हरदोई के रसखान प्रेक्षागृह में गूंजा ‘रश्मिरथी’, कर्ण के किरदार ने मोहा दर्शकों का मन
हरदोई। भारतेन्दु नाट्य अकादमी, जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रसखान प्रेक्षागृह में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ पर आधारित नाटक का भव्य मंचन किया गया। नाटक के मंचन के दौरान कर्ण के संघर्ष, स्वाभिमान, पराक्रम और दानशीलता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष हरदोई सुख सागर मिश्र मधुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि ‘रश्मिरथी’ केवल एक काव्य रचना नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। कर्ण का चरित्र यह संदेश देता है कि संसाधनों के अभाव के बावजूद मनुष्य अपने पराक्रम, स्वाभिमान और दानशीलता के बल पर महान बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन युवाओं को साहित्य और भारतीय संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारतेन्दु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने कर्ण, कृष्ण, कुंती, दुर्योधन और परशुराम जैसे प्रमुख पात्रों को मंच पर जीवंत कर दिया। नाटक का निर्देशन मानवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने किया। मंचन के दौरान ‘कृष्ण की चेतावनी’ और ‘कर्ण-कुंती संवाद’ जैसे दृश्यों ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इन दृश्यों के दौरान पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती और भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन भी पहुंचे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। मंचन के उपरांत सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी परियोजना निदेशक डीआरडीए अशोक कुमार रहे। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी दीपांकर चौधरी, संस्कृति विभाग के अधिकारी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, साहित्य प्रेमी, अधिवक्ता, पत्रकार, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
दर्शकों ने ‘रश्मिरथी’ के मंचन की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि हरदोई जैसे जनपद में उच्च स्तरीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक नाटकों का आयोजन कला और साहित्य के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल है।