विकास कार्यों में तेजी लाएं, आमजन की समस्याओं का समाधान हो प्राथमिकता- बिरला,लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा
बूंदी, 4 जून। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को जिले में संचालित विकास कार्यों और बजट घोषणाओं की क्रियान्विति को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का समाधान करना है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक शत-प्रतिशत पहुंचे।
गत वर्ष जिले में आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित गांवों झालीजी का बराना, ख्यावदा, मालियों की बाड़ी (रिहाणा), पचीपला, खेडिया दुर्जन और बोरदा काछियान में मुआवजे में आ रही रुकावटों को दूर किया जाए। जो प्रकरण शेष हैं, उन्हें तुरंत ऑनलाइन करवाया जाए ताकि मुआवजे की अग्रिम कार्यवाही तेजी से हो सके। इसके अलावा, आमजन की सुविधा के लिए जन्म प्रमाण पत्र सीधे चिकित्सा संस्थान से ही प्राप्त होने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए।
विकसित भारत 2047 के विजन के तहत 'गणेशपुरा भील' को एक मॉडल (पायलट) गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए घर-घर सर्वे कर हर नागरिक को सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। बिरला ने निर्देश दिए कि एनएफएसए में आधार सीडिंग, जन आधार मैपिंग, पालनहार, विधवा पेंशन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ हर एक पात्र व्यक्ति को मिलना चाहिए। इसके लिए सभी जिम्मेदार अधिकारी व्यक्तिगत रूप से प्रयास करें।
बूंदी शहर के विकास को लेकर बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। पुरानी कृषि उपज मंडी में प्रस्तावित नवीन बस स्टैंड के लंबित कार्यों में गति लाने को कहा गया है। जिले में पर्यटन को पंख लगाने के लिए बीजासन माता रोपवे, रामसागर झील का सौंदर्यीकरण और नवल सागर झील पर लाइट एंड साउंड शो शुरू करने पर जोर दिया गया। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (आरवीटीआर) और जैतसागर में 'विलेज टूरिज्म' को प्रोत्साहित करने तथा टाइगर सफारी के लिए आरवीटीआर में स्थित गांवों की विस्थापन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर की सफाई व्यवस्था और संसाधनों की कमी पर बात करते हुए बिरला ने नगर परिषद बूंदी को संसाधनों के प्रस्ताव भिजवाने और आपसी तालमेल से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि जिले में चारागाह और सिवायचक (सरकारी) भूमि पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर परिषद क्षेत्र में ऐसी जमीनों को तुरंत प्रभाव से अतिक्रमण मुक्त कर वहां सरकारी भूमि होने का बोर्ड लगाया जाए। बैठक में हुडको से प्राप्त ऋण राशि से करवाए जा रहे स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने रामगढ विषधारी में पर्यटन को बढावा देने के लिए वन विभाग द्वारा तैयार करवाई गई डाॅक्यूमेंट्री को जारी किया और ब्रोशर का अनावरण भी किया।
बैठक में जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव, पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, डीएफओ आरवीटीआर अरूण डी कुमार, उपवन संरक्षक ए.एन. गुप्ता, अतिरिक्त निजी सचिव राजेश डागा, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा आदि मौजूद रहें।