#बालाघाट
कोचेवाही में डीएसआर पद्धति से धान की बोनी का विस्तार,
पूर्व विधायक ओमकार सिंह बिसेन ने लिया जायजा
बालाघाट जिले के वारासीवनी क्षेत्र के ग्राम कोचेवाही में आधुनिक कृषि तकनीक डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) के माध्यम से धान की बोनी किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। शनिवार को क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री ओमकार सिंह बिसेन ने ग्राम कोचेवाही पहुंचकर प्रगतिशील कृषक श्री राहुल सिंह बिसेन के खेत का निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में डीएसआर तकनीक से धान की बोनी की गई है।
इस दौरान कृषक राहुल सिंह बिसेन ने बताया कि वे पिछले 5-6 वर्षों से सीड ड्रिल के माध्यम से डीएसआर पद्धति अपना रहे हैं। इस तकनीक से बीज एवं उर्वरक की आवश्यकता कम और संतुलित मात्रा में होती है, जिससे खेती की लागत घटती है तथा उत्पादन बेहतर प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वे मानसून की स्थिति एवं कृषि मजदूरों की कमी को देखते हुए लगभग 70 से 80 एकड़ क्षेत्र में डीएसआर पद्धति से धान की खेती करने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। डीएसआर पद्धति से पौधों को पर्याप्त सूर्य प्रकाश और हवा मिलती रहती है, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है और फसल अधिक स्वस्थ रहती है।
राहुल सिंह बिसेन ने यह भी बताया कि उन्हें कृषि अनुसंधान केंद्र मुर्झड़ फार्म से डॉ. उत्तम बिसेन के माध्यम से फिलीपींस की पांच उन्नत धान किस्मों का प्रदर्शन (डेमो) प्राप्त हुआ है। इन किस्मों का भी डीएसआर तकनीक से प्रदर्शन किया जा रहा है, ताकि उनकी उत्पादकता एवं स्थानीय परिस्थितियों में उपयुक्तता का आकलन किया जा सके।
पूर्व विधायक श्री ओमकार सिंह बिसेन ने किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक खेती की तकनीकों की सराहना करते हुए कहा कि कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली डीएसआर जैसी तकनीकें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
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16 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026