प्रेस विज्ञप्ति
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केंद्रीय कारा एवं पर्यवेक्षण गृह का किया विस्तृत निरीक्षण
मोतिहारी, दिनांक 26.09.2026
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी श्री अभिषेक कुमार दास द्वारा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री पुनीत कुमार तिवारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी श्री नितिन त्रिपाठी के साथ आज केंद्रीय कारा, मोतिहारी एवं पर्यवेक्षण गृह, मोतिहारी का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा दोनों संस्थानों के विभिन्न वार्डों का क्रमवार एवं विस्तृत निरीक्षण किया गया तथा बंदियों एवं किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा, विधिक सहायता एवं अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।
केंद्रीय कारा का वार्डवार निरीक्षण
केंद्रीय कारा के निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों में जाकर वहां रह रहे बंदियों से सीधे बातचीत की गई तथा उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली गई। बंदियों से भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, दवाओं की उपलब्धता, मुलाकात की व्यवस्था तथा विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई।
निरीक्षण के दौरान वार्डों एवं परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। शौचालयों, स्नानागारों, रहने के स्थानों तथा आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई एवं समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने को कहा गया।
भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष जोर
अधिकारियों द्वारा कारा में बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की भी जानकारी ली गई। भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने, भोजन तैयार करने के स्थान की स्वच्छता तथा भोजन वितरण के दौरान स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यह स्पष्ट किया गया कि बंदियों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना कारा प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कारा अस्पताल एवं चिकित्सा व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। बंदियों को समय पर चिकित्सकीय जांच, आवश्यक दवाएं एवं उपचार उपलब्ध कराने तथा गंभीर अथवा विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता वाले बंदियों को समय पर उचित उच्चतर चिकित्सा संस्थान में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा अभिलेखों के उचित संधारण के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
आरोपियों की समय पर न्यायालय में पेशी
निरीक्षण के दौरान आरोपियों/बंदियों की न्यायालय में समय पर पेशी के संबंध में भी विशेष रूप से चर्चा की गई। निर्देश दिया गया कि किसी भी आरोपी की न्यायालय में पेशी अनावश्यक रूप से लंबित न हो तथा जहां विधि एवं न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आवश्यक हो, वहां समय पर भौतिक अथवा वैधानिक रूप से अनुमत माध्यम से पेशी सुनिश्चित की जाए।
इससे संबंधित अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
विधिक सहायता का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान विधिक सहायता क्लिनिक की कार्यप्रणाली एवं उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी बंदी केवल आर्थिक असमर्थता के कारण अधिवक्ता अथवा न्यायिक सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
सभी पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, पैनल अधिवक्ता की सुविधा, उनके मामलों की जानकारी, जमानत, अपील एवं अन्य उपलब्ध कानूनी उपायों के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
विधिक सहायता क्लिनिक को प्रभावी रूप से संचालित करते हुए प्रत्येक जरूरतमंद बंदी तक उसकी सुविधा पहुंचाने तथा विधिक सहायता से संबंधित अभिलेखों एवं रजिस्टरों को अद्यतन रखने पर विशेष बल दिया गया।
पर्यवेक्षण गृह का विस्तृत निरीक्षण
इसके पश्चात प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, डीएलएसए द्वारा पर्यवेक्षण गृह, मोतिहारी का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया।
पर्यवेक्षण गृह के विभिन्न वार्डों एवं परिसर का क्रमवार निरीक्षण करते हुए वहां रह रहे किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। किशोरों से बातचीत कर उनके भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन, रहने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं भोजन पर विशेष निर्देश
पर्यवेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान परिसर, आवासीय वार्ड, शौचालय, स्नानागार एवं अन्य स्थानों में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
किशोरों को पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने तथा भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही प्रत्येक किशोर के स्वास्थ्य की नियमित जांच एवं आवश्यकता के अनुसार समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
किशोरों के अधिकार एवं विधिक सहायता
निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया कि पर्यवेक्षण गृह में रह रहे प्रत्येक किशोर को उसके कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी हो।
विधिक सहायता क्लिनिक के माध्यम से किशोरों तथा उनके मामलों से संबंधित पात्र व्यक्तियों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा किसी भी जरूरतमंद को विधिक सहायता से वंचित नहीं रहने देने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि किशोरों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनके पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास एवं समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापन की दिशा में निरंतर प्रयास किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान समग्र व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान दोनों संस्थानों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा, अभिलेखों के संधारण, न्यायालय में पेशी तथा विधिक सहायता की उपलब्धता की समग्र समीक्षा की गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अभिषेक कुमार दास ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि कारा एवं पर्यवेक्षण गृह में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के मानवीय अधिकारों, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमापूर्ण जीवन का विशेष ध्यान रखा जाए तथा शासन एवं न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री पुनीत कुमार तिवारी एवं सचिव, डीएलएसए श्री नितिन त्रिपाठी ने भी निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक वास्तविक रूप से पहुंचे।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कारा एवं पर्यवेक्षण गृह में रहने वाले व्यक्तियों को बेहतर, सुरक्षित, स्वच्छ, मानवीय एवं विधि-सम्मत वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनके अधिकारों एवं विधिक सहायता तक उनकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना रहा।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
13 views | East Champaran, Bihar | Sep 26, 2026