प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा, ऋण स्वीकृति में अनावश्यक अड़चनें दूर करने का निर्देश
बुधवार से शनिवार तक चार दिनों का विशेष शिविर भी सभी प्रखंडों में लगाया जाएगा
छपरा, 18 अगस्त 2026। जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल पूर्वी एवं पश्चिमी छपरा के कार्यपालक अभियंता, अग्रणी जिला प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रभारी पदाधिकारी विकास शाखा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों, विद्युत कनेक्शन, ऋण स्वीकृति, अस्वीकृति, लंबित आवेदनों तथा योजना के क्रियान्वयन की प्रगति की बैंकवार एवं विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने अब तक की प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले को 19,000 इंस्टॉलेशन का लक्ष्य प्राप्त है, जिसके विरुद्ध प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त होने के बावजूद बड़ी संख्या में आवेदनों का लंबित रहना तथा अस्वीकृति की संख्या अधिक होना गंभीर विषय है।
आवेदन अप्रूव्ड हो या रिजेक्ट, किसी भी स्थिति में लंबित न रखें
जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी आवेदन चाहे अप्रूव्ड हो अथवा रिजेक्ट, उसे अनावश्यक रूप से In Process में लंबित नहीं रखा जाए। यदि किसी आवेदन को अस्वीकृत किया जाता है तो अस्वीकृति का स्पष्ट एवं विशिष्ट कारण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों के कारण भी संबंधित पोर्टल पर स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएं, ताकि आवेदकवार एवं बैंकवार वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा किसी आवेदन को रिजेक्ट किए जाने का कारण जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराया जाए तथा बैंकवार आवेदन, स्वीकृति, अस्वीकृति एवं लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा लगातार की जाएगी। इस संबंध में सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों को जिला स्तर से पत्र भेजने तथा उसकी प्रति एसएलबीसी को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
क्रेडिट स्कोर, लोड अथवा गृहस्वामित्व से जुड़े मामलों में व्यावहारिक समाधान
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदन को छोटे-छोटे तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कारणों से अस्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ क्रेडिट स्कोर के आधार पर योजना के पात्र लाभार्थी का आवेदन अस्वीकृत नहीं किया जाए।
यदि आवेदक, आवेदक की स्थिति तथा गृहस्वामित्व में अंतर है तो आवश्यकतानुसार को-बॉरोअर/सह-आवेदक की व्यवस्था कर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इसके लिए आवश्यक होने पर घोषणा-पत्र लिया जा सकता है कि संबंधित गृहस्वामी को ऋण आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं है। यदि गृहस्वामी जीवित नहीं हैं तो आवेदक द्वारा नियमानुसार घोषणा-पत्र दिए जाने की स्थिति में प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया।
इसी प्रकार Existing Load एवं Applied Load में अंतर को भी ऋण अस्वीकृति का आधार नहीं बनाने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों का समाधान अधिकतम 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करें।
दो लाख रुपये से अधिक की राशि के संबंध में प्रचार-प्रसार का निर्देश
बैठक में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा यह विषय उठाया गया कि दो लाख रुपये तक के ऋण में क्रेडिट स्कोर संबंधी आवश्यकता नहीं है, जबकि दो लाख रुपये से अधिक की ऋण राशि में क्रेडिट स्कोर की आवश्यकता होती है। इस पर जिला पदाधिकारी ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि यदि दो लाख रुपये से अधिक की राशि की आवश्यकता है तो अतिरिक्त राशि के संबंध में लाभार्थी द्वारा स्वयं भुगतान किए जाने के विकल्प की जानकारी देने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थी केवल इस कारण योजना से वंचित न हों।
आगामी चार दिनों तक सभी प्रखंडों में विशेष शिविर
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि बुधवार से शनिवार तक लगातार चार दिनों तक सभी प्रखंडों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में सभी संबंधित बैंकों के प्रतिनिधियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। शिविरों में नए आवेदन बढ़ाने के साथ-साथ लंबित आवेदनों, अस्वीकृति के कारणों तथा तकनीकी एवं बैंकिंग समस्याओं का मौके पर समाधान करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने जीएम डीआईसी को सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों से समन्वय स्थापित कर शिविरों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा इसकी पूरी जानकारी जिला पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही आगामी चार दिनों के शिविरों में बिल करेक्शन से संबंधित गतिविधियों को भी शामिल करने की योजना बनाने को कहा गया।
कनीय अभियंतावार लक्ष्य निर्धारण एवं प्रगति समीक्षा
जिला पदाधिकारी ने जिले के 19,000 इंस्टॉलेशन के लक्ष्य को सभी संबंधित क्षेत्रों/प्रखंडों में विभाजित कर कनीय अभियंतावार लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्युत अभियंताओं को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कनीय अभियंतावार लक्ष्य का समुचित वितरण कर उसकी नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रत्येक स्तर पर प्रगति की साप्ताहिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैंक समन्वय एवं जीएमडीआईसी को विशेष निर्देश
बैठक के क्रम में जिला पदाधिकारी ने जीएमडीआईसी को निर्देश दिया कि जब भी सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अपने-अपने ब्रांच मैनेजर से वीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से वार्ता करेंगे, उस दौरान जीएमडीआईसी भी अनिवार्य रूप से उससे कनेक्ट रहेंगे। इससे समन्वय और अधिक प्रभावी होगा तथा वास्तविक स्थिति की त्वरित जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी वस्तुस्थिति की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से जिला पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए, ताकि योजना की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
बैंकों की उदासीनता पर होगी कार्रवाई
जिला पदाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है और इसकी प्रगति हर हाल में सुनिश्चित की जानी है। योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर बैंक की उदासीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी बैंक द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं किया जाता है तो इस संबंध में उच्च स्तर को भी जिला प्रशासन की ओर से अवगत कराया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से अलग-अलग चर्चा करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि आवेदन की संख्या कम तथा अस्वीकृति और लंबित मामलों की संख्या अधिक क्यों है। बैंकवार स्थिति का विश्लेषण करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंक एवं अधिकारियों को किया जाएगा सम्मानित
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिन बैंकों के डीसीओ, संबंधित अधिकारी एवं अन्य कर्मी योजना के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें जिला प्रशासन की ओर से रिकॉग्नाइज किया जाएगा तथा प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, कार्य में उदासीनता एवं असहयोग बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बिहार ग्रामीण बैंक की जिले में स्थित लगभग 80 शाखाओं के माध्यम से अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने बैंकवार आवेदन एवं रिजेक्शन की स्थिति की भी समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट कारण बताने को कहा। उन्होंने पोर्टल पर Reason for Rejection तथा लंबित आवेदनों के कारणों को भी अनिवार्य रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं जवाबदेह बनी रहे।
उन्होंने एचडीएफसी तथा केनरा बैंक को कड़ी चेतावनी देते हुए सख्त शब्दों में कहा कि यदि इस योजना में उनके द्वारा उदासीनता बरती गई,कोई प्रगति नहीं दिखाई गई तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने अंत में सभी संबंधित विभागों एवं बैंक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना की प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि सारण जिले के निर्धारित 19,000 इंस्टॉलेशन के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जा सके और अधिक से अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल सके।