गोवटा बांध स्थित बाण माता शक्तिपीठ पर शारदीय नवरात्र महोत्सव की तैयारियां तेज
श्रद्धालुओं के लिए छाया, पेयजल व ठहरने की व्यवस्था; पंचमी व अष्टमी पर होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
आकोला ( रमेशचंद्र डाड)
मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री बाण माता शक्तिपीठ गोवटा बांध पर शारदीय नवरात्र महोत्सव की तैयारियां विकास संस्थान के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा के सानिध्य में जोर-शोर से की जा रही हैं। संस्थान के व्यवस्थापक प्रमोद कुमार धाकड़ ने बताया कि आश्विन शुक्ल पक्ष की एकम से प्रारंभ होने वाले नवरात्रि महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
नवरात्रि के दौरान शक्तिपीठ परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त छाया, पेयजल एवं ठहरने की व्यवस्था संस्थान के पदाधिकारियों की देखरेख में की जा रही है। विद्वान पंडित भेरूलाल शर्मा एवं बनवारीलाल शर्मा के वेद मंत्रोच्चार के साथ नियमित रूप से एक जोड़े द्वारा यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। पक्षाघात रोगियों के लिए भी श्रद्धालुओं के सहयोग से संस्थान की ओर से अल्पाहार एवं भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
नवरात्रि महोत्सव के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, गायत्री अनुष्ठान एवं शतचंडी यज्ञ सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही ख्याति प्राप्त भजन कलाकारों द्वारा बाण माता के भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
पंचमी पर प्रभात फेरियों का महासंगम
पंचमी के अवसर पर 15 अक्टूबर, गुरुवार को प्रभात फेरियों का महासंगम आयोजित होगा। इस दौरान श्रद्धालु गाते-बजाते हुए माता के दरबार में पहुंचेंगे।
अष्टमी जागरण में रातभर गूंजेंगे माता के भजन
18 अक्टूबर, रविवार को अष्टमी जागरण का आयोजन होगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए रातभर बाण माता के दर्शन की व्यवस्था रहेगी। अष्टमी जागरण में श्री गन्धेरी श्याम म्यूजिकल ग्रुप के साथ सुप्रसिद्ध गायक कलाकार राजू रावल एवं भैरू पुरी गोस्वामी द्वारा रातभर भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
छप्पन भोग के साथ नवरात्रि का समापन
19 अक्टूबर, सोमवार को बाण माता की छप्पन भोग झांकी के दर्शन होंगे। इसके बाद दोपहर में शुभ मुहूर्त में गाजे-बाजे के साथ पाती विसर्जन किया जाएगा। पाती विसर्जन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण कर शारदीय नवरात्रि महोत्सव का विधिवत समापन किया जाएगा।
नवरात्रि महोत्सव को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शक्तिपीठ पहुंचने की संभावना है।