*सफलता की कहानी*
*सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदल रही है जहानाबाद जिलेवासियों की तस्वीर*
*गरीबी और दुर्घटना से संघर्ष करते हुए बने सफल उद्यमी, PMEGP योजना ने बदली जिंदगी*
लाभार्थी का नाम: श्री देवकांत पाण्डेय
पिता का नाम: श्री रमेश चन्द्र पाण्डेय
ग्राम/पोस्ट: बभना
जिला: जहानाबाद
योजना का नाम: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
उद्यम का नाम: M/S DK Slipper
परियोजना: स्लीपर एवं सैंडल निर्माण इकाई
प्राप्त लाभ: ₹10 लाख ऋण सहायता
जहानाबाद जिले के बभना गांव निवासी श्री देवकांत पाण्डेय का जीवन कभी आर्थिक कठिनाइयों से भरा हुआ था। परिवार की आय का कोई नियमित स्रोत नहीं था, जिसके कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। बेहतर आमदनी की तलाश में वे बिहार से बाहर एक निजी कंपनी में कार्य करते थे और उसी आय से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।
इसी दौरान एक सड़क दुर्घटना में उनका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया जिसके बाद वे पहले की तरह बाहर जाकर कार्य करने में सक्षम नहीं रहे। बाहर जाकर नौकरी करना उनके लिए कठिन हो गया और परिवार के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया। ऐसी विषम परिस्थिति में उन्होंने हार मानने के बजाय स्वरोजगार का रास्ता चुनने का निर्णय लिया।
*रोजगार के नए अवसर की तलाश में उन्हें जिला उद्योग केंद्र, जहानाबाद के बारे में जानकारी मिली, जहां उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना के बारे में जानकारी मिली। अधिकारियों के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया तथा ₹10 लाख की वित्तीय सहायता प्राप्त कर M/S DK Slipper नाम से स्लीपर एवं सैंडल निर्माण इकाई की स्थापना की।*
शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ शुरू किया गया यह उद्यम आज सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। श्री पाण्डेय आधुनिक डिजाइन के सैंडल एवं चप्पलों का निर्माण कर रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए वे विभिन्न जिलों में आयोजित मेलों एवं प्रदर्शनियों में भी भाग लेते हैं। उनके उत्पादों की गुणवत्ता और मेहनत के कारण उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है।
आज श्री देवकांत पाण्डेय आत्मनिर्भर बन चुके हैं। उनका मानना है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ और दृढ़ संकल्प किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
*श्री देवकांत पाण्डेय बताते हैं, "प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। जिला उद्योग केंद्र, जहानाबाद के सहयोग से मैं अपना उद्योग स्थापित कर सका। आज मैं सम्मानपूर्वक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा हूँ। इसके लिए मैं उद्योग विभाग, जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार का हृदय से तथा जिला पदाधिकारी का आभार व्यक्त करता हूँ।"*
श्री देवकांत पाण्डेय की यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और आत्मविश्वास हो तो सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।
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Information & Public Relations Department, Government of Bihar
16 views | Jehanabad, Bihar | Jun 14, 2026