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वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत कबड्डी, खो-खो व एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का भव्य आगाज़ बूंदी, 4 जून। जिला प्रशासन एवं जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र की ओर से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ हुआ। अलसुबह से ही खेल संकुल में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं दर्शकों की भीड़ ने एक जीवंत खेल माहौल का निर्माण किया, इस दौरान परिसर में उत्साह, ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा का रोमांच चरम पर रहा। प्रतियोगिताओं के फाइनल मुकाबले आज खेले जाएंगे। उद्घाटन सत्र में अतिथि सांख्यिकी विभाग उपनिदेशक पूनम ढाका, केंद्रीय विद्यालय अगरतला के प्राचार्य किशन गोपाल मीणा, सांख्यिकी निरीक्षक विकास हाड़ा रहे। अध्यक्षता जिला खेल अधिकारी हर्षवर्धन सिंह चुंडावत ने की। अतिथियों ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि जीवन निर्माण की एक सशक्त प्रक्रिया हैं, जो युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना को मजबूत करती है। जिला खेल अधिकारी चुंडावत ने बताया कि वंदे गंगा अभियान के तहत इन प्रतियोगिताओं के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल भावना के साथ-साथ जल संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना एवं जल बचाने का संदेश जन-जन तक पहुँचाना है। कोच बुद्धिप्रकाश गोचर ने बताया कि कबड्डी खेल प्रतियोगिता में कुल 20 टीमों ने भाग लिया, जिनमें बालक वर्ग की 13 एवं बालिका वर्ग की 7 टीमें शामिल रहीं। उद्घाटन मैच में बालिका वर्ग के अंतर्गत खेल संकुल बूंदी एवं केवी बूंदी के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ, वहीं बालक वर्ग में केवी बूंदी व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बूंदी के बीच जोरदार भिड़ंत देखने को मिली। कोच सियाराम गोचर ने बताया कि खो-खो प्रतियोगिता में कुल 17 टीमों ने भाग लिया। बालिका वर्ग में एएनएम बूंदी एवं तालेड़ा तथा बालक वर्ग में खड़ीपुर एवं फौलाई के बीच उद्घाटन मैच खेले गए। कोच सुदर्शन मीणा ने बताया कि एथलेटिक्स स्पर्धा में 400 मीटर दौड़ ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया, जिसमें सैकड़ों प्रतिभागियों ने अपनी गति और क्षमता का प्रदर्शन किया। बालक वर्ग में राजन यादव प्रथम, बंगाली नाथ द्वितीय एवं अजिक्य राज तृतीय रहे, जबकि बालिका वर्ग में प्रेरणा चौधरी प्रथम, निष्ठा गौतम द्वितीय एवं तनिष्का सिंह तृतीय स्थान पर रही।

Keshoraipatan, Bundi | Jun 4, 2026

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मुख्‍यमंत्री जन आवास (शहरी) योजना की जिला कलक्‍टर ने की समीक्षा

बूंदी, 5 जून। मुख्‍यमंत्री जन आवास (शहरी) योजना के तहत गांधी ग्राम में स्थित आवासों के वर्तमान मौका स्थिति की जिला कलक्‍टर हरफूल सिंह यादव ने समीक्षा कर आवश्‍यक दिशा- निर्देश दिए।

जिला कलक्‍टर ने निर्देश दिए कि सभी आवासों को पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जाए। जिन भी लाभार्थियों द्वारा पूर्ण भुगतान कर दिया गया है, उनके संबंध में शेष बची कार्यवाही पूरी करते हुए उन्‍‍हें आवास का कब्‍जा दिलवाया जावे। उन्‍होंने कहा कि संवेदक की जिम्‍मेदारी तय करते हुए शेष बचे निर्माण कार्य को भी पूर्ण करवाने के लिए प्रयास कराए जाएं।

उन्‍होंने निर्देश दिए कि एनसीसीएफ के साथ कार्य योजना बनाकर प्राथमिकता के साथ कार्य को पूर्ण किया जावे। उन्‍होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्‍य उद्देश्‍य आमजन को राहत पहुंचाना है। लाभार्थियों को उनके आवास दिलवाने के लिए सर्वोच्‍च प्राथमिकता के साथ आपसी समन्‍वय से कार्य किया जावे। उन्‍होंने निर्देश दिए कि लंबित पट्टों के प्रकरणों में वरीयता अनुसार सभी लंबित पट्टों का शीघ्र निस्‍तारण किया जावें।
बैठक में केडीए के सलाहकार संदीप दंडवत, नगर परिषद आयुक्‍त बृजेश राय, नगर परिषद के अधिशाषी अभियंता धर्मेन्‍द्र मीणा सहित अन्‍य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्‍यमंत्री जन आवास (शहरी) योजना की जिला कलक्‍टर ने की समीक्षा बूंदी, 5 जून। मुख्‍यमंत्री जन आवास (शहरी) योजना के तहत गांधी ग्राम में स्थित आवासों के वर्तमान मौका स्थिति की जिला कलक्‍टर हरफूल सिंह यादव ने समीक्षा कर आवश्‍यक दिशा- निर्देश दिए। जिला कलक्‍टर ने निर्देश दिए कि सभी आवासों को पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जाए। जिन भी लाभार्थियों द्वारा पूर्ण भुगतान कर दिया गया है, उनके संबंध में शेष बची कार्यवाही पूरी करते हुए उन्‍‍हें आवास का कब्‍जा दिलवाया जावे। उन्‍होंने कहा कि संवेदक की जिम्‍मेदारी तय करते हुए शेष बचे निर्माण कार्य को भी पूर्ण करवाने के लिए प्रयास कराए जाएं। उन्‍होंने निर्देश दिए कि एनसीसीएफ के साथ कार्य योजना बनाकर प्राथमिकता के साथ कार्य को पूर्ण किया जावे। उन्‍होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्‍य उद्देश्‍य आमजन को राहत पहुंचाना है। लाभार्थियों को उनके आवास दिलवाने के लिए सर्वोच्‍च प्राथमिकता के साथ आपसी समन्‍वय से कार्य किया जावे। उन्‍होंने निर्देश दिए कि लंबित पट्टों के प्रकरणों में वरीयता अनुसार सभी लंबित पट्टों का शीघ्र निस्‍तारण किया जावें। बैठक में केडीए के सलाहकार संदीप दंडवत, नगर परिषद आयुक्‍त बृजेश राय, नगर परिषद के अधिशाषी अभियंता धर्मेन्‍द्र मीणा सहित अन्‍य अधिकारी मौजूद रहे।

Keshoraipatan, Bundi | Jun 5, 2026

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में दिखी जनभागीदारी, प्राचीन बावड़ी को सहेजने जुटा पूरा गांव,जनभागीदारी से बनाएंगे बूंदी को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ शहर – जिला कलक्‍टर

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत हुआ प्रेसवार्ता का आयोजन

बूंदी, 5 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने अब एक जन आंदोलन का रूप ले लिया है। अभियान के तहत न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आमजन बढ़-चढ़कर श्रमदान कर रहे हैं। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने अभियान की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य आम आदमी को जल संरक्षण की भावना के साथ जोड़ना था, जो पूरी तरह से सफल रहा है। यह जानकारी जिला कलक्‍टर ने शुक्रवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा की।

जिला कलक्टर ने बताया कि जिले के सभी विभागों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी आवंटित गतिविधियों को निर्धारित तरीके से आयोजित किया है। 'बावड़ियों के शहर' बूंदी के साथ-साथ जिले के विभिन्न गांवों में स्थित तालाबों, झीलों और पुरानी ऐतिहासिक बावड़ियों पर विशेष फोकस रखा गया है। इन सभी जल स्रोतों पर वृहद स्तर पर श्रमदान की गतिविधियां आयोजित की गई हैं।

जिला कलक्टर यादव ने तालेड़ा तहसील के सींता गांव का जिक्र करते हुए बताया कि यहां जल संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। गांव में स्थित सैकड़ों साल पुरानी बावड़ी के साफ-सफाई कार्यक्रम में माननीय प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने भी शिरकत की और सामूहिक श्रमदान किया। बावड़ी के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए जिला कलक्टर ने बताया कि यह बावड़ी गांव की स्थापना के समय की है, जो करीब 500 से 700 साल पुरानी बताई जाती है।

ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 30 साल पहले तक यह बावड़ी ही पूरे गांव के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत हुआ करती थी। समय के साथ इसमें गाद भर गई और दीवारें कमजोर होकर ढहने लगीं। इसे देखते हुए माननीय लोकसभा अध्यक्ष ने अपने सांसद कोटे से इसके पूर्ण जीर्णोद्धार और सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए बजट आवंटित किया है, जिससे इसका कायाकल्प किया जा रहा है।

उन्‍होंने विगत 26 मई को हुए सामूहिक श्रमदान का अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस दिन पूरे गांव ने एकजुट होकर बावड़ी के अंदर से गाद निकालने का कार्य किया। ग्रामीणों की यह भावना अत्यंत प्रेरणादायक थी कि भले ही आज 'नल जल योजना' और अन्य व्यवस्थाओं के कारण वे इस बावड़ी का पानी नहीं पीते, लेकिन यह उनके बुजुर्गों और पीढ़ियों की धरोहर है। आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में ग्रामीण इस ऐतिहासिक जल स्रोत का पूरे मनोयोग से जीर्णोद्धार कर रहे हैं।

जनभागीदारी से बनाएंगे बूंदी को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ शहर
जिला कलक्‍टर ने कहा कि जन भागीदारी से बूंदी को प्‍लास्टिक मुक्‍त और स्‍वच्‍छ शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आमजन के सक्रिय सहयोग से ही बूंदी शहर को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है। शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।जिला कलक्टर ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' और पर्यावरण संरक्षण के तहत जिले भर में चल रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस जन अभियान को सफल बनाने में जिले के विभिन्न विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला है। इसी आपसी तालमेल और सुनियोजित कार्ययोजना का परिणाम है कि जिले में जल संरक्षण के कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं।
उन्‍होंने बूंदी की ऐतिहासिक धरोहरों का जिक्र करते हुए आमजन से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद पारंपरिक जल स्रोतों, विशेषकर तालाबों और पुरानी बावड़ियों की साफ-सफाई में लोग श्रमदान करें। जनभागीदारी से ही इन ऐतिहासिक जल स्रोतों को उनके मूल स्वरूप में लौटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। आमजन के सहयोग और जागरूकता से बूंदी को एक साफ, सुंदर और आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में दिखी जनभागीदारी, प्राचीन बावड़ी को सहेजने जुटा पूरा गांव,जनभागीदारी से बनाएंगे बूंदी को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ शहर – जिला कलक्‍टर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत हुआ प्रेसवार्ता का आयोजन बूंदी, 5 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने अब एक जन आंदोलन का रूप ले लिया है। अभियान के तहत न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आमजन बढ़-चढ़कर श्रमदान कर रहे हैं। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने अभियान की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य आम आदमी को जल संरक्षण की भावना के साथ जोड़ना था, जो पूरी तरह से सफल रहा है। यह जानकारी जिला कलक्‍टर ने शुक्रवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा की। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले के सभी विभागों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी आवंटित गतिविधियों को निर्धारित तरीके से आयोजित किया है। 'बावड़ियों के शहर' बूंदी के साथ-साथ जिले के विभिन्न गांवों में स्थित तालाबों, झीलों और पुरानी ऐतिहासिक बावड़ियों पर विशेष फोकस रखा गया है। इन सभी जल स्रोतों पर वृहद स्तर पर श्रमदान की गतिविधियां आयोजित की गई हैं। जिला कलक्टर यादव ने तालेड़ा तहसील के सींता गांव का जिक्र करते हुए बताया कि यहां जल संरक्षण की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। गांव में स्थित सैकड़ों साल पुरानी बावड़ी के साफ-सफाई कार्यक्रम में माननीय प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने भी शिरकत की और सामूहिक श्रमदान किया। बावड़ी के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए जिला कलक्टर ने बताया कि यह बावड़ी गांव की स्थापना के समय की है, जो करीब 500 से 700 साल पुरानी बताई जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 30 साल पहले तक यह बावड़ी ही पूरे गांव के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत हुआ करती थी। समय के साथ इसमें गाद भर गई और दीवारें कमजोर होकर ढहने लगीं। इसे देखते हुए माननीय लोकसभा अध्यक्ष ने अपने सांसद कोटे से इसके पूर्ण जीर्णोद्धार और सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए बजट आवंटित किया है, जिससे इसका कायाकल्प किया जा रहा है। उन्‍होंने विगत 26 मई को हुए सामूहिक श्रमदान का अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस दिन पूरे गांव ने एकजुट होकर बावड़ी के अंदर से गाद निकालने का कार्य किया। ग्रामीणों की यह भावना अत्यंत प्रेरणादायक थी कि भले ही आज 'नल जल योजना' और अन्य व्यवस्थाओं के कारण वे इस बावड़ी का पानी नहीं पीते, लेकिन यह उनके बुजुर्गों और पीढ़ियों की धरोहर है। आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में ग्रामीण इस ऐतिहासिक जल स्रोत का पूरे मनोयोग से जीर्णोद्धार कर रहे हैं। जनभागीदारी से बनाएंगे बूंदी को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ शहर जिला कलक्‍टर ने कहा कि जन भागीदारी से बूंदी को प्‍लास्टिक मुक्‍त और स्‍वच्‍छ शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आमजन के सक्रिय सहयोग से ही बूंदी शहर को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है। शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।जिला कलक्टर ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' और पर्यावरण संरक्षण के तहत जिले भर में चल रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस जन अभियान को सफल बनाने में जिले के विभिन्न विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला है। इसी आपसी तालमेल और सुनियोजित कार्ययोजना का परिणाम है कि जिले में जल संरक्षण के कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं। उन्‍होंने बूंदी की ऐतिहासिक धरोहरों का जिक्र करते हुए आमजन से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद पारंपरिक जल स्रोतों, विशेषकर तालाबों और पुरानी बावड़ियों की साफ-सफाई में लोग श्रमदान करें। जनभागीदारी से ही इन ऐतिहासिक जल स्रोतों को उनके मूल स्वरूप में लौटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। आमजन के सहयोग और जागरूकता से बूंदी को एक साफ, सुंदर और आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।

Keshoraipatan, Bundi | Jun 5, 2026

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Keshoraipatan, Bundi | Jun 5, 2026