श्री राम में श्रद्धा है इसलिए मुस्लिम होते हुए भी चार पीढ़ियों से रावण आदि के पुतले बनाते आ रहे हैं : जमील खान
पलवल में पिछले दस वर्षों से दशहरे के अवसर पर रावण-कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने वाले हैड कारीगर ने पुतले बनाने का अपनी चार पीढ़ियों के इतिहास बताया है।
इस बार रावण के पुतले पर दो लाख और दो लाख की आतिशबाजी होगी स्वाहा।