*महाविद्यालयों और लघु उद्योग भारती के बीच एमओयू, छात्राओं के लिए खुलेंगे उद्योग एवं उद्यमिता के नए द्वार*
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*इंदौर के 11 महाविद्यालयों की सहभागिता, कौशल विकास, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर होंगे सुलभ*
इंदौर 19 सितम्बर 2026
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, किला भवन, इंदौर में 19 सितंबर 2026 को लघु उद्योग भारती एवं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग जगत से जोड़ते हुए कौशल विकास, इंटर्नशिप, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार एवं स्वरोजगार के लिए प्रभावी अवसर उपलब्ध कराना है। एमओयू के माध्यम से शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव के संरक्षण, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी के मार्गदर्शन तथा स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. सीमा तिवारी के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का श्रीफल एवं श्रीपट भेंट कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा, संभागीय महामंत्री सुश्री सीमा मिश्रा, संभागीय अध्यक्ष श्री राजेंद्र दुबे, संभागीय नोडल इंदौर डॉ. मनीषा शर्मा पांडे, प्रौद्योगिकी अंगीकरण प्रमुख श्री सतीश मुकाती, जिला नोडल इंदौर डॉ. सीमा तिवारी सहित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध 11 महाविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
*एमओयू से विद्यार्थियों को मिलेंगे व्यावहारिक अवसर*
समझौते के अंतर्गत लघु उद्योग भारती अपने व्यापक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नेटवर्क के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की कार्यप्रणाली और आवश्यक कौशल से परिचित कराने में सहयोग करेगा। विद्यार्थियों को औद्योगिक भ्रमण, इंटर्नशिप, विशेषज्ञ व्याख्यान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्टार्टअप मार्गदर्शन तथा उद्योग विशेषज्ञों से संवाद के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके साथ ही उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय के अंतर्गत वास्तविक परियोजनाओं, रोजगार एवं नियुक्ति से जुड़े अवसर, नवाचार, स्टार्टअप, अनुसंधान और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, विशेषज्ञ व्याख्यान एवं प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा सकेंगे।
एमओयू में प्रक्रिया एवं उत्पाद विकास, डिजिटल रूपांतरण, स्वचालन, उद्योग-4.0, टिकाऊ विकास, चक्रीय अर्थव्यवस्था तथा अपशिष्ट से संपदा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का भी प्रावधान किया गया है। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं पर कार्य करने और अपने ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
*एमओयू केवल दस्तावेज नहीं, धरातल पर दिखे इसका प्रभाव : डॉ. श्रीवास्तव*
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन केवल कागजी दस्तावेज बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके अंतर्गत निर्धारित योजनाओं और गतिविधियों का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए। छोटे उद्योगों, स्थानीय उद्यमों और रोजगारपरक अवसरों को छात्राओं से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि एमओयू को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए आगामी छह माह की कार्ययोजना तैयार कर ठोस गतिविधियां संचालित की जानी चाहिए। यह समझौता छात्राओं को शिक्षा से कौशल, कौशल से उद्योग और उद्योग से स्वरोजगार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करे। उन्होंने सभी प्रशिक्षण एवं नियुक्ति अधिकारियों तथा संबंधित सदस्यों को इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दीं।
*उद्योग और शिक्षा के समन्वय से विकसित होगा कौशल : श्री राजेश मिश्रा*
लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा ने कहा कि लघु उद्योग भारती का उद्देश्य देश में उद्योग एवं विनिर्माण को सशक्त बनाना और छोटे उद्योगों तथा स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक उद्योगों, उत्पादन प्रक्रियाओं, व्यवसाय प्रबंधन और उद्यमिता से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति छोटे स्तर के उद्योग से जुड़कर भी कार्य-कौशल सीख सकता है और इसी अनुभव के आधार पर भविष्य में अपना स्वयं का उद्योग स्थापित कर सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाविद्यालय और लघु उद्योग भारती के बीच यह सहयोग छात्राओं में कौशल, आत्मविश्वास और स्वरोजगार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
*योजनाबद्ध क्रियान्वयन से ही एमओयू होगा सार्थक : डॉ. मनीषा शर्मा पांडे*
लघु उद्योग भारती की संभागीय नोडल इंदौर डॉ. मनीषा शर्मा पांडे ने कहा कि समझौता ज्ञापन के उद्देश्यों को योजनाबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना आवश्यक है। इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक माह गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा और फॉलोअप किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर गतिविधियों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार एवं नई योजनाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि इसका वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे।
*11 महाविद्यालय जुड़े, अन्य संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा : सुश्री सीमा मिश्रा*
लघु उद्योग भारती की संभागीय महामंत्री सुश्री सीमा मिश्रा ने कहा कि शासकीय महाविद्यालयों को उद्योग और रोजगारपरक अवसरों से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 11 महाविद्यालय लघु उद्योग भारती से जुड़ चुके हैं तथा आने वाले समय में अन्य महाविद्यालयों को भी इस पहल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
*छात्राएं अपनी योग्यता के अनुरूप उद्यम शुरू करें : श्री राजेंद्र दुबे*
लघु उद्योग भारती के संभागीय अध्यक्ष श्री राजेंद्र दुबे ने संस्था के बढ़ते कार्यक्षेत्र, शाखाओं एवं सदस्य संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्राओं से अपनी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप उद्यम और स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में आगे आने का आह्वान किया।
लघु उद्योग भारती के प्रौद्योगिकी अंगीकरण प्रमुख श्री सतीश मुकाती ने भी छात्राओं को उद्यमिता विकास के लिए प्रेरित करते हुए स्वरोजगार एवं स्वनिर्माण के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
*11 संस्थानों ने किया एमओयू पर हस्ताक्षर*
एमओयू प्रक्रिया के अंतर्गत इंदौर जिले के 11 महाविद्यालयों के संबंधित अधिकारियों एवं लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसमें माता जीजाबाई शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय, पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, शासकीय मां कनकेश्वरी देवी महाविद्यालय, भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय महू, शासकीय निर्भय सिंह पटेल विज्ञान महाविद्यालय, शासकीय महाविद्यालय सांवेर, भागीरथजी सिलावट शासकीय महाविद्यालय देपालपुर, शासकीय महाविद्यालय राऊ तथा ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज, इंदौर शामिल रहे।
कार्यक्रम में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. मनीषा जोशी, स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. सीमा तिवारी, प्रशिक्षण एवं नियुक्ति अधिकारी प्रो. रितु मथुरिया, प्रो. साधना मंडलोई, प्रो. अंजना चौरसिया, प्रो. काजल मातवा, तकनीकी सहयोगी श्री अभिषेक पालीवाल एवं श्री महेश विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सीमा तिवारी ने किया तथा आभार प्रो. रितु मथुरिया ने व्यक्त किया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. नेहा गुप्ता द्वारा दी गई।
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