सिंबल नहीं, सियासत में व्यक्तित्व और सेवा मायने रखती है: कोठारी
कार्यकर्ता स्नेहमिलन में बोले निर्दलीय विधायक—33 माह का भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत, निगम चुनाव में सेवाभावी चेहरों को आगे लाने का आह्वान
भीलवाड़ा ( महेंद्र नागोरी) नगर निगम चुनाव की सरगर्मी के बीच निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने कार्यकर्ता स्नेहमिलन में अपने राजनीतिक रुख को साफ करते हुए कहा कि राजनीति में सिंबल से ज्यादा व्यक्ति का व्यक्तित्व, विश्वसनीयता और सेवा भाव मायने रखता है। उन्होंने कहा कि 33 माह पहले जनता ने जो भरोसा दिया, वह उनके लिए राजनीतिक पूंजी है और इसे कभी कमजोर नहीं पड़ने देंगे।
रविवार को हरी शेवा धाम में संतों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में कोठारी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वे राजनीति में व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सेवा के उद्देश्य से आए हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि जनता, माता-पिता और गुरुदेव का आशीर्वाद ही उनकी ताकत है।
निगम चुनाव पर सीधा संदेश देते हुए कोठारी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि भीलवाड़ा को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए निष्काम भाव से काम करने वाले ईमानदार और सेवाभावी प्रतिनिधियों को आगे लाया जाए। उनके इस बयान को आगामी निगम चुनाव में प्रत्याशी चयन और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
33 माह का रिपोर्ट कार्ड भी सामने रखा:-
कोठारी ने अपने 33 माह के कार्यकाल में हुए और प्रस्तावित विकास कार्यों को जनता के सामने रखा। उनके अनुसार कुल 1,380.45 करोड़ रुपए की परियोजनाएं घोषित या प्रस्तावित हैं। इनमें सड़क, ड्रेनेज, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल से जुड़े कार्य शामिल हैं। विधानसभा में 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ 335 प्रश्न उठाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
समारोह में संत प्रकाशदास महाराज सहित कई संतों ने कोठारी के कार्यों और सेवा भावना की सराहना की। संत प्रकाशदास ने भजनों के जरिए माहौल को धार्मिक और राष्ट्रभक्ति से सराबोर किया।
राजनीतिक संदेश साफ—कोठारी ने सेवा, व्यक्तित्व और जनता के भरोसे को अपनी सियासत का आधार बताते हुए आगामी निगम चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने का संकेत दे दिया।