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रीवा: जिला न्यायालय अधिवक्ता संघ चुनाव 2026 की प्रक्रिया शुरू #Rewa #LawyersElection #AdvocateAssociation #MPNews #Legal...

Madhya Pradesh, India | Mar 7, 2026

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत भारत सरकार के संयुक्त निदेशक ने किया डिंडोरी का भ्रमण
बीज उत्पादन समिति एवं प्राकृतिक खेती मॉडल का किया अवलोकन, फसल विविधीकरण पर दिया जोर
            
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत भारत सरकार के प्रतिनिधि एवं दलहन विकास निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के. शिवहरे ने डिंडोरी जिले के विकासखंड शहपुरा के ग्राम ढोंढा एवं करौंदी का भ्रमण कर कृषि गतिविधियों का निरीक्षण किया। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन तथा उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

भ्रमण के दौरान ग्राम करौंदी स्थित मां दुर्गा बीज उत्पादक समिति का अवलोकन कर खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में बीज उपलब्धता की जानकारी ली गई। समिति अध्यक्ष श्रीमती कमला साहू ने बताया कि 22 सदस्यीय समिति द्वारा धान, गेहूं एवं कोदो का प्रमाणित बीज उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में धान की किस्म JR-21 एवं JR-206 का 120 क्विंटल, कोदो की किस्म JK-137 एवं JK-9-1 का 60 क्विंटल तथा गेहूं की किस्म JW-513, JW-322 एवं JW-273 का 200 क्विंटल प्रमाणित बीज कृषकों को वितरण हेतु उपलब्ध है।

डॉ. शिवहरे ने मौसम की अनिश्चितता एवं अल नीनो प्रभाव को देखते हुए कृषकों को जलवायु अनुकूल फसलों, विशेषकर श्री अन्न (मिलेट्स) के बीजों के वितरण तथा फसल पद्धति में सुधार कर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति अध्यक्ष एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री गुमान सिंह चौहान से किसानों तक इन योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

इसके पश्चात ग्राम ढोंढा में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत स्थापित बीआरसी ब्लॉक रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां जीवामृत, बीजामृत, वर्मीकम्पोस्ट एवं बायोगैस उत्पादन इकाइयों का अवलोकन किया गया। नर्मदांचल गौ सेवा समिति के संचालक एवं बीआरसी संस्थापक श्री बिहारी लाल साहू ने बताया कि जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग 300 कृषकों को जोड़ा गया है तथा 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया गया है।

परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 33 जैविक कृषि आदान इकाइयों की स्थापना की गई है। इसका उद्देश्य किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खेती का विस्तार करना है।

संयुक्त निदेशक डॉ. शिवहरे ने उपस्थित कृषकों को प्राकृतिक खेती के लाभों, मिट्टी के बेहतर स्वास्थ्य, टिकाऊ कृषि पद्धति तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने “खेत बचाओ अभियान” को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करने के लिए प्रेरित किया।

भ्रमण कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी, सहायक संचालक कृषि डॉ. नेहा धूरिया, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीपाल पाटीदार, रविन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

विकासखंड शहपुरा के ग्राम करौंदी एवं ढोंढा में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत बीज उत्पादक समिति एवं प्राकृतिक खेती मॉडल का निरीक्षण करते हुए संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के. शिवहरे, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोशी तथा कृषि विभाग के अधिकारी एवं कृषक।
#JansamparkMP #डिंडौरी

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत भारत सरकार के संयुक्त निदेशक ने किया डिंडोरी का भ्रमण बीज उत्पादन समिति एवं प्राकृतिक खेती मॉडल का किया अवलोकन, फसल विविधीकरण पर दिया जोर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत भारत सरकार के प्रतिनिधि एवं दलहन विकास निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के. शिवहरे ने डिंडोरी जिले के विकासखंड शहपुरा के ग्राम ढोंढा एवं करौंदी का भ्रमण कर कृषि गतिविधियों का निरीक्षण किया। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन तथा उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। भ्रमण के दौरान ग्राम करौंदी स्थित मां दुर्गा बीज उत्पादक समिति का अवलोकन कर खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में बीज उपलब्धता की जानकारी ली गई। समिति अध्यक्ष श्रीमती कमला साहू ने बताया कि 22 सदस्यीय समिति द्वारा धान, गेहूं एवं कोदो का प्रमाणित बीज उत्पादन किया जाता है। वर्तमान में धान की किस्म JR-21 एवं JR-206 का 120 क्विंटल, कोदो की किस्म JK-137 एवं JK-9-1 का 60 क्विंटल तथा गेहूं की किस्म JW-513, JW-322 एवं JW-273 का 200 क्विंटल प्रमाणित बीज कृषकों को वितरण हेतु उपलब्ध है। डॉ. शिवहरे ने मौसम की अनिश्चितता एवं अल नीनो प्रभाव को देखते हुए कृषकों को जलवायु अनुकूल फसलों, विशेषकर श्री अन्न (मिलेट्स) के बीजों के वितरण तथा फसल पद्धति में सुधार कर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति अध्यक्ष एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री गुमान सिंह चौहान से किसानों तक इन योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। इसके पश्चात ग्राम ढोंढा में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के अंतर्गत स्थापित बीआरसी ब्लॉक रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां जीवामृत, बीजामृत, वर्मीकम्पोस्ट एवं बायोगैस उत्पादन इकाइयों का अवलोकन किया गया। नर्मदांचल गौ सेवा समिति के संचालक एवं बीआरसी संस्थापक श्री बिहारी लाल साहू ने बताया कि जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग 300 कृषकों को जोड़ा गया है तथा 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया गया है। परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 33 जैविक कृषि आदान इकाइयों की स्थापना की गई है। इसका उद्देश्य किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खेती का विस्तार करना है। संयुक्त निदेशक डॉ. शिवहरे ने उपस्थित कृषकों को प्राकृतिक खेती के लाभों, मिट्टी के बेहतर स्वास्थ्य, टिकाऊ कृषि पद्धति तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने “खेत बचाओ अभियान” को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करने के लिए प्रेरित किया। भ्रमण कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा श्री संजय दोशी, सहायक संचालक कृषि डॉ. नेहा धूरिया, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीपाल पाटीदार, रविन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। विकासखंड शहपुरा के ग्राम करौंदी एवं ढोंढा में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत बीज उत्पादक समिति एवं प्राकृतिक खेती मॉडल का निरीक्षण करते हुए संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के. शिवहरे, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोशी तथा कृषि विभाग के अधिकारी एवं कृषक। #JansamparkMP #डिंडौरी

Dindori, Madhya Pradesh | Jun 25, 2026

बावड़ी उत्सव अंतर्गत दनदना नदी पर जल स्रोत पूजन 
नवांकुर सखियों की उपस्थिति में हुआ बावड़ी उत्सव 

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया जी के निर्देशन में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड मेहदवानी , जिला डिंडोरी  द्वारा जलगंगा संवर्धन अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत बावड़ी उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कठोतिया नवांकुर संस्था सरसा ददरा टोला  नेतृत्व में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति तथा स्थानीय नवांकुर सखियों की उपस्थिति में ग्राम   कठोतिया के  समीप दनदना नदी  पर जल संरक्षण व संवर्धन को लेकर  जनसहयोग  ,स्वैच्छिकता व सामूहिकता की  भावना से तट पर स्वच्छता श्रमदान अभियान चलाया तथा 
  जल चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्यों एवं ग्रामीणजनों द्वारा रंगोली के माध्यम से घाट की आकर्षक सजावट की गई तथा सम्पूर्ण परिसर को दीपों से आलोकित किया गया। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं विधिवत पूजन-अर्चन कर जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने जल बचाने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु सामूहिक शपथ भी ग्रहण कर भजन मंडली द्वारा भजन कीर्तन,जल संरक्षण के गीतों से सभी को जागरूक किया गया,
जल चौपाल में वक्ताओं ने कहा कि प्राचीन बावड़ियां, कुएं एवं अन्य जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत होने के साथ-साथ जल सुरक्षा के महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण एवं पुनर्जीवन से जल संकट की समस्या का प्रभावी समाधान संभव है। जलगंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का पुनर्जीवन करना ही नहीं, बल्कि समाज में जल के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी एवं जनसहभागिता को बढ़ावा देना भी है।
कार्यक्रम में ग्रामीणजन, समिति पदाधिकारी, स्वयंसेवक, मातृशक्ति, छात्र-छात्राएं तथा सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला समन्वयक, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला समन्वयक धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि परिषद द्वारा 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत जिले की प्राचीन बावड़ियों का संरक्षण, मरम्मत, रंगाई-पुताई, साज-सज्जा, दीप प्रज्ज्वलन एवं जल चौपालों के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन का व्यापक जनजागरण किया जा रहा है। इस अभियान में नवांकुर संस्था से जितेंद्र  परते, कृष्णा साहू,पवन साहू ,सुखराम,राजाराम तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां, सीएमसीएलडीपी के परामर्शदाता चिरौंजी बसल, नीतेश साहू, देवेश धनंजय,नेतराज  सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं स्वैच्छिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुशीला ठाकुर द्वारा किया गया समापन पर उन्होंने कहा यह आयोजन जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करने तथा परंपरागत जल स्रोतों के महत्व को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल है।
#anjupavanbhadiriya #डिंडौरी #JansamparkMP

बावड़ी उत्सव अंतर्गत दनदना नदी पर जल स्रोत पूजन नवांकुर सखियों की उपस्थिति में हुआ बावड़ी उत्सव कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया जी के निर्देशन में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड मेहदवानी , जिला डिंडोरी द्वारा जलगंगा संवर्धन अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत बावड़ी उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कठोतिया नवांकुर संस्था सरसा ददरा टोला नेतृत्व में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति तथा स्थानीय नवांकुर सखियों की उपस्थिति में ग्राम कठोतिया के समीप दनदना नदी पर जल संरक्षण व संवर्धन को लेकर जनसहयोग ,स्वैच्छिकता व सामूहिकता की भावना से तट पर स्वच्छता श्रमदान अभियान चलाया तथा जल चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्यों एवं ग्रामीणजनों द्वारा रंगोली के माध्यम से घाट की आकर्षक सजावट की गई तथा सम्पूर्ण परिसर को दीपों से आलोकित किया गया। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं विधिवत पूजन-अर्चन कर जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने जल बचाने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु सामूहिक शपथ भी ग्रहण कर भजन मंडली द्वारा भजन कीर्तन,जल संरक्षण के गीतों से सभी को जागरूक किया गया, जल चौपाल में वक्ताओं ने कहा कि प्राचीन बावड़ियां, कुएं एवं अन्य जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत होने के साथ-साथ जल सुरक्षा के महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण एवं पुनर्जीवन से जल संकट की समस्या का प्रभावी समाधान संभव है। जलगंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का पुनर्जीवन करना ही नहीं, बल्कि समाज में जल के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी एवं जनसहभागिता को बढ़ावा देना भी है। कार्यक्रम में ग्रामीणजन, समिति पदाधिकारी, स्वयंसेवक, मातृशक्ति, छात्र-छात्राएं तथा सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला समन्वयक, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला समन्वयक धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि परिषद द्वारा 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत जिले की प्राचीन बावड़ियों का संरक्षण, मरम्मत, रंगाई-पुताई, साज-सज्जा, दीप प्रज्ज्वलन एवं जल चौपालों के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन का व्यापक जनजागरण किया जा रहा है। इस अभियान में नवांकुर संस्था से जितेंद्र परते, कृष्णा साहू,पवन साहू ,सुखराम,राजाराम तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां, सीएमसीएलडीपी के परामर्शदाता चिरौंजी बसल, नीतेश साहू, देवेश धनंजय,नेतराज सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं स्वैच्छिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुशीला ठाकुर द्वारा किया गया समापन पर उन्होंने कहा यह आयोजन जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करने तथा परंपरागत जल स्रोतों के महत्व को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल है। #anjupavanbhadiriya #डिंडौरी #JansamparkMP

Dindori, Madhya Pradesh | Jun 25, 2026

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला स्तरीय मास्टर वॉलिंटियर्स प्रशिक्षण सम्पन्न
नशा उन्मूलन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया गया प्रशिक्षित

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष डिण्डौरी में जिला स्तरीय मास्टर वॉलिंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा उन्मूलन संबंधी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करना तथा समाज में प्रभावी जनजागरूकता अभियान संचालित करने हेतु तैयार करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल शासन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक व्यापक आंदोलन है। युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता से ही नशा मुक्त, स्वस्थ एवं समृद्ध भारत के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कार्यालय स्टाफ, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, डीडीआरसी स्टाफ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण का संचालन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा किया गया तथा तकनीकी सहयोग मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी), भोपाल के विशेषज्ञों ने प्रदान किया।
       प्रशिक्षण के दौरान नशे की रोकथाम, समुदाय आधारित जागरूकता, पुनर्वास एवं परामर्श सेवाएं, विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम, युवाओं की सहभागिता, जनसंपर्क रणनीति, नशा मुक्त भारत अभियान पोर्टल पर पंजीयन तथा "नशा मुक्ति मित्र" की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
         कार्यक्रम में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला शिक्षा केन्द्र, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, नगर परिषद, जिला शहरी विकास अभिकरण, नेहरू युवा केन्द्र तथा शासकीय पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस सहित विभिन्न विभागों के मास्टर वॉलिंटियर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति मित्र के रूप में पोर्टल पर पंजीयन कर प्रमाण-पत्र प्राप्त किया तथा नशा मुक्त भारत की शपथ ली। प्रशिक्षित मास्टर वॉलिंटियर्स अब अपने-अपने कार्यक्षेत्र में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, संवाद एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं और नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाल्मी भोपाल के विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार रायजादा एवं श्री नीरज बंदेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिण्डौरी श्री दिव्यांशु चौधरी, उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग श्री श्याम सिंगौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं चयनित मास्टर वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।
#anjupavanbhadiriya #डिंडौरी #JansamparkMP

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला स्तरीय मास्टर वॉलिंटियर्स प्रशिक्षण सम्पन्न नशा उन्मूलन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया गया प्रशिक्षित कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष डिण्डौरी में जिला स्तरीय मास्टर वॉलिंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा उन्मूलन संबंधी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करना तथा समाज में प्रभावी जनजागरूकता अभियान संचालित करने हेतु तैयार करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल शासन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक व्यापक आंदोलन है। युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता से ही नशा मुक्त, स्वस्थ एवं समृद्ध भारत के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कार्यालय स्टाफ, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, डीडीआरसी स्टाफ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण का संचालन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा किया गया तथा तकनीकी सहयोग मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी), भोपाल के विशेषज्ञों ने प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान नशे की रोकथाम, समुदाय आधारित जागरूकता, पुनर्वास एवं परामर्श सेवाएं, विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम, युवाओं की सहभागिता, जनसंपर्क रणनीति, नशा मुक्त भारत अभियान पोर्टल पर पंजीयन तथा "नशा मुक्ति मित्र" की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला शिक्षा केन्द्र, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, नगर परिषद, जिला शहरी विकास अभिकरण, नेहरू युवा केन्द्र तथा शासकीय पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस सहित विभिन्न विभागों के मास्टर वॉलिंटियर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति मित्र के रूप में पोर्टल पर पंजीयन कर प्रमाण-पत्र प्राप्त किया तथा नशा मुक्त भारत की शपथ ली। प्रशिक्षित मास्टर वॉलिंटियर्स अब अपने-अपने कार्यक्षेत्र में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, संवाद एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं और नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाल्मी भोपाल के विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार रायजादा एवं श्री नीरज बंदेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिण्डौरी श्री दिव्यांशु चौधरी, उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग श्री श्याम सिंगौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं चयनित मास्टर वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे। #anjupavanbhadiriya #डिंडौरी #JansamparkMP

Dindori, Madhya Pradesh | Jun 25, 2026

आकांक्षी ब्लॉक बजाग में स्वास्थ्य नवाचार: जनजातीय बैगा क्षेत्र में मातृ-शिशु सुरक्षा पर फोकस, पल्स पोलियो की तैयारियां तेज

नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी विकासखंड बजाग में स्वास्थ्य सेवाओं को नई रफ्तार देने के लिए नवाचार किया जा रहा है। 24 जून 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बजाग में ब्लॉक स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक एवं पल्स पोलियो अभियान का विशेष प्रशिक्षण आयोजित हुआ।

बैठक में बजाग ब्लॉक के सभी सेक्टर सुपरवाइजर, एलएचवी, सीएचओ और एएनएम शामिल हुईं। मुख्य रूप से जनजातीय बैगा बाहुल्य क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। गर्भवती माताओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन, हाई रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान व प्रबंधन, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, सिकल सेल एनीमिया की जांच तथा टीबी कार्यक्रम की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैगा जनजाति में संस्थागत प्रसव की दर कम होने और सिकल सेल रोग के प्रसार को देखते हुए मैदानी कार्यकर्ताओं को विशेष रणनीति के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। दूरस्थ वनग्रामों में जागरूकता बढ़ाने और घर-घर संपर्क पर बल दिया गया।

28 जून से पल्स पोलियो महाअभियान : प्रशिक्षण में बताया गया कि 28 जून 2026 को पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई जाएगी। छूटे हुए बच्चों को 29 और 30 जून को घर-घर जाकर कवर किया जाएगा। बैगा बस्तियों में बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।

बैठक में बीएमओ डॉ. श्री चंद्रशेखर धुर्वे, डॉ. श्री विकास जैन एबीएफ नीति आयोग, जिला टीबी कार्यक्रम के डीसी श्री आनंद मोहारे, बीपीएम श्री लल्ला यादव, बीईई कांति राव, एसटीएस श्री चंद्रविजय कुशराम सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

आकांक्षी ब्लॉक में बदलाव : बजाग ब्लॉक आदिवासी बैगा जनजाति बहुल है। यहां स्वास्थ्य सूचकांकों को सुधारने के लिए नीति आयोग के मार्गदर्शन में लगातार नवाचार हो रहे हैं। पीयर सपोर्ट ग्रुप, सिकल सेल जांच शिविर और अब पल्स पोलियो जैसे अभियानों से जनजातीय परिवारों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। 
यह पहल ‘स्वस्थ बैगा, सशक्त बजाग’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।
#anjupavanbhadiriya #डिंडौरी #JansamparkMP

आकांक्षी ब्लॉक बजाग में स्वास्थ्य नवाचार: जनजातीय बैगा क्षेत्र में मातृ-शिशु सुरक्षा पर फोकस, पल्स पोलियो की तैयारियां तेज नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी विकासखंड बजाग में स्वास्थ्य सेवाओं को नई रफ्तार देने के लिए नवाचार किया जा रहा है। 24 जून 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बजाग में ब्लॉक स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक एवं पल्स पोलियो अभियान का विशेष प्रशिक्षण आयोजित हुआ। बैठक में बजाग ब्लॉक के सभी सेक्टर सुपरवाइजर, एलएचवी, सीएचओ और एएनएम शामिल हुईं। मुख्य रूप से जनजातीय बैगा बाहुल्य क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। गर्भवती माताओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन, हाई रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान व प्रबंधन, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, सिकल सेल एनीमिया की जांच तथा टीबी कार्यक्रम की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैगा जनजाति में संस्थागत प्रसव की दर कम होने और सिकल सेल रोग के प्रसार को देखते हुए मैदानी कार्यकर्ताओं को विशेष रणनीति के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। दूरस्थ वनग्रामों में जागरूकता बढ़ाने और घर-घर संपर्क पर बल दिया गया। 28 जून से पल्स पोलियो महाअभियान : प्रशिक्षण में बताया गया कि 28 जून 2026 को पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई जाएगी। छूटे हुए बच्चों को 29 और 30 जून को घर-घर जाकर कवर किया जाएगा। बैगा बस्तियों में बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। बैठक में बीएमओ डॉ. श्री चंद्रशेखर धुर्वे, डॉ. श्री विकास जैन एबीएफ नीति आयोग, जिला टीबी कार्यक्रम के डीसी श्री आनंद मोहारे, बीपीएम श्री लल्ला यादव, बीईई कांति राव, एसटीएस श्री चंद्रविजय कुशराम सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। आकांक्षी ब्लॉक में बदलाव : बजाग ब्लॉक आदिवासी बैगा जनजाति बहुल है। यहां स्वास्थ्य सूचकांकों को सुधारने के लिए नीति आयोग के मार्गदर्शन में लगातार नवाचार हो रहे हैं। पीयर सपोर्ट ग्रुप, सिकल सेल जांच शिविर और अब पल्स पोलियो जैसे अभियानों से जनजातीय परिवारों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। यह पहल ‘स्वस्थ बैगा, सशक्त बजाग’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। #anjupavanbhadiriya #डिंडौरी #JansamparkMP

Dindori, Madhya Pradesh | Jun 25, 2026

राघोपुर-मरवारी बांध परियोजना के विरोध में किसानों का चक्काजाम, ढाई घंटे तक बाधित रहा नेशनल हाईवे

डिंडौरी नर्मदा नदी पर प्रस्तावित राघोपुर-मरवारी बांध परियोजना के विरोध में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब ढाई घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कर दिया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम नहीं लग पाया।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास नीति का पूर्ण पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकार्य नहीं होगा।

ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि बांध परियोजना से संबंधित मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है, ऐसे में प्रशासन को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि, आवास और आजीविका इस परियोजना से प्रभावित होगी, इसलिए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

गौरतलब है कि करोड़ों रुपये की लागत से प्रस्तावित राघोपुर-मरवारी बांध परियोजना से लगभग 52 गांव प्रभावित होने की संभावना है। परियोजना के दायरे में आने वाले सैकड़ों किसान और ग्रामीण लंबे समय से पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन संबंधी मुद्दों को लेकर विरोध जता रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बन सकी है, जिसके चलते आगामी दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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राघोपुर-मरवारी बांध परियोजना के विरोध में किसानों का चक्काजाम, ढाई घंटे तक बाधित रहा नेशनल हाईवे डिंडौरी नर्मदा नदी पर प्रस्तावित राघोपुर-मरवारी बांध परियोजना के विरोध में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब ढाई घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कर दिया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम नहीं लग पाया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास नीति का पूर्ण पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकार्य नहीं होगा। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि बांध परियोजना से संबंधित मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है, ऐसे में प्रशासन को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि, आवास और आजीविका इस परियोजना से प्रभावित होगी, इसलिए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। गौरतलब है कि करोड़ों रुपये की लागत से प्रस्तावित राघोपुर-मरवारी बांध परियोजना से लगभग 52 गांव प्रभावित होने की संभावना है। परियोजना के दायरे में आने वाले सैकड़ों किसान और ग्रामीण लंबे समय से पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन संबंधी मुद्दों को लेकर विरोध जता रहे हैं। फिलहाल प्रशासन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बन सकी है, जिसके चलते आगामी दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। #RaghopurMarwariDam #DindoriNews #DamProtest #FarmerProtest #NarmadaProject #NationalHighwayJam #MadhyaPradeshNews #Dindori #RehabilitationPolicy #LandAcquisition #FarmersVoice #SaveVillages #DamAffectedFamilies #HighCourtCase #BreakingNews #ViralNews #GroundReport #MPNews #RuralIndia #NarmadaValley

Dindori, Dindori | Jun 25, 2026