#उज्जैन_में_आनंद_भयो_जय_श्री_महाकाल_की_के_जयकारों_से_गूंज_उठी_अवंतिका_नगरी
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श्री महाकालेश्वर की सभी सवारियों में उत्साह, उमंग और आकर्षण के गौरवशाली इतिहास का जोड़ा गया नया अध्याय
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*चारों ओर भगवान श्री महाकाल की भक्ति में लीन भक्तों के नेत्र त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की एक झलक पाने के लिए अधीर थे*
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*84 महादेव ओर सिंहस्थ कुंभ की झांकी रही मुख्य आकर्षण*
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*भगवान श्री महाकालेश्वर के श्री वैभव, ऐश्वर्य और गरिमा की छटा चारो ओर बिखेरते हुए निकली भाद्रपद माह दूसरी व की अंतिम प्रमुख राजसी सवारी*
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*उज्जैन 07 सितम्बर भगवान श्री महाकालेश्वर की भाद्रपद माह की अंतिम और राजसी सवारी सोमवार को पूरे ठाट-बांट और राजसी स्वरूप में निकाली गई। रजत पालकी में विराजित होकर भगवान श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर के स्वरूप में अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो सम्पूर्ण उज्जैन नगरी भगवान श्री महाकालेश्वर की जय-जयकार से गुंजायमान हो उठी। चारों दिशाओं में भगवान महाकाल की भक्ति में लीन भक्तो के नेत्र त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की एक झलक पाने के लिए अधीर थे |
श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी में रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, गजराज पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, बैलगाडी में रथ पर श्री सप्तधान का मुखारविंद नगर भ्रमण पर अपनी प्रजा का हाल जानने निकले।
नगर भ्रमण पर निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में कोटितीर्थ कुण्ड के पास स्थित सभामण्डप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर जी का पूजन-अर्चन कर भगवान की आरती की गई। पूजन-अर्चन मुख्य पुजारी श्री घनश्याम शर्मा द्वारा संपन्न् कराया गया।
सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में श्री आशीष सिंह संभागायुक्त उज्जैन संभाग द्वारा भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन किया गया। सभा मंडप में संत श्री अवधूत दादा गुरु, श्री दिलीप अहिरवार वन एवं पर्यावरण विभाग राज्यमंत्री म.प्र. शासन, डॉ. गौतम टेटवाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री म.प्र. शासन, श्री प्रहलाद सिंह पटेल पंचायती एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग मंत्री म.प्र. शासन, श्री वैभव यादव माननीय मुख्यमंत्री जी डॉ. मोहन यादव के पुत्र आदि ने भी भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन किया और आरती में सम्मिलित हुए। पूजन के बाद निर्धारित समय पर भगवान श्री महाकाल की पालकी नगर भ्रमण के लिये रवाना किया गया।
सभामंडप में पूजन-अर्चन के दौरान कलेक्टर एवं अध्यक्ष श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, प्रशासक एवं अपर कलेक्टर श्री प्रथम कौशिक आदि ने भगवान श्री महाकालेश्वर का पूजन -अर्चन किया और आरती में सम्मिलित हुए। आरती उपरांत भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर ने रजत पालकी विराजमान होकर मंदिर प्रांगण से नगर भ्रमण हेतु प्रस्थान किया। श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रमुख राजसी सवारी बड़े धूमधाम व उल्लास के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर से नगर भ्रमण हेतु निकली| रजत पालकी में विराजित भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर जैसे ही मुख्य द्वार पर पहुचें, असंख्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर का स्वागत कर वंदन किया। भगवान श्री महाकालेश्वर की पालकी जैसे ही श्री महाकालेश्वर मंदिर से मुख्य द्वार पर पहुंची वहां सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई।
*500 किलोग्राम से अधिक पुष्पों की 15 ड्रोन से भव्य पुष्पवर्षा*
सवारी के दौरान 15 ड्रोन के माध्यम से भव्य एवं आकर्षक पुष्पवर्षा की गई। शहनाई द्वार, रामघाट पूजन स्थल, दत्त अखाड़ा सहित सवारी मार्ग के प्रमुख स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक एवं मनोहारी दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस दौरान 500 किलोग्राम से अधिक पुष्पों की वर्षा की गई, जिससे सवारी की भव्यता और दिव्यता और अधिक निखरकर सामने आई।
*1,00,000वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र में विशाल एवं आकर्षक रंगोली* मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के निर्देशन में सवारी मार्ग पर कुंज बिहारी पांडे एवं उनके दल द्वारा 1 लाख वर्गफीट क्षेत्र में भव्य रंगोलियों का निर्माण किया गया । रंगोली के माध्यम से सिंहस्थ महाकुंभ, भगवान महाकाल की दिव्यता तथा भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को आकर्षक कलात्मक स्वरूप में प्रदर्शित किया गया । यह विशाल रंगोली सवारी मार्ग के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होकर श्रद्धालुओं एवं देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित किया ।
*रामघाट पर मॉ क्षिप्रा के जल से हुआ श्री महाकालेश्वर भगवान के*
*श्री चंद्रमौलेश्वर व श्री मनमहेश स्वरुप का पूजन-अर्चन*
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी परम्परागत मार्गों से होती हुई रामघाट पंहुची। जहां मॉ क्षिप्रा के जल से पालकी में विराजित भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर व हाथी पर विराजमान श्री मनमहेश का पूजन अर्चन किया गया। इस दौरान संत श्री अवधूत दादा गुरु, श्री दिलीप अहिरवार वन एवं पर्यावरण विभाग राज्यमंत्री म.प्र. शासन, डॉ. गौतम टेटवाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री म.प्र. शासन, श्री प्रहलाद सिंह पटेल पंचायती एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम विभाग मंत्री म.प्र. शासन सम्मिलित हुए। पूजन पुजारी आशीष गुरू ने संपन्न कराया। इसके पश्चात भगवान की पालकी अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना हुई।
*श्री गोपाल मंदिर पहुंची भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर की पालकी हरि से हुई हर की भेट सिंधिया स्टेट द्वारा पालकी में विराजित श्री चन्द्रमौलेश्वर का परम्परागत पूजन किया गया*
भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर जी की पालकी राजसी सवारी के परम्पगरागत मार्गों से होती हुई गोपाल मंदिर पहुंची। जहॉ पर सिंधिया स्टेट की वंशपरंपरानुसार श्रीमंत श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया केन्द्रीय मंत्री द्वारा पालकी में विराजित श्री चन्द्रमोलेश्वर का पूजन-अर्चन किया। गोपाल मंदिर में पूजन के पश्चात सवारी पटनी बाजार और गुदरी चौराहे से होती हुई पुन: रात्रि 08:30 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची।
*श्री महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी के चल समारोह का स्वरुप भव्य और आकर्षक दिखायी दे रहा था*
भाद्रपद माह के दूसरे सोमवार पर भगवान की सवारी के दौरान पूरी नगरी शिवमय हो गई। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए महाकाल की आराधना करते हुए पालकी के साथ चल रहे थे।सम्पूर्ण मार्ग में चांदी की झाड़ू से झाडूवाहक भगवान के सवारी मार्ग को बुहारते हुए चल रहे थे | चोपदार व तोपची कड़ाबीन बजाते हुए भगवान के आगमन की सूचना देते हुए आगे चल रहे थे ।
श्री महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी के चल समारोह में सबसे आगे मंदिर का प्रचार वाहन सभी को चल समारोह के आगमन की सूचना देते हुए चल रहा था। उसके बाद यातायात पुलिस, तोपची, भगवान श्री महाकालेश्वर जी का रजत ध्वज, घुडसवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट / गाइड सदस्य , कांग्रेस सेवा दल , सेवा समिति बैंड के बाद उज्जैन के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरो से सवारी सम्मिलित होने वाली 73 भजन मंडलियां चल समारोह में प्रभु का गुणगान करते हुए व अपनी सेवाए अपनी ही मस्ती में मगन होकर चल रही थी | 73 भजन मंडलियों के बाद नगर के साधू-संत व गणमान्य नागरिक, पुलिस बैंड, नगर सेना के सलामी गार्ड की टुकड़ी, श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी व पुरोहितगण सवारी के साथ चल रहे थे | श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का बैण्ड दल भी सम्मिलित हुआ।
भगवान के नगर भ्रमण पर भक्त ढ़ोलवादक, झांझवादक आदि अपने वाद्यों को बजाते हुए हर्षोंउल्हास के साथ अवन्तिका नाथ की भक्ति में लींन दिखायी दे रहे थे। उज्जैन के कलाकार श्री के.बी.पंड्या श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सम्पूर्ण सवारी मार्ग पर रंगोली बनाते हुए चल रहे थे।
श्री महाकालेश्वर भगवान (श्री चंद्रमोलेश्वर) की प्रमुख पालकी , पुष्प वर्षा हेतु लोडिंग वाहन मय ड्रोन, भारत बैंड, रथ पर श्री गरुड़ पर विराजित श्री शिव-तांडव जी, रमेश बैंड, नंदी रथ पर श्री उमा महेश स्वरुप, गणेश बैंड, रथ पर श्री होल्कर स्टेट मुखारविंद, आर.के.बैंड , रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के पश्चात राजकमल म्यूजिकल ग्रुप बैंड, व श्री मनमहेश स्वरुप हाथी पर विराजित होकर सम्मिलित हुए|
84 महादेव ओर सिंहस्थ कुंभ की समग्र झांकी निकाली गई*
सवारी में सिंहस्थ महाकुंभ पर आधारित विभिन्न प्रसंगों, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक दृश्यों को आकर्षक झांकियों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को विशेष आकर्षण प्रदान किया। एवं भव्य सवारी में उज्जैन की प्राचीन शिव उपासना एवं आध्यात्मिक परंपरा को प्रदर्शित करते हुए 84 महादेव की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रस्तुति के माध्यम से उज्जैन के 84 महादेव स्वरूपों की धार्मिक महत्ता और भगवान शिव से जुड़ी नगर की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को कलात्मक एवं सांस्कृतिक रूप में जीवंत किया गया। सवारी मार्ग पर 84 महादेव के स्वरूपों एवं उनसे जुड़े धार्मिक भावों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया तथा श्रद्धालुओं को उज्जैन की प्राचीन धार्मिक परंपरा से जुड़ने का विशेष अनुभव प्रदान किया।
संगम’–ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग की भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति*
‘संगम’–ईशा फाउंडेशन एवं नादयोग द्वारा मंदिर परिसर एवं रामघाट पर विशेष आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। नृत्य दल का नेतृत्व प्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ. रागिनी मक्कड़ द्वारा किया गया। प्रस्तुति में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, शास्त्रीय नृत्य, संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत के विविध आयामों को आकर्षक एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत किया गया।
1,000 से अधिक कलाकारों वाले पांच सुप्रसिद्ध बैंड दलों की विशेष प्रस्तुति*
सवारी में देश-प्रदेश के सुप्रसिद्ध पांच बैंड दलों ने सहभागिता की। इन बैंड दलों में सम्मिलित 1,000 से अधिक कलाकारों ने सवारी मार्ग पर बाबा महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के साथ कदमताल करते हुए भव्य संगीत एवं वादन की प्रस्तुतियां दीं। बैंड की सुमधुर धुनों और कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति से संपूर्ण सवारी मार्ग भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण से गूंज उठा। बाबा महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के साथ बैंड दलों की सहभागिता ने सवारी की भव्यता को और बढ़ाया तथा श्रद्धालुओं के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
#लाइव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति
सवारी मार्ग पर आधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक के माध्यम से सावन माह के प्रमुख चलचित्र, विशेष प्रस्तुतियों एवं डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया । इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सवारी के साथ-साथ उज्जैन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना।
*श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ के माध्यम से भक्तों ने दर्शन किये*
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिये श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई है। जिसके दोनों ओर एल.ई.डी. के माध्यम से सवारी का लाईव प्रसारण किया गया | जिससे श्रद्धालु भगवान के दर्शनो का लाभ लिया। साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों जैसे फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्तअखाड़ा आदि क्षेत्रों पर भी सवारी के लाइव प्रसारण मंदिर प्रबंध समिति के माध्यम से चलित रथ पर किया गया |
सवारी निकलने के पूर्व राजसी सवारी में सम्मिलित होने वाले दलों के मुखिया का सम्मान किया गया*
श्री महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी के पूर्व दोपहर को राजसी सवारी में सम्मिलित होने वाले बैंड प्रभारियों, तोपची, पालकी कहार के मुखिया, महावत, बैलगाडी चालक, आदि का श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर साफा बांधकर व प्रसाद भेटकर सम्मान किया |
श्री महाकालेश्वर भगवान की राजसी सवारी में सम्पूर्ण सवारी मार्ग पर लगभग लाखो श्रद्धालुओं ने श्री महाकालेश्वर भगवान के छ: स्वरूपों के दर्शन किये |
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