बुजुर्ग परिवार के आधार स्तंभ-मोहम्मद अशफाक खान
वृद्धाश्रम में वृद्धजनों का सम्मान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वितरित किए सहायक उपकरण
धौलपुर, 1 अक्टूबर। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग धौलपुर के तत्वावधान में ग्रामीण सेवा संस्थान द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में वृद्धजन सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में वृद्धजनों को सम्मानित करने के साथ-साथ उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक मोहम्मद अशफाक खान ने कहा कि वृद्धजन हमारे परिवार और समाज के आधार स्तंभ हैं। उनके जीवन का अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को केवल वृद्धजन दिवस पर ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन सम्मान, स्नेह और अपनत्व दिया जाना चाहिए। परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे बुजुर्गों की भावनाओं को समझें और उनके स्वास्थ्य एवं आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने कहा कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों के बीच बुजुर्गों की देखभाल और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ पात्र बुजुर्गों तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
वृद्धाश्रमों में बढ़ती संख्या चिंताजनक
धौलपुर अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष अतुल कुमार भार्गव एडवोकेट ने कहा कि वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या समाज के लिए विचारणीय विषय है। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं हम सभी को इस स्थिति पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। बुजुर्गों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय परिवार के निर्माण और बच्चों के भविष्य को संवारने में लगाया है, इसलिए जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें अकेला महसूस नहीं होने देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव परिवार की सबसे बड़ी पूंजी है। उनके तजुर्बे और मार्गदर्शन से जीवन की अनेक कठिनाइयों का समाधान आसानी से मिल सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने परिवार के बुजुर्गों के साथ समय बिताएं, उनकी बात सुनें और उन्हें परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा होने का अहसास कराएं।
बुजुर्ग हमारे जीवन के वटवृक्ष
पुलिस थाना निहालगंज प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने कहा कि बुजुर्ग हमारे जीवन में वटवृक्ष के समान होते हैं, जिनकी छांव में परिवार को अनुभव, संस्कार और मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में परिवार के सदस्यों के पास समय की कमी हो सकती है, लेकिन बुजुर्गों के लिए परिवार का साथ और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बुजुर्गों को पुलिस एवं कानून से संबंधित किसी भी आवश्यकता में सहयोग का भरोसा दिलाया।
स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण जरूरी
डॉ. राजेश जादौन ने कहा कि बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य के प्रति अतिरिक्त सावधानी आवश्यक है। बुजुर्गों के स्वास्थ्य की समय-समय पर नियमित जांच करानी चाहिए। उन्होंने संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद, नियमित दिनचर्या तथा चिकित्सकीय परामर्श को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि परिवार के सदस्यों को बुजुर्गों की दवाइयों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
विधिक अधिकारों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पप्पू सिंह गुर्जर एडवोकेट एवं आराधना शर्मा एडवोकेट ने वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध विधिक सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर बुजुर्ग विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित संस्थाओं से संपर्क करने की अपील की।
परिवार से जोड़ने का प्रयास
ग्रामीण सेवा संस्थान के सचिव बृजेश मुखरैया ने मंचासीन अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का विषय है कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास रहता है कि वृद्धाश्रम में आने वाले बुजुर्गों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि काउंसलिंग के माध्यम से बुजुर्गों को उनके परिवार से दोबारा जोड़ने का प्रयास लगातार किया जाता है। यदि परिवार और बुजुर्ग के बीच किसी कारण से दूरी बनी है तो बातचीत और समझाइश के माध्यम से उसे दूर करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि बुजुर्गों को अपनापन और सम्मान देने का माध्यम भी है।
सहायक उपकरण देकर किया सम्मान
समारोह के दौरान वृद्धजनों का माल्यार्पण कर साफा एवं शाल पहनाकर सम्मान किया गया। साथ ही आवश्यकता के अनुसार बुजुर्गों को कान की मशीन, व्हीलचेयर एवं छड़ी सहित अन्य सहायक सामग्री वितरित की गई। उपकरण प्राप्त करने वाले बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। उपस्थित अतिथियों ने बुजुर्गों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। समारोह में उपस्थित लोगों ने बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर श्यामू भैया, संजय अग्रोहा, संतोष पाठक, रामजीलाल, पंकज शर्मा एवं नितेश मुदगल, गजेंद्र शर्मा, तारा सिंह, दिनेश, नेहरू युवा केंद्र, ब्रजेश पाल, राजेंद्र शर्मा, अपना घर मिला मोर्चा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रंजीत दिवाकर एडवोकेट ने किया।
Dhaulpur, Dholpur | Oct 1, 2026