेहतर प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वे मानसून की स्थिति एवं कृषि मजदूरों की कमी को देखते हुए लगभग 70 से 80 एकड़ क्षेत्र में डीएसआर पद्धति से धान की खेती करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। डीएसआर पद्धति से पौधों को पर्याप्त सूर्य प्रकाश और हवा मिलती रहती है, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है और फसल अधिक स्वस्थ रहती है। राहुल सिंह बिसेन ने यह भी बताया कि उन्हें कृषि अनुसंधान केंद्र मुर्झड़ फार्म से डॉ. उत्तम बिसेन के माध्यम से फिलीपींस की पांच उन्नत धान किस्मों का प्रदर्शन (डेमो) प्राप्त हुआ है। इन किस्मों का भी डीएसआर तकनीक से प्रदर्शन किया जा रहा है, ताकि उनकी उत्पादकता एवं स्थानीय परिस्थितियों में उपयुक्तता का आकलन किया जा सके। पूर्व विधायक श्री ओमकार सिंह बिसेन ने किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक खेती की तकनीकों की सराहना करते हुए कहा कि कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली डीएसआर जैसी तकनीकें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया। #CMMadhyaPradesh #minmpkrishi #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026

#बालाघाट 
बालाघाट में सारस गणना 2026 सम्पन्न, जिले में 50 सारस पक्षियों की हुई गणना

     पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत "सेवा"(Sustaining Environment and Wildlife Assemblage) संस्था ने दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल बालाघाट, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद तथा स्थानीय किसानों एवं सारस मित्रों के सहयोग से सारस गणना-2026 का सफल आयोजन किया। छह दिनों तक चले इस अभियान में जिले के 66 स्थानों पर वैज्ञानिक एवं पारंपरिक पद्धति से सारस पक्षियों की गणना की गई। 

      गणना के लिए 22 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने सुबह 4:45 बजे से 9:00 बजे तक सारसों के विश्राम स्थलों एवं प्राकृतिक आवासों पर पहुंचकर प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से गणना की। प्रत्येक टीम में सेवा संस्था के सदस्य एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। संस्था द्वारा वर्षभर सारसों के आवास, प्रजनन स्थलों एवं भ्रमण मार्गों का अध्ययन किया जाता है तथा ग्रामीणों और विद्यार्थियों को सारस संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। 

      संस्था ने बताया कि बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के बीच बहने वाली वैनगंगा एवं बाघ नदी के कारण दोनों क्षेत्रों की जैव विविधता समान है। इसी वजह से कई सारस जोड़े दोनों राज्यों के बीच निर्बाध रूप से विचरण करते हैं, जो प्रकृति की एक अनूठी मिसाल है। गणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए 19 से 25 जून तक प्रतिदिन सुबह और शाम सभी प्रमुख सारस आवासों का निरीक्षण भी किया गया। 

       गणना के अनुसार बालाघाट जिले में 50 तथा गोंदिया जिले में 32 सारस पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में 48 सारस दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है, जो संरक्षण प्रयासों की सकारात्मक उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं पिछले चार वर्षों में सारस के घोंसलों की संख्या लगभग स्थिर बनी हुई है। 

      इस अभियान को सफल बनाने में मुख्य वन संरक्षक, दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल के अधिकारियों, सेवा संस्था के पदाधिकारियों, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय किसानों, सारस मित्रों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सेवा संस्था ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सारस संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

#सारस_गणना_2026
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minforestmp

#बालाघाट बालाघाट में सारस गणना 2026 सम्पन्न, जिले में 50 सारस पक्षियों की हुई गणना पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत "सेवा"(Sustaining Environment and Wildlife Assemblage) संस्था ने दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल बालाघाट, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद तथा स्थानीय किसानों एवं सारस मित्रों के सहयोग से सारस गणना-2026 का सफल आयोजन किया। छह दिनों तक चले इस अभियान में जिले के 66 स्थानों पर वैज्ञानिक एवं पारंपरिक पद्धति से सारस पक्षियों की गणना की गई। गणना के लिए 22 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने सुबह 4:45 बजे से 9:00 बजे तक सारसों के विश्राम स्थलों एवं प्राकृतिक आवासों पर पहुंचकर प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से गणना की। प्रत्येक टीम में सेवा संस्था के सदस्य एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। संस्था द्वारा वर्षभर सारसों के आवास, प्रजनन स्थलों एवं भ्रमण मार्गों का अध्ययन किया जाता है तथा ग्रामीणों और विद्यार्थियों को सारस संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। संस्था ने बताया कि बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के बीच बहने वाली वैनगंगा एवं बाघ नदी के कारण दोनों क्षेत्रों की जैव विविधता समान है। इसी वजह से कई सारस जोड़े दोनों राज्यों के बीच निर्बाध रूप से विचरण करते हैं, जो प्रकृति की एक अनूठी मिसाल है। गणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए 19 से 25 जून तक प्रतिदिन सुबह और शाम सभी प्रमुख सारस आवासों का निरीक्षण भी किया गया। गणना के अनुसार बालाघाट जिले में 50 तथा गोंदिया जिले में 32 सारस पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में 48 सारस दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है, जो संरक्षण प्रयासों की सकारात्मक उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं पिछले चार वर्षों में सारस के घोंसलों की संख्या लगभग स्थिर बनी हुई है। इस अभियान को सफल बनाने में मुख्य वन संरक्षक, दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल के अधिकारियों, सेवा संस्था के पदाधिकारियों, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय किसानों, सारस मित्रों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सेवा संस्था ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सारस संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का संकल्प दोहराया। #सारस_गणना_2026 #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minforestmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026

#बालाघाट 
क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत गोंगलई में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की दी जानकारी, 

29 जून को लगेगा विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर

      पशुपालन विभाग द्वारा संचालित क्षीरधारा ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पशुपालकों तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 27 जून 2026 को विकासखंड बालाघाट के ग्राम गोंगलई में उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. अरुण नेमा ने क्षेत्रीय भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, किसानों एवं पशुपालकों से संवाद कर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

       भ्रमण के दौरान डॉ. नेमा ने ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षीरधारा ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पात्र पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

     उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, संतुलित पशु आहार, हरे चारे का उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन एवं स्वच्छ दुग्ध उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पशुपालकों की समस्याओं एवं सुझावों को भी गंभीरता से सुना गया।

       निरीक्षण के दौरान डॉ. नेमा ने विभिन्न पशुपालकों के घरों का भ्रमण कर पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति, पोषण, आवास व्यवस्था एवं स्वच्छता का जायजा लिया। इसी क्रम में समुन्नत योजना के अंतर्गत श्री बबलू पटले को प्रदाय किए गए मुर्रा नर सांड का भौतिक सत्यापन किया गया तथा उसके रखरखाव एवं उपयोग की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव दिए गए।

     उप संचालक डॉ. नेमा ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी हितग्राहियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा योजनाओं की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

       भ्रमण के दौरान पशुपालकों ने ग्राम में पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग रखी, जिस पर उपसंचालक डॉ. नेमा ने 29 जून 2026 को ग्राम गोंगलई में विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने पशुओं के साथ शिविर में उपस्थित होकर उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन एवं तकनीकी परामर्श जैसी सेवाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।

      इस अवसर पर डॉ. बादल पटले (विकासखंड नोडल अधिकारी), डॉ. पूजा धुर्वे (ग्राम नोडल अधिकारी) एवं श्रीमती छबी गोरमारे (सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी) सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, पशुपालक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। पशुपालन विभाग ने भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया।

#CMMadhyaPradesh #mp_husbandry  #JansamparkMP

#बालाघाट क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत गोंगलई में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की दी जानकारी, 29 जून को लगेगा विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर पशुपालन विभाग द्वारा संचालित क्षीरधारा ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पशुपालकों तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 27 जून 2026 को विकासखंड बालाघाट के ग्राम गोंगलई में उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. अरुण नेमा ने क्षेत्रीय भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, किसानों एवं पशुपालकों से संवाद कर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। भ्रमण के दौरान डॉ. नेमा ने ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षीरधारा ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पात्र पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, संतुलित पशु आहार, हरे चारे का उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन एवं स्वच्छ दुग्ध उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पशुपालकों की समस्याओं एवं सुझावों को भी गंभीरता से सुना गया। निरीक्षण के दौरान डॉ. नेमा ने विभिन्न पशुपालकों के घरों का भ्रमण कर पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति, पोषण, आवास व्यवस्था एवं स्वच्छता का जायजा लिया। इसी क्रम में समुन्नत योजना के अंतर्गत श्री बबलू पटले को प्रदाय किए गए मुर्रा नर सांड का भौतिक सत्यापन किया गया तथा उसके रखरखाव एवं उपयोग की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव दिए गए। उप संचालक डॉ. नेमा ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी हितग्राहियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा योजनाओं की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। भ्रमण के दौरान पशुपालकों ने ग्राम में पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग रखी, जिस पर उपसंचालक डॉ. नेमा ने 29 जून 2026 को ग्राम गोंगलई में विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने पशुओं के साथ शिविर में उपस्थित होकर उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन एवं तकनीकी परामर्श जैसी सेवाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर डॉ. बादल पटले (विकासखंड नोडल अधिकारी), डॉ. पूजा धुर्वे (ग्राम नोडल अधिकारी) एवं श्रीमती छबी गोरमारे (सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी) सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, पशुपालक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। पशुपालन विभाग ने भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया। #CMMadhyaPradesh #mp_husbandry #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026