#घाघरा_नदी में 1लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया: जलस्तर बढ़ने से 28 बाढ़ चौकियां सक्रिय...
#गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर नेपाल से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी 28 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। आज मंगलवार सुबह 8:50 बजे घाघरा नदी में कुल 1 लाख 9266 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसमें गिरजा बैराज से 87476 क्यूसेक, शारदा बैराज से 21540 क्यूसेक और सरयू बैराज से 250 क्यूसेक पानी शामिल है।
भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद देर शाम तक नदी का जलस्तर और तेजी से बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते तटीय इलाकों के निवासियों को अलर्ट पर रखा गया है। पिछले वर्ष जुलाई माह में ही गोंडा के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति थी नाव का सहारा लेकर के लोग आ जा रहे थे।
तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण इन बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य, राजस्व और बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। वे लगातार नदी के बढ़ते जलस्तर, तटबंधों और तटीय इलाकों की निगरानी कर रहे हैं।
जिन स्थानों पर नदी तेजी से कटान कर रही है, वहां भी नजर रखी जा रही है और कटान रोकने का काम जारी है। जिला प्रशासन राजस्व विभाग के अधिकारियों को भेजकर तटीय इलाकों में लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर के बारे में जानकारी देकर जागरूक कर रहा है।
गोंडा बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए गए हैं, और जो कुछ बचे हैं उन्हें भी जल्द पूरा किया जा रहा है।
हमारे अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे तटबंधों और तटीय इलाकों की लगातार निगरानी कर रहे हैं, साथ ही तटीय इलाकों के लोगों को अलर्ट और जागरूक भी किया जा रहा है। जिन जगहों पर नदी कटान कर रही है वह पानी के तेज बहाव के कारण है उसे भी रोकने का प्रयास किया जा रहा है।