शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्रों ने वृक्षारोपण कर दी मिसाल
वनविभाग के सौजन्य एवं श्री व्यास सँस्कृत महाविद्यालय रघुननाथपुर कुल्लू के संयुक्त तत्वाधान द्वारा माता के चरण मठ क्षेत्र में किया गया भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम
Kullu Times
जिला कुल्लू के मठ क्षेत्र में, दिनांक 05/09/2026 पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय रघुनाथपुर छात्र संघ पंचायत सदस्य एवं वन विभाग द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत मठ स्थान मे 100 से अधिक पौधे लगाए गए।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्याओं से लड़ना है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पूर्व भाषा अधिकारी सीता राम कुल्लू एवं पूर्व वन आधीक्षक सुनील शास्त्री तथा वन रक्षक थर्वीर एवं महाविद्यालय के निदेशक डॉ० ओम कुमार शर्मा द्वारा पहला पौधा लगाकर की गई। साथ ही सारी बीट के वन रक्षक (फारेस्ट गार्ड) थरवीर ने बच्चों को वन सम्पदा के पर्यावरण में लाभ एवं जीवन में महत्व को लेकर एवं पौधा रोपण से पूर्व वर्ती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया , कि कितना गढा बनाएं, किंतना दवाएं ,पॉलीथिन पूरा निकाल कर एक जगह इकठ्ठे करके पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सलाह दी।
इस अभियान में देवदार, पीपल, और खुमानी जैसे छायादार और फलदार पौधे रोपे गए।
महाविद्यालय के छात्रों तथा अध्यापकों के साथ-साथ वन बिभाग के अधिकारीयों एवं पूर्व भाषा अधिकारी, ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संस्था सहित पंचायती सदस्यों ने पौधों की नियमित सिंचाई और सुरक्षा (ट्री-गार्ड) की जिम्मेदारी भी ली। सीता राम पूर्व भाषा अधिकारी एवं पूर्व वन अधीक्षक सुनील शास्त्री ने शास्त्रों में लिखे वाक्यों से भी छात्रों का मनोबल बढ़ाया । एवं मत्स्यपुराण में उधृत वृक्ष रोपण महिमा का वर्णन करते हुए कहा
दशकूपसमा वापी दशवापीसमं हृदः।
दशह्रदसमः पुत्रो दशपुत्रसमो द्रुमः॥
अर्थ दस कुओं के बराबर एक बावड़ी (बड़ा कुआं) होती है, दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब होता है, दस तालाबों के बराबर एक योग्य पुत्र होता है और दस पुत्रों के समान एक वृक्ष होता है (अर्थात एक वृक्ष का पुण्य दस पुत्रों से भी बढ़कर होता है)। "पेड़ मानव जीवन के प्राण हैं ,प्राणवायु के संचारक हैं | वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण को का जा सके इसके लिए वृक्षारोपण ही एकमात्र सबसे प्रभावी उपाय है। हर नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए।"श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय के निदेशक \संस्थापक डा. ओम कुमार शर्मा व्यास संस्कृत महाविद्यालय रघुनाथपुर ने सभी गण्यमान्य स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी इस तरह के पर्यावरण अनुकूल कार्य जारी रखेगी।
Kullu, Kullu | Sep 5, 2026