आंगनबाड़ी सेविका के बेटे ने रचा इतिहास, बीपीएससी में सफलता पाकर बने राजस्व अधिकारी
रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड के मेदनीपुर गांव में उस समय जश्न का माहौल बन गया, जब गांव के होनहार युवक चुनुल कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर राजस्व अधिकारी (आरओ) पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि से गांव समेत पूरे प्रखंड में खुशी की लहर है। चुनुल कुमार, सुरेंद्र प्रसाद पासवान के पुत्र हैं। उनकी मां आंगनबाड़ी सेविका हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद चुनुल ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। वर्तमान में वह वर्ष 2019 से बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी की व्यस्तताओं के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। यह उनका पांचवां प्रयास था, जिसमें उन्हें सफलता मिली। चुनुल ने बताया कि उन्होंने कभी असफलताओं को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। लगातार प्रयास और सकारात्मक सोच के कारण आज उन्हें यह सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल करना है। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा दावथ के उसरी गांव स्थित अपने मामा के घर पर हुई, जबकि उच्च शिक्षा विक्रमगंज अनुमंडल में पूरी की। तीन भाई और एक बहन में मंझले चुनुल ने अपनी मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है।
राजस्व अधिकारी बनने के बाद पहली बार गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। स्थानीय मुखिया रंजय सिंह ने कहा कि चुनुल की सफलता गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।
इस अवसर पर दावथ के पूर्व प्रमुख चित्तरंजन पासवान ने कहां की भगिना की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। वो और जाए मेरी शुभकामनाएं है। उस पर परमनाथ प्रसाद, सत्यनारायण प्रसाद, बीडीसी सदस्य मदन प्रसाद, अखिलेश पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने चुनुल कुमार और उनके परिजनों को बधाई देते हुए मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
ग्रामीणों और बुजुर्गों का कहना है कि चुनुल कुमार की सफलता इस बात का प्रमाण है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। मजबूत इरादे, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी व्यक्ति अपनी मंजिल हासिल कर सकता है।