प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत भारत सरकार के संयुक्त निदेशक ने किया डिंडोरी का भ्रमण
बीज उत्पादन समिति एवं प्राकृतिक खेती मॉडल का किया अवलोकन, फसल विविधीकरण पर दिया जोर
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत भारत सरकार के प्रतिनिधि एवं दलहन विकास निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के. शिवहरे ने डिंडोरी जिले के विकासखंड शहपुरा के ग्राम ढोंढा एवं करौंदी का भ्रमण कर कृषि गतिविधियों का निरीक्षण किया। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन तथा उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
भ्रमण के दौरान ग्राम करौंदी स्थित मां दुर्गा बीज उत्पादक समिति का अवलोकन कर खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में बीज उपलब्धता की जानकारी ली गई। समिति अध्यक्ष श्रीमती कमला साहू ने बताया कि 22 सदस्यीय समिति द्वारा धान, गेहूं एवं कोदो का प्रमाणित बीज उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में धान की किस्म JR-21 एवं JR-206 का 120 क्विंटल, कोदो की किस्म JK-137 एवं JK-9-1 का 60 क्विंटल तथा गेहूं की किस्म JW-513, JW-322 एवं JW-273 का 200 क्विंटल प्रमाणित बीज कृषकों को वितरण हेतु उपलब्ध है।
डॉ. शिवहरे ने मौसम की अनिश्चितता एवं अल नीनो प्रभाव को देखते हुए कृषकों को जलवायु अनुकूल फसलों, विशेषकर श्री अन्न (मिलेट्स) के बीजों के वितरण तथा फसल पद्धति में सुधार कर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति अध्यक्ष एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री गुमान सिंह चौहान से किसानों तक इन योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
इसके पश्चात ग्राम ढोंढा में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत स्थापित बीआरसी ब्लॉक रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां जीवामृत, बीजामृत, वर्मीकम्पोस्ट एवं बायोगैस उत्पादन इकाइयों का अवलोकन किया गया। नर्मदांचल गौ सेवा समिति के संचालक एवं बीआरसी संस्थापक श्री बिहारी लाल साहू ने बताया कि जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग 300 कृषकों को जोड़ा गया है तथा 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया गया है।
परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 33 जैविक कृषि आदान इकाइयों की स्थापना की गई है। इसका उद्देश्य किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खेती का विस्तार करना है।
संयुक्त निदेशक डॉ. शिवहरे ने उपस्थित कृषकों को प्राकृतिक खेती के लाभों, मिट्टी के बेहतर स्वास्थ्य, टिकाऊ कृषि पद्धति तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने “खेत बचाओ अभियान” को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करने के लिए प्रेरित किया।
भ्रमण कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी, सहायक संचालक कृषि डॉ. नेहा धूरिया, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीपाल पाटीदार, रविन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
विकासखंड शहपुरा के ग्राम करौंदी एवं ढोंढा में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत बीज उत्पादक समिति एवं प्राकृतिक खेती मॉडल का निरीक्षण करते हुए संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के. शिवहरे, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोशी तथा कृषि विभाग के अधिकारी एवं कृषक।
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Dindori, Madhya Pradesh | Jun 25, 2026