पहचान स्पेशल स्कूल में विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर साल की तरह व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) शुरू कर दिया गया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को उनकी रुचि, क्षमता और कौशल के अनुसार विभिन्न प्रकार के हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्कूल में बच्चे वैक्स कैंडल, जेल कैंडल, तोरण, सजावटी लड़ियां, मंदिर की लड़ियां, दीया डेकोरेशन, की-होल्डर सहित कई प्रकार के आकर्षक एवं उपयोगी उत्पाद तैयार कर रहे हैं। बच्चे इन उत्पादों को बनाने के साथ-साथ उनमें सजावट, पैकिंग और प्रस्तुति का भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
पहचान स्पेशल स्कूल की संस्थापक एवं प्रधानाचार्य चेतना शर्मा ने बताया कि व्यावसायिक प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विशेष बच्चों में आत्मविश्वास, कार्यकुशलता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है। बच्चों को ऐसे हुनर सिखाए जा रहे हैं, जिनका उपयोग वे भविष्य में रोजगार अथवा स्वरोजगार के रूप में कर सकें।
उन्होंने कहा कि विशेष बच्चों में भी प्रतिभा और हुनर की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है। स्कूल का प्रयास है कि बच्चों को शिक्षा और थेरेपी के साथ-साथ ऐसे व्यावहारिक कौशल भी प्रदान किए जाएं, जिससे वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
पहचान स्पेशल स्कूल द्वारा तैयार किए जा रहे इन हस्तनिर्मित उत्पादों की स्कूलों में प्रदर्शनी
लगवाई जाती है साथ ही यह उत्पाद लोगों तक पहुंचाने और बच्चों की मेहनत को प्रोत्साहित करने की भी योजना है।