*जनपद बस्ती, 30 अक्टूबर 2026*
*पराली जलाने पर अंकुश के लिए जागरूकता रथ रवाना, उर्वरा शक्ति बचाने की अपील* उप कृषि निदेशक अशोक कुमार ने दी जानकारी, कहा - पराली जलाने से मिट्टी की सेहत और मानव स्वास्थ्य दोनों को खतरा*
खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जिसके अंतर्गत आज दिनांक 30.10.2026 को कृषि विज्ञान केन्द्र, बंजरिया, बस्ती से फसल अवशेष प्रबंधन हेतु प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा वरुण पाण्डेय, संयुक्त कृषि निदेशक बस्ती मण्डल श्री राम बचन राम द्वारा जनपद की समस्त न्याय पंचायतों/ग्राम पंचायतों के लिए रवाना किया गया।
यह प्रचार वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान और उसके उचित प्रबंधन की तकनीकों की जानकारी देगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए *उप कृषि निदेशक बस्ती अशोक कुमार* ने बताया कि किसानों को अवगत कराया जाएगा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है। खेत में आग लगाने से आस-पास की खड़ी फसलों और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
*उप कृषि निदेशक अशोक कुमार* ने विशेष रूप से बताया कि *खेत में पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति भी कम होती है।* आग की तेज गर्मी से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव, केंचुए और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्व जलकर नष्ट हो जाते हैं। इससे मिट्टी कठोर और बंजर होने लगती है, जिसके कारण अगली फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ता है और किसानों को अधिक खाद डालनी पड़ती है।
*अशोक कुमार* ने किसानों से अपील की है कि वे पराली को जलाने के बजाय उसे खेत में ही सड़ाकर जैविक खाद बनाएं। उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, श्रेडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। किसान इन यंत्रों से सीधे खेत में गेहूं की बुवाई कर सकते हैं, जिससे लागत कम होगी और मिट्टी की सेहत भी सुधरेगी।
उन्होंने आगे बताया कि पराली के धुएं से बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों में सांस, आंख और चर्म रोग जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ जाती हैं। प्रशासन द्वारा सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की घटनाओं पर लगातार निगरानी की जा रही है। खेत में आग लगाते पकड़े जाने पर संबंधित किसान के खिलाफ जुर्माना और एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी। किसान अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर और कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर निःशुल्क सलाह ले सकते हैं। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, प्रगतिशील कृषक एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Oct 30, 2026