बरौनी प्रखंड कार्यालय के
पास ही प्रशासन बेखबर, सात निश्चय की सड़क बनी 'जानलेवा गड्डा'
संवाददाता मुकेश कुमार प्रखंड
बरौनी प्रखंड महत्वाकांक्षी 'सात निश्चय योजना' के तहत बनी सड़कें अब भ्रष्टाचार और बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। ताजा मामला बरौनी प्रखंड के पिपरा देवस पंचायत के वार्ड नंबर 9 का है, जहाँ 2019 में बनी मुख्य सड़क अगस्त 2026 में पूरी तरह धंस चुकी है। स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि सड़क के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और नीचे बिछाई गई ईंटें बाहर निकल आई हैं।
यह सड़क बीहट नगर परिषद के असुरारी से ठीक सटी हुई है और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह घटनास्थल बरौनी प्रखंड कार्यालय से महज आधा किलोमी की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद स्थानासन और संबंधित पदाधिकारियों की नजर अब तक इस जानलेवासमस्या पर नहीं पड़ी है।
! पैदल चलना दूभर, दुर्घटना की आशंका
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बीचों-बीच बने गड्डों के कारण अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
हादसे का डर: गड्ढे इस कदर खतरनाक हो चुके हैं कि जरा सी अनसुलझन में मोटरसाइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर कब किसका पैर टूट जाए या कोई बड़ी अनहोनी हो जाए, कहा नहीं जा सकता।
धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप पंचायत के ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है: "पिपरा देवस पंचायतमें केवल इसी सड़क का नहीं, बल्कि लगभग सभी सड़कों का हाल बेहद नाजुक है। संवेदक (ठेकेदार), पंचायत सचिव और मुखिया की मिलीभगत से निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है। घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण ही सड़क कुछ ही सालों में धंस गई।"
निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है किःतत्काल जांच: इस सड़क निर्माण में हुई धांधली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।जिम्मेदारी तय हो: दोषी संवेदक (ठेकेदार), मुखिया और पंचायत सचिव पर सख्त कार्रवाई की जाए।
तुरंत मरम्मतः जान-माल के नुकसान से पहले इस सड़क की अविलंब मरम्मतकराई जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके