प्रेस विज्ञप्ति
खेत बचाओ अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
दिनाँक:04/06/2026
खेत बचाओ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं किसानों के बीच व्यापक जागरूकता प्रसार के उद्देश्य से जिला कृषि पदाधिकारी डाॅ० नितेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक का आयोजन दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में डाॅ० सीमा कुमारी, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, हरनौत, श्री उमेश नारायण उमेश, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, हरनौत, श्री अभिमन्यु कुमार, उप निदेशक(कृषि अभियंत्रण), नालन्दा, श्री भुदेव राणा, सहायक निदेशक (शष्य), भूमि संरक्षण, नालन्दा, अतिथि विशेषज्ञ के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त कृषि कर्मियों, कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों, प्रगतिशील एवं उत्कृष्ट किसानों के साथ-साथ जिले के खाद विक्रेताओं तथा विभिन्न खाद आपूर्तिकर्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत संबोधन के साथ किया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बतलाया कि कृषि भूमि, मृदा स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों और कृषि क्षेत्र के सतत विकास से जुड़ा जन-आंदोलन है। इसके माध्यम से किसानों को मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, फसल अवशेष प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों एवं कृषि कर्मियों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग संबंधी विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। वैज्ञानिकों ने बताया कि लगातार रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के असंतुलित प्रयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है, जिससे उत्पादन क्षमता में कमी आती है। इसलिए किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप कृषि कार्य करने की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान किसानों को मृदा जांच के महत्व, फसल चक्र अपनाने, हरी खाद के उपयोग, जैविक खाद निर्माण, सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित प्रयोग तथा वर्षा जल संरक्षण की तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में कृषि उत्पादन को सुरक्षित रखने के लिए नवीन कृषि तकनीकों एवं वैज्ञानिक सलाह को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में उपस्थित कृषि कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में गांव स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाएं तथा खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों एवं लाभों की जानकारी प्रत्येक किसान तक पहुंचाएं। उन्हें किसानों के साथ नियमित बैठक, किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का दायित्व सौंपा गया।
जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी कृषि कर्मियों एवं प्रगतिशील किसानों से अपील की कि वे अभियान के संदेशवाहक बनकर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ें। उन्होंने कहा कि किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाई जा 1सकती है तथा भावी पीढ़ियों के लिए कृषि संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों द्वारा कृषि संबंधी विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को भी रखा गया, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान प्रस्तुत किया गया। उपस्थित किसानों ने अभियान के उद्देश्यों की सराहना करते हुए इसे गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
अंत में सभी प्रतिभागियों को यह निर्देश दिया गया कि खेत बचाओ अभियान के तहत संचालित गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, मृदा संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Directorate of Soil Conservation, Department of Agriculture, GoB
Department of Agriculture, Government of Bihar
11 views | Nalanda, Bihar | Jun 4, 2026