जालौन में जांच ट्रांसफर होने के बावजूद मनमाने ढंग से उरई नगर पालिका की जांच करने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही
भारी संख्या में प्राइवेट लड़को को लेकर नगर पालिका पहुंचे थे रिंकू सिंह राही
प्राइवेट लड़के बना रहे थे वीडियो और सोशल मीडिया पर कर रहे थे ट्रेंड
जांच के नाम पर सोशल मीडिया पर किया जा रहा प्रचार प्रसार
एक दर्जन प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर और 40 पत्रकारों के साथ नगर पालिका पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही
उरई नगर पालिका ईओ पर घूस की पेशकश का आरोप
लगभग 4 घंटे तक नगर पालिका के विभिन्न कक्षाओं में कागज पलटते रहे रिंकू सिंह राही
जांच के दौरान मीडिया के कैमरो से बचते नजर आए जॉइंट मैजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही और टी एस नगर पालिका गणेश प्रसाद
जाँच के दौरान उरई नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी राम अचल कुरील और राही की हुई हॉट टॉक
अधिशाषी अधिकारी ने कागज दिखाने से किया साफ साफ मना
जॉइंट मैजिस्ट्रेट ने अधिशासी अधिकारी के ऊपर लगाए सेटिंग गेटिंग करने का आरोप
उरई नगर पालिका में हाई-प्रोफाइल जांच से हड़कंप, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के गंभीर आरोपों से मचा बवाल
रिपोर्ट :अंकुर श्रीवास्तव ✍️
जनपद जालौन की उरई नगर पालिका परिषद में पिछले कई दिनों से चल रही जांच बुधवार को उस समय सुर्खियों में आ गई, जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही एक दर्जन कंप्यूटर ऑपरेटरों और लगभग 40 पत्रकारों की मौजूदगी में नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने अधिशासी अधिकारी (ईओ) राम अचल कुरील पर न केवल जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया, बल्कि घूस देने की पेशकश किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया। पूरे घटनाक्रम के दौरान नगर पालिका कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और कई अधिकारी कथित रूप से कार्यालय छोड़कर चले गए।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका के सभासदों द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने लगभग 15 दिन पहले तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति के अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य बनाए गए, जबकि उप जिलाधिकारी सदर उत्तम तिवारी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को सदस्य नामित किया गया।
बताया जा रहा है कि जांच प्रक्रिया के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका प्रशासन से कई बार पत्राचार कर आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। आरोप है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद अधिशासी अधिकारी द्वारा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए और जांच में सहयोग करने से लगातार बचा जाता रहा। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पूर्व निर्धारित तिथि घोषित करते हुए कहा था कि यदि नगर पालिका प्रशासन सहयोग नहीं करेगा तो 29 जुलाई को कंप्यूटर ऑपरेटरों की टीम के साथ रिकॉर्ड की स्क्रीनिंग की जाएगी तथा पूरी कार्रवाई मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अपने दल के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद थे। सबसे पहले उन्होंने अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील के कक्ष में पहुंचकर पिछले तीन वर्षों से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की। आरोप है कि अधिशासी अधिकारी ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से साफ इनकार कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिशासी अधिकारी ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जांच का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उन्हें रिकॉर्ड नहीं दिया जा सकता। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने जवाब दिया कि यदि जिलाधिकारी स्वयं ऐसा निर्देश देंगे तो वह उसका अक्षरशः पालन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पद और जांच समिति के सदस्य के रूप में रिकॉर्ड देखने के लिए अधिकृत हैं। इसके बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कर अधिकारी एवं लेखा अधिकारी के कक्ष में पहुंचे। शुरुआत में कक्ष बंद मिला। कुछ देर बाद अधिकारी पहुंचे तो उनसे चेक बुक, भुगतान संबंधी अभिलेख और अन्य वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने यह कहते हुए रिकॉर्ड देने से मना कर दिया कि यह गोपनीय दस्तावेज हैं और इनकी स्क्रीनिंग नहीं कराई जा सकती।
इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो दस्तावेज सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे में आते हैं, उनकी रिकॉर्डिंग और स्क्रीनिंग पूरी तरह वैधानिक है। उनका कहना था कि जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भविष्य में किसी प्रकार के विवाद से बचने के लिए रिकॉर्डिंग कराई जा रही है।
BOL DO BHARAT 🇮🇳
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Orai, Jalaun | Jul 30, 2026