प्रभारी सचिव डॉ. आशिमा जैन ने सहयोग शिविर का किया निरीक्षण, लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन का दिया निर्देश
जहानाबाद। जन शिकायतों के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को घोषी प्रखंड की भारथु पंचायत स्थित महंथ केशव दास प्लस टू उच्च विद्यालय में आयोजित सहयोग शिविर का प्रभारी सचिव सह अपर सदस्य, राजस्व परिषद डॉ. आशिमा जैन ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर की कार्यप्रणाली, विभागीय समन्वय एवं आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, पीएचईडी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, फार्मर आईडी, श्रम, राजस्व समेत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए काउंटरों का अवलोकन किया। साथ ही योजनाओं से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री एवं लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा अंचल अधिकारी न्यायालय से संबंधित लंबित राजस्व मामलों की भी समीक्षा की।
सबसे पहले हेल्प डेस्क काउंटर पर आवेदन पंजी का निरीक्षण किया गया। उस समय तक कुल छह आवेदन प्राप्त हुए थे, जो सभी राजस्व मामलों से संबंधित थे। शिविर में उपस्थित लोगों ने भी विभिन्न राजस्व संबंधी शिकायतें रखीं। इस पर डॉ. जैन ने शिविर प्रभारी एवं अंचलाधिकारी, घोषी को निर्देश दिया कि सभी आवेदनों और शिकायतों को सहयोग पोर्टल पर अपलोड कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
सहयोग पोर्टल की समीक्षा के दौरान 18 आवेदन लंबित पाए गए। इस पर उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन एवं अद्यतन स्थिति पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राजस्व, पेंशन, प्रमाण पत्र, पेयजल, स्वास्थ्य तथा अन्य जनसेवा से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए। सहयोग शिविर का उद्देश्य सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं को पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना तथा आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान शिविर स्थल पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, छायादार स्थान एवं साफ-सफाई की स्थिति का भी जायजा लिया गया। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को सभी मूलभूत सुविधाएं सुचारू रखने तथा शिविर अवधि तक सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों को सहयोग पोर्टल पर अपलोड करने के बाद उनकी नियमित समीक्षा की जाए तथा 30 दिनों के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निष्पादित आवेदनों की अद्यतन जानकारी भी पोर्टल पर समय-समय पर अपलोड करने को कहा।