न हल्ला न शोर, बस कलम का ज़ोर …
सौरभ भारद्वाज
इन दिनों काम करने के मुक़ाबले हल्ला मचाने का चलन ज़ोर पकड़ गया है। काम न करने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ सार्वजनिक रूप से हल्ला करते नेता और विधायकों को आप देखेंगे लेकिन २० पैसे के काग़ज़ पर कुछ लिखने की बात आए तो सारा नशा हिरण हो जाए।
पर कुछ नेता चुपचाप अपना काम कर रहे हैं। वार्ड 16 में लगातार विकास कार्य लम्बित होने की शिकायतें आ रही थी। समाधान शिविर में भी तीन बार MCF के XEn महेंद्र सिंह को लताड़ा गया। लेकिन कहते हैं कि महेंद्र सिंह कायदे कानून की बजाय एक विधायक के प्रभाव में थे। कमिश्नर नगर निगम ने ख़ुद XEn को लताड़ा लेकिन जब विधायक का प्रभाव क्षीण नहीं हुआ तो मेयर प्रवीण जोशी की अनुशंसा पर सात पन्नों की एक चार्जशीट बनी और चंडीगढ़ भेजो गई। न कोई गाली गलोंच, न कोई बच्चों को बद्दुआ। चंडीगढ़ से आदेश आए और XEn सस्पेंड। अब आप बतायें नेता कैसा हो बयानवीर या कलम वीर
Panipat, Panipat | Jun 27, 2026