जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित, बाढ़ से हुई क्षति का आकलन एवं लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ से हुई क्षति का आकलन, राहत कार्यों के वित्तीय अभिलेखों का संधारण, आधारभूत संरचनाओं की मरम्मत एवं पुनर्स्थापन तथा विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की गई।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सराहनीय कार्य के लिए पदाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रशंसा
बैठक के प्रारंभ में जिला पदाधिकारी ने हाल के दिनों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए अब बाढ़ से हुई क्षति के सटीक आकलन, अभिलेखों के संधारण तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
बाढ़ से हुई क्षति का आकलन एवं जियो-टैग्ड साक्ष्यों के साथ प्रतिवेदन देने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने बाढ़ आपदा से संबंधित पुरानी एवं नई सभी सूचियों का नियमानुसार सत्यापन कराकर समिति से अनुमोदन प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई क्षति का आकलन कर इसी सप्ताह प्रतिवेदन समर्पित करें। प्रतिवेदन में वास्तविक क्षति का स्पष्ट विवरण तथा संबंधित स्थलों के जियो-टैग्ड फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। फोटोग्राफ के साथ अक्षांश एवं देशांतर (Latitude एवं Longitude) का उल्लेख भी सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए पंचायत एवं वार्डवार जिम्मेदारी निर्धारित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने मवेशियों की क्षति का आकलन निर्धारित प्रारूप में करने तथा संबंधित विभागों को अपने कार्यालयों एवं परिसंपत्तियों को हुई क्षति का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने को कहा। जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों की क्षतिग्रस्त आधारभूत संरचनाओं की सूची तैयार करने तथा आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को हुई क्षति का आकलन कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, खाद्यान्न विक्रेताओं एवं गोदामों को हुई क्षति तथा विभिन्न विभागों की सड़कों एवं अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का भी आकलन कर अनुमानित क्षति राशि सहित रिपोर्ट देने को कहा गया।
जलजमाव वाले क्षेत्रों में जल निकासी एवं सड़क मरम्मत पर विशेष जोर
जिन क्षेत्रों में अब भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, वहां अंचल अधिकारियों को सर्वेक्षण कर जल निकासी की संभावनाओं का आकलन करने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त स्थानों पर सड़क काटकर जल निकासी का मार्ग प्रशस्त करने की संभावना का परीक्षण करने को कहा गया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों से पानी की निकासी शीघ्र सुनिश्चित की जा सके।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापन का कार्य सप्ताहांत तक कम-से-कम इस स्तर तक पूरा कर लिया जाए कि सड़कें आवागमन योग्य हो सकें। जहां जलजमाव के कारण कार्य प्रभावित है, वहां आवश्यकतानुसार पंपिंग कर पानी निकाला जाए और मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए। विद्युत विभाग को भी निर्देश दिया गया कि बिजली आपूर्ति एवं विद्युत संरचना से संबंधित समस्याओं की सूचना निर्धारित ऐप पर अनिवार्य रूप से दर्ज कर उनके त्वरित निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
राहत कार्यों के वित्तीय अभिलेखों एवं वितरण संबंधी लेखा-जोखा को दुरुस्त करने का निर्देश
बैठक में बाढ़ राहत कार्यों से संबंधित वित्तीय अभिलेखों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में हुए व्यय से संबंधित सभी वित्तीय प्रविष्टियों एवं पंजी का संधारण अद्यतन रखें। सामुदायिक रसोई, पंडाल, टेंट तथा अन्य वेंडरों से संबंधित बिल एवं आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर दो सप्ताह के भीतर समेकित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।
इसके साथ ही खाद्य पैकेट एवं तिरपाल वितरण का लेखा-जोखा दुरुस्त रखने तथा विभिन्न कार्यालयों द्वारा अग्रिम राशि लेकर किए गए कार्यों से संबंधित फाइलों एवं अभिलेखों को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। जिला पशुपालन पदाधिकारी को पशु चारा वितरण का समेकित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि राहत कार्यों से संबंधित सभी विवरणों का उचित सत्यापन किया जा सके।
लंबित मामलों के निष्पादन एवं नकारात्मक समाचारों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश
बैठक के अगले चरण में सीडब्लूजेसी एवं एमजेसी से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने एमजेसी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया। राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न लंबित मामलों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए उन्होंने जनता दरबार एवं सीएम डैशबोर्ड पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
आरटीपीएस से संबंधित मामलों में भी कार्रवाई लंबित नहीं रखने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न माध्यमों से प्रकाशित नकारात्मक समाचारों के संबंध में जिन पदाधिकारियों से प्रतिवेदन मांगा जाता है, उन्हें मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करें, अभिलेखों में पारदर्शिता बनाए रखें तथा लंबित मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न करें।
4 views | Saharsa, Bihar | Oct 12, 2026