मेरठ की जेल से बाहर निकली पाकिस्तानी मूल की सबा:179 दिन बाद रिहाई हुई, हाईकोर्ट से मिली थी जमानत
मेरठ। पाकिस्तान मूल की सबा फरहत गुरुवार शाम करीब 179 दिन बाद मेरठ जिला जेल से रिहा हुईं। जेल से बाहर निकलते ही बेटे फराज अहमद को देखकर वह भावुक हो गईं और उसे गले लगा लिया। परिवार के साथ घर पहुंचने के बाद भी माहौल भावुक रहा।
सबा ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। परिवार के मुताबिक, वह फिलहाल अपना पूरा समय परिजनों के साथ बिताना चाहती हैं।
14 फरवरी को दर्ज हुई थी FIR
मामला 14 फरवरी 2026 का है। देहलीगेट थाना क्षेत्र की रहने वाली रुकसाना खान ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पाकिस्तान मूल की सबा फरहत और उनकी बेटी ऐमन फरहत फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट के जरिए खुद को भारतीय नागरिक बताकर मेरठ में रह रही हैं।
शिकायत में सबा पर अलग-अलग नामों से वोटर आईडी बनवाने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विदेश यात्रा करने समेत कई आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद सबा को गिरफ्तार कर लिया था और 16 फरवरी को जेल भेजा गया था।
बेटी ऐमन का नाम बाद में मुकदमे से हटाया गया
शुरुआत में सबा और उनकी बेटी ऐमन फरहत को आरोपी बनाया गया था। बाद में ऐमन का नाम मुकदमे से हटा दिया गया। इसके बाद सबा के पति मसूद फरहत को भी मामले में आरोपी बनाया गया। पुलिस ने जांच के दौरान विदेशी अधिनियम की धारा 14-ख भी जोड़ी।
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने रखी कई दलीलें
सबा की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई कि वह करीब 35 वर्षों से भारत में रह रही हैं और उनके पास 10 मार्च 2027 तक वैध लॉन्ग टर्म वीजा है। बचाव पक्ष ने उनके खिलाफ किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं होने की बात भी कही।
वोटर आईडी से जुड़े आरोपों का भी बचाव पक्ष ने खंडन किया। अदालत को बताया गया कि जिस वोटर आईडी को सबा का बताया जा रहा है, वह किसी अन्य महिला की है।
बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि उनके पति मसूद फरहत को 27 अप्रैल 2026 को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
6 अगस्त को मिली थी जमानत, 7 दिन बाद रिहाई
हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को सबा फरहत को जमानत देते हुए व्यक्तिगत मुचलके और 25-25 हजार रुपये के दो बॉन्ड पर रिहाई का आदेश दिया था।
दस्तावेजों के सत्यापन में देरी के कारण उन्हें करीब एक सप्ताह अतिरिक्त जेल में रहना पड़ा। गुरुवार को सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई हुई।
जेल से निकलने के बाद बेटा फराज उन्हें घर लेकर पहुंचा। रात में बेटी ऐमन भी घर पहुंचीं और मां से गले मिलकर भावुक हो गईं। પરિવાર के सदस्यों के बीच काफी देर तक भावुक माहौल बना रहा।